मंगलवार, 14 फ़रवरी 2012

एम.ए. जनसंचार (पाठ्यक्रम एवं प्रश्‍नपत्र) / वर्द्धा

CCmswardha

For Exellence of Mass Communication

संचालित पाठ्यक्रम

  • एम. ए. जनसंचार    -   कुल सीटें 28

  • एम. फिल. जनसंचार   – कुल सीटें 14

  • पीएच-डी. जनसंचार    – उपलब्‍धता के अनुसार

डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम-

डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम

कुल सीटें
पाठ्यक्रम प्रभारी
  • टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण में स्‍नात्‍तकोत्‍तर डिप्‍लोमा
15
 श्री धरवेश कठेरिया 
  • वेब पत्रकारिता में स्‍नात्‍तकोत्‍तर डिप्‍लोमा
15
श्रीमती रेणु सिंह
  • प्रसारण माध्‍यमों में स्‍नात्‍तकोत्‍तर डिप्‍लोमा
15
 श्री धरवेश कठेरिया
  • विज्ञापन एवं जनसंपर्क में स्‍नात्‍तकोत्‍तर डिप्‍लोमा
15
डॉ अख्तर आलम
  • वीडियोग्राफी एवं वीडियो संपादन में स्‍नात्‍तकोत्‍तर डिप्‍लोमा
15
श्री संदीप कुमार वर्मा
  • ग्राफिक्‍स एवं एनिमेशन में स्‍नात्‍तकोत्‍तर डिप्‍लोमा

15
श्री राजेश लहकपुरे

एम.ए. जनसंचार (पाठ्यक्रम एवं प्रश्‍नपत्र)

प्रथम छमाही –
                1-संचार एवं जनसंचार : सिद्धांत एवं प्रक्रिया       2- समाज और जनमाध्‍यमों का विकास                     
                3-विकास और संचार                                               4-भारतीय पत्रकारिता
द्वितीय छमाही –
               1-प्रिंट मीडिया एवं मुद्रण तकनीक                  2- समाचार : संपादन एवं लेखन
               3- इलेक्‍टॉनिक मीडिया समाचार लेखन       4- मीडिया विधि एवं आचार संहिता
तृतीय छमाही –
             1-      टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण एवं तकनीक    2-साइबर मीडिया एवं सूचना तकनीक 
             3-     जनसंपर्क, विज्ञापन एवं सोशल मार्केटिंग    4- मीडिया शोध
चतुर्थ छमाही –
             1-      मीडिया : संगठन और प्रबंधन        
             2-      एच्छिक प्रश्‍नपत्र – श्रव्‍य-दृश्‍य कार्यक्रम निर्माण/ वेब डिजाइनिंग
             3-      शोध परियोजना : लेखन
             4-      मौखिकी

शोध अध्‍ययन – एम.फिल./पी-एच.डी. जनसंचार

  • पाठ्यक्रम की विशेषताएं :

  1. 1.      संचार के सिद्धांतो की गूढ विवेचना एवं शोध में नवीन तकनीक के अनुप्रयोग व कंप्यूटर प्रशिक्षण।
  2. 2.      यह पाठ्यक्रम जानसंचार क्षेत्र के मूल सिद्धांतों, प्रक्रिया एवं व्यावहारिक पहलुओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन के निमित्त है।
  3. 3.      जनसंचार माध्यमों की विषयवस्तु, तकनीक और उपयोगिता का विवेचन।
  4. 4.      मीडिया लेखन विशेषकर रिपोर्टिंग और संपादन जैसे कौशल केंद्रित विषय में दक्षता प्राप्त करने हेतु व्यावहारिक कार्यों पर जोर।
  5. 5.      जानसंचार क्षेत्र में गहन शोध एवं अध्ययन।
  • अध्ययन प्रणाली :

  1. सैद्धांतिक अवधारणाओं की विभिन्न माध्यमों से तुष्टि। सूचना, तथ्य, जानकारी, अनुभव का आदान-प्रदान विशेषज्ञों के माध्यमों से।
  2. तकनीक एवं व्यावहारिक अध्ययन, कंप्यूटर, इंटरनेट व ऑनलाइन अध्ययन के साथ व्यक्तिगत विकास।
  3. संस्थागत कार्य अध्ययन, अध्ययन में शोध कार्य एवं प्रबंधन, केश स्टडी कर नए ज्ञान में विभाग व विश्वविद्यालय के प्रति उत्तरदायी बनाना।
  4. शैक्षणिक-भ्रमण, अत्याधुनिक उपकरणों व तकनीक से सम्पूर्ण संचार-क्षेत्र में सक्रिय प्रतिनिधित्व एवं अवसर उपलब्ध कर मुख्य धारा में लाना।

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