बुधवार, 25 जनवरी 2012

Journalisam / वर्तमान हालात और मीडिया की जिम्मेदारी







लोकतंत्र के तीन मुख्य स्तम्भ है विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका और लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में सर्वजन ने प्रेस अर्थात मीडिया को स्वीकार किया है। वर्तमान में अगर हम सारी व्यवस्था पर नजर डालें तो पता चलता है कि लोकतंत्र के इस चौथे स्तमभ ने बाकी तीनों स्तम्भों पर हावी होने की कोशिश की है। वर्तमान में मीडिया अपना जो चेहरा पेश कर रहा है वह अब अपने खतरनाक रूप में सामने आ रहा है। मीडिया...
By Prem Prakash  Hamid Mir, Editor of Islamabad based Geo TV Channel of Pakistan who had confirmed the fact that Ajmal Amir Kasab, the lone terrorist captured in Mumbai during the terrorists attacks on November 26, was indeed from Pakistan, was asked a question by the students of journalism in Lahore to explain the difference between patriotic journalism and real journalism? This is one question that is being raised in India as well following the manner in which reporting of Mumbai mayhem was handled by the Indian Media. India Media allegedly went overboard in...


भारत का लगभग सारा मीडिया और विशेष रूप से इलैक्ट्राॅनिक चैनल पिछले दो माह से विशेष सुर्खियों के साथ एक मर्डर केस के पीछे लगा हुआ है और देश भर के सारे चैनल इस खबर को दिखाते नहीं थक रहे कि आरूषि की हत्या कैसे हुई होगी और क्या क्या हुआ होगा। इस सारे प्रकरण में पचास दिन पहले आरूषि के पिता को अपनी पुत्री की हत्या के आरोप में नोयडा पुलिस द्वारा गिरफतार किया गया और पिछले पचास दिनों से देश भर के मीडिया ने जमकर आरूषि के पिता डाक्टर राजेश...


पत्रकारिता क्या है? मुद्रण - माध्यम हो या वैद्युतिक श्रव्य - दृश्य माध्यम - पत्रकारिता क मूल प्रयोजन अपने समय और परिवेश में जो कुछ घटित होता है, उसे एक व्यापक जन-समूह तक सम्प्रेषित करना होता है। लेकिन सम्प्रेषण का यह कर्म केवल सम्प्रेषण मात्र नहीं रहता क्योकिं यह प्रत्यक्ष जिवन्त और अन्तर्वैयक्तिक सम्प्रेषण नहीं है जिसमें एक किसी अन्य को आमने-सामने कुछ बता रहा होता है। यन्त्र के हस्तक्षेप और उस के लिए आवश्यक ससाधनों को जुटाने की जरुरत ने पत्रकारिता को - कहें की सम्प्रेषण-कर्म को-एक आर्थिक और...

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