सोमवार, 13 अगस्त 2012

समिधा फाउंडेशन

हिन्दी कंप्यूटर शिक्षा

37. डेटा संचार (Data Communication)

डेटा संचार (Data Communication)
डेटा संचार दो या दो से अधिक कंप्यूटर केन्द्रों के बीच डिजिटल (ऐसी प्रणाली जिसमे मुख्य से डाटा अदान-प्रदान के लिए अंक का उपयोग किया जाता है) या एनालॉग (ऐसी प्रणाली जिसमे विद्युत संकेतों का प्रयोग डाटा अदान-प्रदान के लिए किया जाता है) डेटा का स्थान्तरण है, जो आपस मे संचार चेनल से जुड़ा होता है.
डेटा संचार के लाभ
-    डेटा को भौतिक रूप से भेजने मे तथा सेट तैयार करने मे लगने वाले समय की बचत
-    आधुनिक कंप्यूटर के प्रोसेसिंग शक्ति तथा संग्रहण क्षमता का पूर्ण उपयोग.
-    फाइल से सूचनाओं की तीव्र प्राप्ति.
-    फाइलों के नक़ल से बचाव
-    कम खर्च मे डेटा का अदान-प्रदान
संचार चेनल के प्रकार -
१. सिम्पलेक्स चेनल (Simplex Channel) -
A————>B
इसमें डाटा का प्रवाह बस इक ही दिशा मे होता है. जैसे – रेडियो स्टेशन से रेडियो सिग्नल श्रोताओं के पास पहुचता है, पर श्रोता वापस उस सिग्नल को रेडियो स्टेशन नहीं भेज सकता. इसमें सिग्नल बस A से B की दिशा मे ही जाता है.
२. अर्द्ध डुप्लेक्स चेनल (Half Duplex Channel)-
————————->
A                                              B
<————————-
इस चेनल मे डाटा का प्रवाह दोनों दिशाओ मे होता है. परन्तु एक समय मे किसी एक ही दिशा मे डाटा का प्रवाह होता है. अर्थात A से  B की ओर या फिर  B से  A की ओर. जैसा टेलीफोन मे होता है.
३. पूर्ण डुप्लेक्स चेनल (Full Duplex Channel)-
——————————->
A <—————————-B
——————————->
B —————————->A
इस  चेनल मे डाटा का प्रवाह दोनों दिशाओं मे एक साथ होता है. एक ही समय मे डेटा A से B की ओर  या  B से  A की ओर भेजा जाता हैं. जैसा के कंप्यूटर इन्टरनेट सेवा मे होता है.

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