शुक्रवार, 8 जुलाई 2011

संक्रमणकाल से गुजर रही है पत्रकारिता : अच्‍युतानंद मिश्र

Friday, 08 July 2011 10:13 B4M भड़ास4मीडिया - आयोजन
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वर्तमान में पत्रकारिता एक संक्रमण के दौर से गुजर रही है। स्तरीय प्रशिक्षण व शोध का अभाव है। इसी के साथ मीडिया पर पूरी तरह से बाजारवाद हावी है। यह बात वरिष्ठ पत्राकार अच्युतानंद मिश्र ने कही। अपने निजी कार्यक्रम से उत्तराखण्ड आए माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व कुलपति, एनयूजे के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रख्यात पत्रकार अच्युतानंद मिश्र आज प्रेस क्लब हरिद्वार पहुंचे।

श्री मिश्र का हरिद्वार से नाता बड़ा पुराना है तथा वह भारतीय संवाद परिषद के समय से ही हरिद्वार के पत्रकारों से जुड़े रहे हैं। इस दौरान प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कमलकांत बुधकर ने श्री मिश्र से सभी का परिचय करवाया। इसी के साथ उपस्थित कलमकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए उन्होंने अपने संस्मरण साझा किये। श्री मिश्र ने कहा कि इस समय पत्रकारिता संक्रमण से गुजर रही है। प्रशिक्षण और शोध के अभाव के चलते इसके स्‍तर में लगातार गिरावट जारी है।

मीडिया पर बाजारवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने उदाहरण दिये तथा बताया कि आज के समय में यदि गांधी जी भी हरिजन जैसे अखबार का प्रकाशन शुरू करते तो उनको भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता। उन्होंने कहा कि आज अखबारों का प्रकाशन केवल व्यापार के लिए किया जा रहा है। श्री मिश्र जी ने अपने उस समय के अनुभवों को भी साझा किया, जब वह पत्रकारिता के गढ़ माने जाने वाले भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के वीसी थे। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी की निर्भीक व बेबाक पत्रकारिता पर भी प्रकाश डाला।

श्री मिश्र ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने उस समय महात्मा गांधी का साक्षात्कार लेकर सरदार भगत सिंह के बारे में सवाल पूछे थे तथा उसको प्रकाशित किया था। इसी के साथ श्री मिश्र ने आजादी के बाद की पत्रकारिता के इतिहास पर लेखन की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान प्रेस क्लब अध्‍यक्ष अविक्षित रमन, महामंत्रर दीपक नौटियाल, रामचन्द्र कन्नौजिया, मनोज सैनी, डॉ. रजनीकांत शुक्ला, प्रोफेसर पीएस चौहान, शिवशंकर जायसवाल सहित अनेक पत्रकार मौजूद थे।

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