शुक्रवार, 27 जनवरी 2012

हिंदी में टाइप करना अब और भी आसान !


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अगर आपके कंप्यूटर में हिंदी की सुविधा मौजूद नहीं है, तब भी आप इंटरनेट पर मौजूद सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए हिंदी में काम कर सकते हैं। ईमेल भेजने से लेकर ब्लॉग बनाने तक और यहां तक कि लेख लिखने का काम भी ऑनलाइन हिंदी टूल्स की मदद से किया जा सकता है। इसके लिए न तो आपको सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की जरूरत है और न ही इंस्टॉलेशन का कोई झंझट। पूरी जानकारी दे रहे हैं बालेंदु शर्मा दाधीच :
हिंदी यूजर्स को टाइपिंग की सुविधा मुहैया कराने के लिए कई कंपनियों, संस्थानों और तकनीकी स्वयंसेवकों ने पहल की है। नेट पर मौजूद इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए कंप्यूटर में फॉन्ट डाउनलोड करने की भी जरूरत नहीं होती। बस वेबसाइट खोलिए और टाइपिंग शुरू कर दीजिए। जैसा कि हिंदी में होता आया है, ऑनलाइन टूल्स पर भी कई तरह के कीबोर्ड लेआउट हैं। हालांकि इन पर ट्रांसलिटरेशन (रोमन में टाइप करते हुए हिंदी में टेक्स्ट देखना) कीबोर्ड ज्यादा लोकप्रिय है, क्योंकि ऑनलाइन टाइपिंग सुविधा का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग वही हैं, जिनके कंप्यूटर में हिंदी की बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं और जो हिंदी में मानक तरीके से टाइपिंग करना नहीं जानते। ऐसे लोगों के लिए कीबोर्ड पर छपे अंग्रेजी अक्षरों को देखते हुए रोमन में टाइप करना आसान होता है। ऑनलाइन ठिकानों पर टाइप किए गए हिंदी टेक्स्ट को कॉपी कर जरूरत के लिहाज से कहीं भी पेस्ट किया जा सकता है।
क्विलपैड
चेन्नै की टेकियोन टेक्नॉलजीज का यह ऑनलाइन ऐप्लिकेशन हिंदी में काम करने के इच्छुक लोगों के बीच लोकप्रिय है। इसके छोटे रूप आपको कई हिंदी वेबसाइटों पर दिख जाएंगे, जिनका इस्तेमाल हिंदी में यूजर रेस्पॉन्स पाने के लिए किया जाता है। यह ट्रांसलिटरेशन पद्धति पर आधारित है। क्विलपैड का दावा है कि यह यूजर्स के टाइपिंग पैटर्न का अध्ययन करते हुए उन्हें अपने डेटाबेस में डालता जाता है। बाद में जब दूसरे यूजर उन्हीं शब्दों को टाइप करना चाहते हैं तो पिछले पैटर्न को उपलब्ध करा देता है। इसे यूं समझा जा सकता है। हिंदी शब्द ‘भारत’ लिखने के लिए रोमन में bhaarat भी टाइप किया जा सकता है और bharat भी। इसी तरह हिंदी शब्द ‘श्री’ लिखने के लिए रोमन में तीन शब्द टाइप किए जा सकते हैं और तीनों का हिंदी में एक ही ढंग से कन्वर्जन होगा। ये रोमन शब्द हैं – shree, shri और sri. ऐसा इसलिए मुमकिन हुआ क्योंकि क्विलपैड ने लोगों के टाइपिंग पैटर्न पर नजर रखते हुए उन्हें अपने डेटाबेस में शामिल कर लिया।
क्विलपैड ने अब एक ऑनलाइन एडिटर भी उपलब्ध कराया है, जिससे नई फाइलें बनाना और उन्हें उसकी वेबसाइट पर ही सहेज लेना आसान हो गया है। यानी टाइप किए गए टेक्स्ट को कट-पेस्ट कर अपने पास रखने की समस्या से छुटकारा। टाइप किए गए टेक्स्ट को वेबसाइट से ही दूसरे लोगों को ईमेल भी किया जा सकता है। वेबसाइट है : http://www.quillpad.in
यूनिनागरी
अमेरिका में रहने वाले वरिष्ठ हिंदी ब्लॉगर रमन कौल ने कुछ साल पहले यूनिनागरी के नाम से सरल ऑनलाइन टाइपिंग ऐप्लिकेशन उपलब्ध कराया था। समय बीतने के साथ उसके फीचर्स बढ़ते गए और अब यह वेबसाइट हिंदी में चार तरीके से टाइपिंग करने की सुविधा देती है – सेमी-फोनेटिक (सीमित ट्रांसलिटरेशन), इनस्क्रिप्ट (भारत का मानक कीबोर्ड लेआउट), रेमिंगटन (पुराने ढंग से टाइप करने का तरीका) और सुषा (एक खास फॉन्ट जो रोमन में लिखते हुए हिंदी टाइपिंग की सुविधा देता है। इसका अपना रोमन-देवनागरी कन्वर्जन फॉर्म्युला है)। यूनिनागरी का इस्तेमाल करने के लिए यहां जाएं : kaulonline.com/uninagari
यूनिनागरी पर हिंदी के अलावा गुजराती, बांग्ला, गुरमुखी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, मलयालम और उर्दू में टाइप करने की सुविधा भी है। यूनिनागरी में इस्तेमाल होने वाले कीबोर्ड का चित्र भी साइट पर है, जिससे टाइपिंग के समय मदद ली जा सकती है।
लिपिक.इन
यह ऑनलाइन ऐप्लिकेशन आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र अमित जैन ने बनाया है जो फिलहाल लंदन में रहते हैं। यह भी बुनियादी तौर पर यूनिनागरी की ही तर्ज पर काम करता है लेकिन इसमें आटिर्फिशल इन्टेलिजेंस का भी इस्तेमाल हुआ है। किसी भी शब्द का पहला अक्षर टाइप करते ही यह आगे के अक्षरों का अनुमान लगाकर उन्हें सुझाता है। अगर आप सुझाए गए शब्दों में से ही कोई शब्द टाइप करना चाहते हैं, तो उन पर क्लिक कर दीजिए, आगे के अक्षर टाइप करने की जरूरत नहीं रहेगी। इस ऐप्लिकेशन में दिए गए ऑनलाइन कीबोर्ड पर माउस से क्लिक करते हुए भी टाइप किया जा सकता है। लिपिक में हिंदी के तीन कीबोर्ड मौजूद हैं – इनस्क्रिप्ट, रेमिंगटन और एंग्लो-नागरी। इनमें से एंग्लो-नागरी लगभग वैसा ही है, जैसा यूनिनागरी का सेमी-फोनेटिक कीबोर्ड है। लेकिन शब्दों को सुझाने की क्षमता इसे खास बनाती है। यह ऐप्लिकेशन सात भारतीय भाषाओं में काम करने में सक्षम है और अंग्रेजी, चीनी (मंदारिन), वियतनामी और फारसी में भी टाइपिंग की सुविधा देता है। लिपिक के जरिए हिंदी में टाइप करने के लिए यहां जाएं : lipik.in/hindi.html
ई-कलम
हिंदी सर्च इंजन ‘रफ्तार’ ने ई-कलम के नाम से ऑनलाइन टाइपिंग की सुविधा मुहैया कराई है। हालांकि यहां यूनिकोड हिंदी में टाइप करने के लिए सिर्फ इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड लेआउट ही इस्तेमाल होता है। कुछ दूसरे लोकप्रिय फॉन्ट्स में भी टाइप करने की सुविधा यहां मौजूद है, जैसे कृति, सुषा, चाणक्य आदि। लेकिन इनमें टेक्स्ट टाइप करते समय आपको उस फॉन्ट में टाइप करने के मूल तरीके की जानकारी होनी चाहिए। इस वेबसाइट पर फॉन्ट कन्वर्जन की सुविधा भी दी गई है। ई-कलम यहां है : ekalam.raftaar.in
हिंदी कलम
ट्रांसलिटरेशन पद्धति पर आधारित इस ऐप्लिकेशन में स्क्रीन को रोमन और देवनागरी दो भागों में बांटा गया है। स्क्रीन के बायीं ओर बॉक्स में पूरा रोमन शब्द टाइप होते ही दायीं ओर उसका देवनागरी रूप अपने आप आ जाता है। यूजर की मदद के लिए हिंदी अक्षरों को टाइप करने के लिए रोमन के कॉम्बिनेशंस का ब्यौरा भी इसी पेज पर है। ऑटो-सजेस्ट की सुविधा भी है जो यूजर को पूरा शब्द टाइप होने से पहले ही अनुमानित शब्द सुझा देती है। साइट स्पेलिंग चेक करने की भी सुविधा मुहैया कराती है, लेकिन इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउजर पर इसे खोलने में मुश्किल होती है। हालांकि फायरफॉक्स में वेबसाइट मजे से चलती है। साइट पर यहां से जा सकते हैं http://hindikalam.co


साभार: एनबीटी

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