गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

अखबार बांचनेवाला यह अनोखा न्‍यूज रीडर




News Reader
बांकुड़ा। रेडियो और समाचार चैनलों पर आपने ढेरों न्यूजरीडरों को खबर पढ़ते हुए सुना या देखा होगा। लेकिन पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के पशुपति नाग एक अलग तरह के न्यूज रीडर हैं। वह रोजाना बीड़ी रोलर्स कोआपरेटिव में मजदूरों को दो अखबार जोर-जोर से पढ़कर सुनाते हैं।
कोआपरेटिव में कार्यरत करीब दो सौ मजदूर उसकी खबरों को ध्यान से सुनते हैं। इसके काम के लिए नाग को कोई वेतन नहीं मिलता है। मेहनताने के तौर पर हर श्रोता मजदूर उन्हें सात-सात बीड़ी देता है। नाग इन बीडिय़ों को कोआपरेटिव को बेच देते हैं।
लाटरी बेचने का धंधा करने वाले पशुपति नाग हर रोज दोपहर बाद एक बीड़ी रोलर्स कोआपरेटिव पहुंच जाते हैं। उस समय कोआपरेटिव में लंच के बाद सभी बीड़ी मजदूर देश-दुनिया के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए हाल में जुट जाते हैं। फिर नाग अखबार पढऩा शुरू करते हैं। वह बांग्ला के दो अखबार 'आनंद बाजार पत्रिका और माकपा समर्थित 'दैनिक गणशक्ति' पढ़कर मजदूरों को सुनाते हैं।
बांकुड़ा में बीड़ी मजदूरों के कई कोआपरेटिव हैं। इनमें से बांकुड़ा बीड़ी शिल्पी कोआपरेटिव सोसाइटी सबसे पुरानी है। इस कोआपरेटिव की स्थापना 1938 में की गई थी। तब से इस कोआपरेटिव में अखबार पढ़कर सुनाने का सिलसिला चल रहा है। सोसाइटी के सचिव झारू गोराई के अनुसार, आजादी की लड़ाई के समय स्वतंत्रता सेनानियों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बीड़ी मजदूरों को साहूकारों और सूदखोरों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए इस सोसाइटी की स्थापना की थी।
पशुपति नाग जब अखबार पढ़ते हैं तो इस दौरान कोई मजदूर अपना काम नहीं बंद करता है। उनकी अंगुलियां बीड़ी बनाती जाती है और खबरों के लिए कान खुले होते हैं। पहले नाग सोसाइटी के चार कमरों में अलग-अलग जाकर अखबार पढ़ा करते थे। इसमें में उनके चार घंटे लगते थे। लेकिन अब नाग माइक्रोफोन के सामने बैठकर अखबार पढ़ते हैं ताकि सभी मजदूर खबरों को ठीक से सुन सके। हालांकि सभी कमरों में टेलीविजन सेट लगे हैं लेकिन मजदूर नाग से खबरें सुनना ज्यादा पसंद करते हैं। मजदूरों का कहना है कि टीवी देखने के लिए उन्हें अपनी आंख टीवी स्क्रीन पर केंद्रित करनी होता है, जिससे उनका काम प्रभावित होता है। जबकि नाग को सुनते समय वे अपना काम भी जारी रखते हैं।
नाग को खबर पढऩे का यह काम बड़े भाग्य से मिला। मार्च, 1983 में एक दिन वह जब बीड़ी मजदूरों को लाटरी बेच रहे थे, तभी उन्हें इस काम का प्रस्ताव मिला। नाग बारहवीं पास हैं। उन्हें यह काम रीडिंग टेस्ट के बाद मिल गया। रविवार को नाग की छुट्टी रहती है, वह सोमवार को उस दिन का अखबार मजदूरों को पढ़कर सुनाते है। [साभार- प्रात:काल]

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