शनिवार, 28 जनवरी 2012

मीडिया को हिंदी संक्षेपाक्षरों से परहेज़ क्यों?








Written by प्रवीण कुमार जैन
Category: खेल-सिनेमा-संगीत-साहित्य-रंगमंच-कला-लोक
Published on 28 January 2012
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इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कारण हिंदी की ताकत तो बढ़ रही है पर साथ ही अंग्रेजी माध्यम से पढ़े जो लोग इन मीडिया समूहों के मालिक हैं और जिन्हें हिंदी से नहीं, बल्कि पैसे से सरोकार है हिंदी का सर्वमान्य स्वरुप बिगाड़ने में लगे हैं, कठिनता के नाम पर कई प्रचलित हिंदी शब्दों को इन टीवी चैनलों और समाचार-पत्रों ने अपनी ‘डिक्शनरी’ से निकाल फेंका है और तो और अब हिंदी चैनलों पर रोमन लिपि भी धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रही है. मुझे हिंदी से प्यार है इसलिए बड़ी खीझ उठती है, दुःख होता है. डर भी लगता है कि कहीं हिंदी के अंकों १,२,३,४,५,६,७,८,९ की तरह धीरे-२ हमारी लिपि को भी हकाला जा रहा है. आज हिंदी अंक इतिहास बन चुके हैं, पर भला हो गूगल का जिसने इनको पुनर्जीवित कर दिया है.


हिंदी संक्षेपाक्षर सदियों से इस्तेमाल होते आ रहे हैं, मराठी में तो आज भी संक्षेपाक्षर का प्रयोग भरपूर किया जाता है पर आज का तथाकथित हिंदी मीडिया इससे परहेज़ कर रहा है बल्कि इनके प्रयोग को हिंदी के प्रचार में बाधा मानता है, जो पूरी तरह से निराधार और गलत है. हिंदी हमारी अपनी भाषा है, इसके विकास की जिम्मेदारी हम सब पर है और मीडिया की ज़िम्मेदारी सबसे ऊपर है. मैं अनुरोध करूँगा कि नए-नए सरल हिंदी संक्षेपाक्षर बनाये जाएँ और उनका भरपूर इस्तेमाल किया जाये, मैं यहाँ कुछ हिंदी संक्षेपाक्षरों की सूची देना चाहता हूँ जो हैं तो पहले से प्रचलन में पर उनका प्रचार किया जाना चाहिए. मैं ये मानता हूँ कि बोलचाल की भाषा में हिंदी संक्षेपाक्षरों की सीमा है पर कम से कम लेखन की भाषा में इनके प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए और जब सरल हिंदी संक्षेपाक्षर उपलब्ध हो या बनाया जा सकता हो तो अंग्रेजी संक्षेपाक्षर का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए:


मैं अनुरोध करूँगा कि नए-नए सरल हिंदी संक्षेपाक्षर बनाये जाएँ और उनका भरपूर इस्तेमाल किया जाये, मैं यहाँ कुछ हिंदी संक्षेपाक्षरों की सूची देना चाहता हूँ जो हैं तो पहले से प्रचलन में पर उनका प्रचार किया जाना चाहिए.


राजनीतिक दल/गठबंधन:


तेदेपा : तेलुगु देशम पार्टी
अन्ना द्रमुक : अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम
द्रमुक : द्रविड़ मुनेत्र कषगम
भाजपा : भारतीय जनता पार्टी
राजग : राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन
संप्रग : संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन
रालोद : राष्ट्रीय लोक दल
बसपा : बहुजन समाज पार्टी
मनसे : महराष्ट्र नवनिर्माण सेना
माकपा : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी
भाकपा : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
राजद : राष्ट्रीय जनता दल
बीजद : बीजू जनता दल
तेरास : तेलंगाना राष्ट्र समिति
नेका : नेशनल कॉन्फ्रेस
राकांपा : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
लपा : लव पार्टी


संस्थाएँ :


अंक्रिप : अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद
संसंस : संयुक्त संसदीय समिति
आस : आयोजन समिति
मंस : मंत्री समूह
अंमुको : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
भाक्रिनिम : भारतीय क्रिकेट नियंत्रण मंडल/ बोर्ड
केंमाशिम : केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल/बोर्ड
व्यापम : व्यावसायिक परीक्षा मंडल
माशिम : माध्यमिक शिक्षा मण्डल
राराविप्रा : राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण
केअब्यू : केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो
मनपा : महानगर पालिका
दिमनपा : दिल्ली महानगर पालिका
बृमनपा : बृहन मुंबई महानगर पालिका
ऑटैम : ऑटोमेटिक टैलर मशीन
भाकृअप : भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद
भाखेम : भारतीय खेल महासंघ
भाओस : भारतीय ओलम्पिक संघ
मुमक्षेविप्रा : मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण
भापुस : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
क्षेपका : क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय
करा : कम्पनी रजिस्ट्रार
जनवि : जवाहर नवोदय विद्यालय
नविस : नवोदय विद्यालय समिति


अन्य :


राग्रास्वामि : राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन [एनआरएचएम]
कृपृउ : कृपया पृष्ठ उलटिए
रासामि : राष्ट्रीय साक्षरता मिशन
रनाटै मार्ग : रवीन्द्रनाथ टैगोर मार्ग
अपिव : अन्य पिछड़ा वर्ग
अजा : अनुसूचित जाति
अजजा : अनुसूचित जन जाति
टेटे : टेबल टेनिस
मिआसा- मिथाइल आइसो सायनाइट
इवोम- इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन
स्वटिविम- स्वचालित टिकट विक्रय मशीन
स्वगम : स्वचालित गणना मशीन
यूका : यूनियन कार्बाइड
मुम : मुख्यमंत्री
प्रम : प्रधान मंत्री
विम : वित्तमंत्री/ विदेश मंत्री
रम : रक्षा मंत्री
गृम : गृह मंत्री/ मंत्रालय
प्रका : प्रधानमंत्री कार्यालय

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