शुक्रवार, 27 जनवरी 2012

पत्रकारिता : एक नजर में / अर्थ और परिभाषा


पत्रकारिता के लिए अंग्रेजी में जर्नलिज्म शब्द का इस्तेमाल होता है, यह शब्द जर्नल से निकला है। इसका शाब्दिक अर्थ है- दैनिक। दिन प्रतिदिन के क्रियाकलापों, सरकारी बैठकों का विवरण जर्नल में रहता है। यानी दैनिक गतिविधियों का विवरण है जर्नलिज्म। समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के संपादन और लेखन और उससे जुड़े कार्यों को पत्रकारिता के अंतर्गत रखा जाता है। या यों कहें कि समाचारों का संकलन-प्रसारण विज्ञापन की कला और व्यवसायिक प्रबंधन पत्रकारिता है। सामयिक संचार से संबंधित सभी साधन चाहे वह रेडियो, टेलिवीजन हों या अखबार या पत्रिकाएं इसी के अंतर्गत आते हैं।
* महात्मा गांधी:- पत्रकारिता एक सामाजिक धर्म है और वह समाज के स्वास्थ्य के लिए है। जो बोला जाता है उसे लिखने की जरूरत नहीं । पर जो लिखा गया है उसे सही लिखने की जरूरत है।
* जवाहर लाल नेहरू – The press is one of the vital organs of modern life especially in a democracy. the press has tremendous power and responsibilities. the press must be respected
* लेस्ली स्टीफन :- पत्रकारिता उन विषयों पर लिखना है जिन पर जनता ज्ञानपूर्ण नहीं है।
* सी.जी. मूलर :- सामयिक ज्ञान का व्यवसाय ही पत्रकारिता है । इसमें तथ्यों की प्राप्ति, उनका मूल्यांकन और ठीक ठीक यानी वास्तविक प्रस्तुतिकरण होता है।
* चैम्बर डिक्षनरी :- प्रकाशन, संपादन, लेखन और प्रसारणयुक्त समाचार माध्यम का व्यवसाय ही पत्रकारिता है।
सूचना, ज्ञान या विचारों को समीक्षात्मक टिप्पणियों के साथ शब्द, ध्वनि और चित्रों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना ही पत्रकारिता है।
* इन्द्र विद्यावाचस्पति :- पत्रकारिता पांचवां वेद है जिसके द्वारा हम ज्ञान-विज्ञान संबंधी बातों को जानकर अपने बंद मस्तिष्क को खोलते हैं।
* एरिक हाडगीन :- पत्रकारिता यहां से वहां सूचनाओं को सच्चाई, गहराई और त्वरित गति के साथ भेजना है जिससे सत्य की सेवा होती है और विषयों के सही होने का स्वरूप धीरे धीरे प्रत्यक्ष होता है।
* डेली मिरर के लार्ड थामसन ने पत्रकारिता के बारे में लिखा है जनता को वह बताओ जो वह सुनना चाहती है।
* शब्दकोष के अनुसार लिखने का व्यवसाय पत्रकारिता है।
……आगे और कुछ जानेंगे – संपादक

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें