बुधवार, 1 फ़रवरी 2012

युवा पत्रकार बना सकते हैं मीडिया की विश्वसनीयता:/ विश्वनाथ सचदेव



Book-2.gif
समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो
आज, फिर मिशनरी पत्रकारिता की जरूरत है। कोई भी, अखबारी तंत्र या बाजार पत्रकारों से कुछ खास खबरें लाने या न लाने को कह सकता है, पर जन-सरोकारों या सीधी-सच्ची खबरें लाने से कोई मना नहीं करता।
‘आज की पत्रकारिता’ पर ये विचार, ‘मुम्बई प्रेस क्लब’ में मीडिया पर, ‘सौम्य प्रकाशन’ की पांच किताबों का लोकार्पण करते हुए, वरिष्ठ पत्रकार,कवि और 'नवनीत' के संपादक, विश्वनाथ सचदेव ने व्यक्त किए। वे लोकार्पण कार्यक्रम में अध्यक्षीय वक्तव्य दे रहे थे।
उन्होंने, इस मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कहा, “आज 24 घंटे के ख़बरिया चैनलों पर खबरें, कितने घंटे आती हैं? जब भी टीवी खोलो, इन चैनलों पर ‘राजू के चुटकुले’, ‘शीला की जवानी’ और ‘बिग बॉस’ की कहानी ही दिखती है। क्या ये ख़बरें हैं? न्यूज़ चैनल, ये सब परोसकर, एंटरटेनमेंट चैनलों में बदल गये हैं। खबरों के लिए, ‘दूरदर्शन’ लगाना पड़ता है। बेशक, उसकी ख़बरों में सरकारी पुट होता है, पर वे खबरें तो होती हैं।”
मुंबई की साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था, मरुधरा और सौम्य प्रकाशन द्वारा आयोजित, इस कार्यक्रम में, इन किताबों का लोकार्पण, ‘आकाशवाणी’ के सेंट्रल सेल्स डायरेक्टर तथा वरिष्ठ  ब्रॉडकास्ट, मीडियाकर्मी, मुकेश शर्मा ने किया। उन्होंने कहा, “पत्रकारिता किताबें पढ़कर नहीं सीखी जा सकती। लेकिन, मीडिया पर इस तरह की सारगर्भित और व्यावहारिक किताबें, नये तथा युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन कर सकती हैं। ये, उन्हें ऐसे मानकों के अक्स दिखा सकती हैं, जिससे पत्रकारिता ‘जनता की नजरों’ में पवित्र और विश्वसनीय बनती है।”
मुकेश शर्मा ने कहा, “आज के युवा पत्रकार स्मार्ट हैं। उनके पास, सूचनाओं के तमाम साधन मौजूद हैं। सूचनाएं प्राप्त करने में उन्हें कोई बाधा नहीं है। बस, जरूरत इस बात की है कि उन्हें इन सूचनाओं का अच्छी तरह से, जनोपयोगी रूप से इस्तेमाल करना आना चाहिए। मीडिया के सामने चाहे जो भी संकट आये, युवा पत्रकारों की अगर तैयारी अच्छी है, तो वे उससे पार पा सकते हैं।”
जी न्यूज़ के प्रोड्यूसर, सुभाष दवे ने अपनी किताब 'बिजनेस जर्नलिज्म' का परिचय देते हुए कहा, “यह एक नीरस और शुष्क विषय माना जाता है। लेकिन, मैंने इसे ‘पंत्रतंत्र की कहानियों’ की तरह, एक कहानी के रूप में पेश करके सरस बनाने की कोशिश की हैं।”
वरिष्ठ जनसंपर्ककर्मी, संजीव निगम ने अपनी किताब 'जनसंपर्क' का परिचय देते हुए कहा,  “आज, जीवन के हर क्षेत्र में जनसंपर्क की जरूरत है। वह जनसंपर्क कैसा हो? किस तरह किया जाये? उसके टूल्स क्या हों? इन सभी का विवरण मैंने अनेक केस स्टडीज के साथ व्यावहारिक तरीके से दिया है।”
'सकाल टाइम्स' के विशेष संवाददाता, मृत्युंजय बोस ने अपनी किताब ,'फील्ड रिपोर्टिंग गाइड' के बारे में बताया, “यह युवा पत्रकारों के लिए एक मैन्युअल के रूप में है। रिपोर्टिंग करते समय, ध्यान में रखी जाने वाली बातों को तो मैंने बताया ही है, तरह-तरह की खबरों के लिखने की शैली के उदाहरण भी दिये हैं।”
नवभारत टाइम्स, मुम्बई के वरिष्ठ पत्रकार, भुवेन्द्र त्यागी ने अपनी दो किताबें 'स्पेशल रिपोर्ट' और 'फिल्मी स्कूप' का परिचय दिया।
'स्पेशल रिपोर्ट' में जावेद इकबाल (फ्रीलांसर), जितेंद्र दीक्षित (स्टार न्यूज) मनोज जोशी (ए 2 जेड चैनल), नीता कोल्हाटकर (डीएनए), प्रबल प्रताप सिंह (आईबीएन 7), प्रभात शुंगलू (आईबीएन 7), प्रकाश दुबे (दैनिक भास्कर), स्वर्गीय प्रमोद भागवत (महाराष्ट टाइम्स), रामबहादुर राय (प्रथम प्रवक्ता के पूर्व संपादक), रवीश कुमार (एनडीटीवी), रवि शंकर रवि (नईदुनिया), शेखर देशमुख (फ्रीलांसर) और उमाशंकर सिंह (एनडीटीवी) के कॅरियर की बेहतरीन रिपोर्ट हैं।
'फिल्मी स्कूप' में चंद्रकांत शिंदे (नईदुनिया), इम्तियाज अजीम (राष्ट्रीय सहारा), रूपेश कुमार गुप्ता (जी न्यूज़), संदीप सिंह (महुआ), शिवानी त्रिवेदी (स्टार न्यूज़), सुमंत मिश्र (अमर उजाला), विद्योत्तमा शर्मा, (बॉम्बे टाइम्स की पूर्व असिस्टेंट एडिटर) और विनोद तिवारी (फिल्मफेयर के पूर्व संपादक) के कॅरियर की अनोखी एक्सक्लूसिव स्टोरीज हैं।
इससे पहले, मरुधरा के अध्यक्ष, सुरेन्द्र गाडिया ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। संस्था के उपाध्यक्ष, रामस्वरूप अग्रवाल व महामंत्री राकेश मोरारका ने लेखकों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन, देवमणि पांडेय ने किया। सौम्य प्रकाशन की निदेशक, रीना त्यागी ने सबका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में, मुम्बई के गणमान्य पत्रकार व लेखक मौजूद थे।
रीना त्यागी ने कहा कि अगर किसी भी मीडियाकर्मी के पास मीडिया पर किताब के लिए अच्छे विषय हैं, तो वे saumyaprk@gmail.com पर पूरी रूपरेखा तथा अपने परिचय के साथ मेल कर सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें