शुक्रवार, 20 जनवरी 2012

संचार शोध


संचार शोध

संचार शोध में संचार प्रक्रिया – संचार के विभिन्न तत्वों और उनके बीच की अन्तर्क्रिया – का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। वैज्ञानिक अध्ययन का तात्पर्य यह है कि संचार शोध वस्तुनिष्ठ निश्चयवादी और प्रणालीबद्ध खोज है।
संचार शोध की प्रकृति अन्तर अनुशासनिक है और यह सिद्धांत और प्रविधि दोनों ही मामलों में समाज और व्यवहारिक विज्ञान से निर्देशित होता है।
संचार शोध का स्वरुप
1 संचारक स्त्रोत विश्लेषण
संचारक और उसके वे गुण जो प्रभावी संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निबाहते हैं, संचार शोधार्थियों को आकर्षित करते रहे हैं जैसे संचारक स्त्रोत की विश्वसनीयता, विशेषज्ञता, उद्देश्य और आकर्षण का आडियंस पर प्रभाव पड़ता है।
2 संदेश विश्लेषण
संदेश की अंतर्वस्तु का विश्ल्षण करना और इसका संचार के अन्य तत्वों के साथ संबंध खासकर लोगों के व्यवहार, मनोवृतियों और मुल्यों पर प्रभाव का अध्ययन संतार शोध का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसे अंतर्वस्तु को शैली, विस्तार, पाठनीयता, प्रभाव, तर्कशीलता और अन्य विशेषताओं के आधार पर जांचा जाता है।
3 चैनल विश्लेषण
विभिन्न प्रकार के चैनलों या संचार माधायमों की विशेषताओं उनका शक्तियों और सीमाओं, उनकी पहुंच और प्रभाव का अध्ययन भी संचार शोध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
4 आडियंस शोध
आडियंस की विशेषताओं जैसे उसका आकार गठन भौगोलिक वितरण रुचियों मनोवृत्तियों विचारों और व्यवहार (प्रतिक्रिया) का अध्ययन संचार शोध की दिलचस्पी का प्रमुख क्षेत्र रह है।
पाठक सर्वेक्षण और कार्यक्रम की रेटिंग जैसे टीआरपी ऐसे शोध का उदाहरण है।
5 प्रक्रिया और प्रभाव शोध
संचार माध्यमों के प्रभाव (विशेषकर संचार प्रक्रिया के विभिन्न तत्वों) का विभिन्न स्तरों – पहुंच व संपर्क व्यापकता समझ या बोध स्मृति बोध स्वीकृति और कार्रवाई पर अध्ययन संचार शोध का महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

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