शुक्रवार, 27 जनवरी 2012

व्यक्ति तथा समाज के बीच संवाद का माध्यम है पत्रकारिता


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सिरसा। हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस् के 29वें अधिवेशन में मिड टाऊन ग्रेंड हिसार के सभागार में यूनियन के प्रादेशिक चुनाव व्यवसायिक स्तर में हुए। सर्व सम्मति से प्रदेशाध्यक्ष बलजीत सिंह सिरसा, प्रदेश महासचिव राजेश गुप्ता अंबाला व प्रदेश कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र मेहता यमुनानगर चुने गए। इस आशय की घोषणा करते हुए यूनियन के प्रदेश चुनाव हेतु चुनाव अधिकारी भूपेन्द्र धर्माणी ने 31 प्रदेश कार्य समिति के सदस्यों की घोषणा की । चुने गए सदस्यों में मनमोहन कथूरिया, लोकेश जैन, रोहतक, देवीदयाल शर्मा अंबाला, हीरा सिंह, के.एल. छाबड़ा, संसार भूषण सिरसा, श्रीमती रीता सैनी, ऋषि सैनी हिसार, आंनद भार्गव, दीपक मेहता, गुरजीत मान, डॉ. राजेश दीप गोयल, बी.डी वर्मा, अजय मल्होत्रा, महासिंह, राममहेर, बलराम शर्मा, अनिल दत्ता, सुरेन्द्र, प्रवीण, नीतिन, सुभाष अरोड़ा, प्रवेश गहलोत, सुरेन्द्र पवार, विजय कौशिक, राजबीर, एल.सी. वालिया, जगन्नाथ गौतम, आर.पी. वशिष्ट, संजीव चौधरी, विजय मेहता, रामभारती सहित अन्य सदस्य शामिल थे।


उपस्थिति
इस कार्यक्रम मे मुख्यातिथि के तौर पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा अध्यक्षता, पंजाब केसरी के संपादक अश्विनी कुमार, विधायक सावित्री जिंदल, संपत सिंह, जयप्रकाश, मुख्यवक्ता के तौर पर पधारे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता  विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति राधेश्याम शर्मा, सुप्रसिद्ध अधिवक्ता पी.के पंधीर, चंडीगढ़ प्रैस क्लब के पूर्व उपाध्यक्ष हरेश वशिष्ट, पत्रकार सोमनाथ शर्मा, भूपेन्द्र धर्माणी।


ये बोले मुख्यमंत्री जी


हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पत्रकारिता व्यक्ति तथा समाज के बीच संवाद का माध्यम है। पत्रकार पत्रकारिता के माध्यम से समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालकर  लोगों में देश भक्ति की भावना को मजबूत कर सकते हैं, जिस प्रकार स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू जैसे अनेक नेताओं ने पत्रकारिता के माध्यम से लोगों में आजादी प्राप्त करने के लिए देश भक्ति की भावना का जज्बा पैदा किया था।
श्री हुड्डा रविवार को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट द्वारा हिसार में आयोजित 29वें राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज प्रौद्योगिकी का जमाना है। मीडिया में बदलाव आ रहा है। लोकतंत्र के चार स्तम्भों में मीडिया का स्वतंत्र होना आवश्यक है, तभी एक मजबूत प्रजातंत्र का अस्तित्व रह सकता है। आजादी की लड़ाई के समय भी समाचार पत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मेरे पिताजी स्वर्गीय चौधरी रणबीर सिंह एक स्वतंत्रता सैनानी के साथ-साथ एक पत्रकार भी थे। उस समय पत्रकारों का लक्ष्य पैसा न कमाकर लोगों में देश भक्ति की भावना पैदा करने के लिए जानकारी देना था,स्वतंत्रा आन्दोलन के समय पत्रकार व राजनैतिक एक दूसरे के पूरक थे,परन्तु आज मीडिया सबसे आगे, सबसे पहले, सबसे तेज की होड़ में टीआरपी बढाने के चक्कर में विज्ञापन लेने की दौड़ में अपने लक्ष्य से भटक जाते है, जो सही नहीं है। समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, इस बारे सभी पत्रकारों आत्ममंथन करना चाहिए। पत्रकारिता समाज व धर्मों को जोडऩे के लिए करनी चाहिए। पत्रकार की कलम न झुकनी चाहिए, न रूकनी चाहिए, पर मै तो कहूंगा कि यह भटकनी भी नहीं चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञापन के रूप में खबर, विशेषकर चुनावों के समय प्रकाशित  खबरनुमा विज्ञापन पाठकों को गुमराह करते हैं। श्री हुड्डा ने कहा कि इसका तो वे स्वयं वर्ष 2004 के लोकसभा चुनावों में भुगतभोगी रहें हैं। पत्रकार को बेअसुली बात नहीं लिखनी चाहिए, खबर किसी के पक्ष में या किसी के विरोध में लिखते समय पत्रकार को इसे तथ्यों पर आधारित बनाने का प्रयास करना चाहिए। पत्रकार को यह भी सोचना चाहिए कि सम्बन्धित समाचार का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसके साथ-साथ लोगों की भावनाओं का भी ख्याल रखा जाना चाहिए।
श्री हुड्डा ने पत्रकारों से आहवान किया कि पत्रकारिता के पेशे में उन्हें देश को भी प्राथमिकता देनी पड़ेगी। आज देश में कोई घटना घटती है, तो इलैक्ट्रोनिक मीडिया बड़े जोर-जोर से प्रचार करने लग जाता है, जबकि विदेशों में बड़े-बड़े हादसे हो जाते हैं, परन्तु दुर्घटना के शिकार लोगों के मृत शरीर वहां चैनलों पर खबरों में दिखाई नहीं देते, बल्कि हादसे निपटने के लिए सभी तनमन से जुट जाते हैं। श्री हुड्डा ने कहा कि एक पत्रकार को,प्रसिद्ध पत्रकार क्पिलिंग के छ: वाक्य क्या-क्यूं, कब-कैसे तथा कहां-कौन को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए, परन्तु आज हर अखबार का जिला स्तर पर पृष्ठ होने के कारण पत्रकार पृष्ठ भरने के चक्कर में रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सदैव मीडियामैत्री रहे हैं, चाहे वे विपक्ष के नेता रहें हों, सांसद रहे हों या आज मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने पत्रकारों को अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं। हाऊसिंग बोर्ड के मकानों में ढेड प्रतिशत का आरक्षण मीडिया के लोगों के लिए उपलब्ध करवाया है। पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना की गई है। मान्यता प्रदान करने के नियमों को सरल किया है और मान्यता प्रदान करने वाली कमेटी ने खंड स्तर तक को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके अलावा पत्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए जीवनपर्यन्त व उत्कृष्ट पत्रकारिता के पुरस्कारों की राशि में वृद्धि की गई है और हर वर्ष ये पुरस्कार प्रदान करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। एक अच्छे पत्रकार को समाज में अपनी विश्वस्नीयता से ही पहचान मिलेगी। प्रजातंत्र के चारों स्तंभ एक-दूसरे के पूरक हैं, जिस स्तंभ का जो भी कार्य है, उसे अपने स्तर पर करने की स्वतंत्रा होनी चाहिए। न्यायपालिका के कई मामलों में केसों का मीडिया ट्रायल हो जाता है, जो अदालती निर्णयों को प्रभावित करते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए।
श्री हुड्डा ने अपनी इजरायल दौरे का स्मरण कराते हुए कहा कि हरियाणा से आधा क्षेत्रफल और कम आबादी तथा उपजाऊ जमीन न होने के बावजूद भी इजरायल देश अपनी सब्जियों व फलों के कुल उत्पादन का 60 प्रतिशत निर्यात करता है। मैने अपने दौरे के दौरान इस बात का पता लगाने की कौशिश की और पता चला की वहां के लोगों में देश भक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। देश भक्ति की भावना पाकर ही हम ऐसे मुकाम तक पहुंच सकते हैं। श्री हुड्डा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थॉमस जैफर्सन के ‘ If I am asked to choose between the press without the government and the government without the press, I will choose the former,’ शब्दों का स्मरण भी करवाया।


समारोह को पंजाब केसरी के प्रधान सम्पादक श्री अश्विनी कुमार, माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के संस्थापक कुलपति व दैनिक ट्रिब्यून के पूर्व सम्पादक श्री राधेश्याम शर्मा, प्रसिद्ध अधिवक्ता पी के संधीर, यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष सोमनाथ शर्मा ने वर्तमान समय में ‘मीडिया की भूमिका’ विषय पर अपने-अपने विचार व्यक्त किये। समारोह की अध्यक्षता विधायक श्रीमती सावित्री जिन्दल ने की।


मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक पत्रकारों को सम्मानित भी किया। इनमें अमर उजाला के चण्डीगढ में ब्यूरो प्रमुख डा. सुरेन्द्र धीमान व हरियाणा न्यूज के ब्यूरो चीफ श्री राकेश गुप्ता मुख्य रूप से शामिल थे। श्री हुड्डा ने हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट को अपने स्वैच्छिक कोष से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की और रखी गई मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन भी दिया।


श्री बलजीत सिंह ने बताया कि हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट की स्थापना 1974 में श्री श्याम खोसला द्वारा की गई थी और वर्तमान में इसके सदस्यों की संख्या 1006 तक पहुंच गई है।


About Huj
हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स प्रदेश का एक मात्र लोकतांत्रिक परम्पराओं तथा मूल्यों पर आधारित पत्रकारों का संगठन है। इस संगठन के 29वें अधिवेशन के सुअवसर पर यूनियन के सभी सदस्यों का इस उपलक्ष्य में यूनियन की गतिविधियों एंव कार्यकर्ताओं की समीक्षा का एक पारम्परिक महत्व है। जंहा संगठन की कार्यकारणी का चुनाव इस अवसर पर संगठन की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है वहीं नई सोच, दिशा और  नेतृत्व से संगठन संतुष्ट होता है। 1974 में प्रदेश के सुप्रसिद्ध पत्रकार श्री श्याम खोसला द्वारा रोपित किया गया यह पौधा आज वटवृक्ष का रूप ले चुका है। इसका इस मुकाम तक पहुंचाने में सभी साथियों के सहयोग एंव स्न्नेह का भरपूर योगदान रहा है जिसके लिए संगठन उनका ऋणी है। आज संगठन के 1000 से भी अधिक सदस्य यूनियन की गतिविधियों के प्रति प्रदेश के पत्रकारिता जगत में बढ़ रहे विश्वास का परिचायक है।
मित्रों आज लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की गरिमा और मजबूती को बचाए रखना चुनौती बन गया है। इस चुनौती पूर्ण कार्य में मीडियाक र्मियों को जिस प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है  वह वास्तव में चिंता का विषय है। राजनेताओं, धनकुबेरों तथा बाहुबलियों द्वारा मीडियाकर्मियों को अपने ही मनमाफिक चलाने का प्रयास भी अत्यंत चिंतनीय है। मीडियाकर्मियों को इन चुनौतियों को दूर एकजुट होकर करना होगा। इन परिस्थियों का मुकाबला करने के लिए हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स  जैसा लोकतांत्रिक संगठन सतत प्रयासरत है।
यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स प्रदेश का एकमात्र ऐसा संगठन है जो अपने सदस्यों के लिए समय-समय पर अनेक प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं देता रहा है। यूनियन के सदस्यों के  लिए शैक्षिणिक भ्रमण तथा कार्यशालाओं का आयोजन संगठन के सदस्यों को मीडिया के क्षेत्र में ही नहीं अन्य क्षेत्रों में भी नवीनतम शोधों से अवगत करवाने में सहायक सिद्ध होता है। यह प्रक्रिया प्रारम्भ किए जाने के प्रयास सिरसा से शुरू हो चुके है। उन्हें प्रदेश के अन्य जिलों में भी शुरू करवाया जाएगा। यूनियन द्वारा अपने क्षेत्र में उल्लेखनिय योगदान देने वाले पत्रकारों के सम्मान के लिए भी परम्परा इस वर्ष शुरू की जा रही है। यूनियन की तीन दशकों से भी अधिक की यात्रा में जिन साथियों द्वारा यूनियन का दायित्व संभाला है उन्हें हर वर्ष यूनियन की ओर से उनकी सेवाओं तथा योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है।
साथियों यूनियन की वर्तमान कार्यकारणी का कार्यकाल गत वर्ष जून माह में समाप्त हुआ। संविधान के अनुसार कार्यकाल समाप्ति के तीन माह के अंतराल में नई कार्यकारणी के चुनाव की प्रकिया प्रारम्भ कर एक नई स्वरूप परम्परा की नींव डाली गई थी जो संगठन के लोकतांत्रिक आदेशों को और मजबूत करते परन्तु किन्हीं अपरिहार्थ कारणों से यह विलम्भ हुआ। यूनियन की गतिविधियों को और सुचारू बनाने के लिए यूनियन की नवगठित प्रदेश कार्यकारणी का कार्यकाल एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष करने का प्रस्ताव प्रदेश कार्यकारणी ने पास किया है। नई कार्यकारणी को यूनियन की सदस्यों का स्न्नेह, सहयोग पूर्ववत जारी रहेगा ऐसा विश्वास करते है और नए पदाधिकारी अपने चिंतन एंव मार्गदर्शन से यूनियन को नए आयाम तक पहुंचाऐंगे, ऐसी शुभ कामनाएं करते हैं।

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