मंगलवार, 22 जनवरी 2013

मास कम्युनिकेशन:/ जिम्मेदारी// से भरपूर है पत्रकारिता


शिवसेना के अध्यक्ष बने उद्धव ठाकरे
 

फजले गुफरान
First Published:16-10-12 02:53 PM
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पत्रकारिता जगत में रोजगार के अनेक नए अवसर सामने आए हैं। यह क्षेत्र चुनौतियों से भरपूर है और इसमें काम करने वाले व्यक्ति की पहचान भी भीड़ से हट कर बनती है। पत्रकारिता जगत के मौजूदा परिदृश्य और इसमें शिक्षा व रोजगार के अवसरों पर नजर डाल रहे हैं फजले गुफरान
लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहे जाने वाला पत्रकारिता जगत एक बेहतर करियर विकल्प हो सकता है, बशर्ते उसके साथ जुड़ी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने का संकल्प लेने का साहस हो। समाचार पत्र या पत्रिकाओं की दुनिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का संसार, रेडियो की आवाज का जादू हो या फिर वेब पत्रकारिता का जाल, सभी उत्साही व सजग कर्मयोगियों को अपने-अपने तरीके से एक मंच दे रहे हैं। यहां ग्लैमर तो है, लेकिन वह दूसरे पायदान पर है। सबसे पहले जनता की आवाज बनने का समर्पण है, जो इस पेशे में आने की पहली शर्त है। जो चाहते हैं पत्रकार बनना, उन्हें कार्यकर्ता की आत्मा के साथ इस पेशे की लक्ष्मण रेखा का भी ध्यान रखना होगा, वरना खतरा हमेशा रहेगा। एक कदम आगे रहने या सच कहने या सबसे पहले सच के होने की सूक्तियों का सार यही है कि पत्रकारिता थोड़ा अलग पेशा है। साहस, जागरूकता, जानकारी, विश्लेषण इत्यादि का विलक्षण मिश्रण है इसमें। जागे रहना है और जगाना है तो इस पेशे में आपका स्वागत है। कार्य का स्वरूपएक पत्रकार डेस्क और फील्ड, दोनों क्षेत्रों में काम कर सकता है। डेस्क वर्क में कॉपी राइटिंग और संपादन का काम किया जाता है। डेस्क के काम में उपलब्ध कराई गई सामग्री को भाषाई रूप से सशक्त करने का काम इन लोगों के ही कंधों पर होता है। यह काम वही कर सकते हैं, जो भाषा ज्ञान के साथ-साथ देश-विदेश में हो रही हलचलों पर नजर रखते हैं। फील्ड वर्क उन लोगों के लिए सही है, जो खबरों के अंदर छिपे सच को सामने लाने की काबिलियत रखते हैं। इस काम में ऐसे व्यक्ति ज्यादा सफल होते हैं, जिनके संपर्क सूत्र बेहतर होते हैं। इसके तहत रिपोर्टर आते हैं। रिपोर्टर को पत्र-पत्रिका, चैनल्स व वेब मीडिया का ‘आंख और कान’ कहा जाता है। इनका प्रमुख काम होता है प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाना, इंटरव्यू लेना, किसी घटना की विस्तृत जानकारी इकट्ठी करना आदि। इसके अलावा, फोटोग्राफर या कैमरामैन प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व वेब मीडिया का एक अहम हिस्सा होता है। रिपोर्टर की टीम के साथ फोटोग्राफर या कैमरामैन होता है, जो परिस्थितियों के हिसाब से तस्वीर उतारता है ताकि खबर स्पष्ट और रोचक लगे। खबरों के अलावा प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक व वेब मीडिया में फीचर राइटिंग का खासा अवसर है। फीचर में विभिन्न विषयों पर लेख तैयार किए जाते हैं। पत्रकारिता का वर्गीकरण
पत्रकारिता का संबंध प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया से है। प्रिंट पत्रकारिता में समाचार पत्र, पत्रिकाएं और जर्नल्स आते हैं। इलेक्ट्रॉनिक में (ऑडियो/विजुअल) जैसे रेडियो व टेलीविजन। वहीं इंटरनेट के आगमन के बाद अखबारों के रुतबे और टीवी चैनलों की चकाचौंध के मध्य पत्रकारिता की एक नई विधा वेब जर्नलिज्म ने जन्म लिया है, जो काफी प्रभावकारी तरीके से आगे बढ़ रही है। यह इतनी असरकारी हो चुकी है कि इसके मोहपाश में प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी आ चुके हैं। यही वजह है कि आज सभी प्रमुख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, चैनल्स का वेब एडिशन उपलब्ध है। अवसर
पत्रकारिता से जुड़ने वाले लोग समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, प्रेस सूचना ब्यूरो, वेबसाइटों, प्रोडक्शन हाउस, न्यूज एजेंसीज, दूरदर्शन से लेकर राष्ट्रीय व क्षेत्रीय प्राइवेट चैनलों में रोजगार पा सकते हैं। रिपोर्टर, स्तंभकार, फोटोग्राफर, प्रूफरीडर, रिसर्चर, ऑनलाइन कम्युनिकेशन, पब्लिकेशन डिजाइन, फिल्म मेकिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, एंकरिंग, फ्रीलॉन्सिंग के अलावा बतौर समाचार विश्लेषक करियर बना सकते हैं। व्यक्तिगत योग्यता
अगर आप पत्रकारिता में करियर बनाना चाहते हैं तो आप में कुछ व्यक्तिगत गुणों का होना भी आवश्यक है, जैसे कम्युनिकेशन स्किल्स के साथ करंट अफेयर्स की जानकारी का होना। विचारों में निष्पक्षता, परिपक्वता व तार्किकता होना बहुत आवश्यक है। न्यूज और समसामयिक विषयों की अच्छी समझ होनी चाहिए। सूचनाओं को समझ कर उसे फौरन अपनी सटीक भाषा में लिखने व बोलने की कला आनी चाहिए। दूसरों की बातों को गंभीरतापूर्वक सुनें, क्योंकि अधूरी जानकारी की वजह से आपको आलोचना भी झेलनी पड़ सकती है। शैक्षणिक योग्यता
पत्रकारिता में बैचलर डिग्री के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं अथवा पोस्ट ग्रेजुएट पाठय़क्रम के लिए पत्रकारिता में स्नातक होना चाहिए। कुछ संस्थानों में पत्रकारिता में एक वर्षीय प्रमाण-पत्र पाठय़क्रम संचालित किए जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में बैचलर डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री जरूरी है। इसके बावजूद विशेष प्रशिक्षण अथवा फील्डवर्क और इंटर्नशिप से इस क्षेत्र में बेहतर अवसर बनाए जा सकते हैं। कौन-कौन से हैं कोर्स
मास कम्युनिकेशन में कई तरह के कोर्स उपलब्ध हैं। आप चाहें तो डिग्री या फिर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। कोर्सों के हिसाब से शैक्षिक योग्यता भी अलग-अलग निर्धारित है, लेकिन अधिकतर संस्थान न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक ही मांगते हैं। इनमें मुख्य रूप से बैचलर डिग्री इन मास कम्युनिकेशन, पीजी डिप्लोमा इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म, एमए इन जर्नलिज्म, डिप्लोमा इन डेवलपमेंट जर्नलिज्म, डिप्लोमा इन कम्युनिकेशन, जर्नलिज्म एंड पब्लिक रिलेशन, पीजी डिप्लोमा इन मास मीडिया के अलावा डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स भी उपलब्ध हैं। यहां इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि अध्ययन के लिए उस संस्थान का चयन करें, जहां आधुनिक तरीकों से प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण ही इस क्षेत्र में सफलता का मार्ग तय करता है। कुछ संस्थान ऑनलाइन जर्नलिज्म के कोर्स अलग से भी कराते हैं। वेतन
जर्नलिज्म का क्षेत्र वेतन के लिहाज से भले ही बेहतर नहीं माना जाता हो, लेकिन प्रतिष्ठा के हिसाब से जरूर बेहतर माना जाता है। फिर भी प्रारंभिक चरण में अमूमन 10 हजार रुपए वेतन के रूप में मिलते हैं, जो तीन-चार साल का अनुभव और अच्छा काम होने पर बढ़ता जाता है। मामला प्रतिष्ठा का
पत्रकारिता के पेशे में जितनी प्रतिष्ठा है, उतनी जिम्मेदारी भी है। एक मायने में पत्रकार राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। उसी के जरिए उसे समाज में घटने वाली रोजाना की घटनाओं की जानकारी मिलती है। पत्रकारिता का उद्देश्य लोगों को सूचना प्रदान कर शिक्षित करना तथा उन्हें आनंद बांटना है। इस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा विशेष और पेशेवर तरीके से रिपोर्टिग जरूरी है। आमतौर पर पत्रकार विभिन्न क्षेत्रों, जैसे राजनीति, अपराध, वित्त, आर्थिक, खोज, सांस्कृतिक तथा खेल और मनोरंजन की दुनिया से संबंधित होते हैं। सकारात्मक व नकारात्मक पहलू
दूसरे क्षेत्रों की तरह ही पत्रकारिता के भी सकारात्मक व नकारात्मक पहलू हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में आपकी क्रिएटिविटी व मेहनत हमेशा दांव पर होती है, हर समय खुद को काम पर फोकस रखना होता है, वह भी निजी जिम्मेदारियों से ऊपर उठ कर। खबरों को ब्रेक देने में एक पत्रकार को दिन-रात की फिक्र नहीं करनी चाहिए। प्रोफेशन के लिए जोश के साथ काम करना होता है। फिलवक्त जन संचार को न्यू बिजनेस के तौर पर देखा जा रहा है, ऐसे में इस क्षेत्र में जॉब सेटिस्फैक्शन, नाम व प्रसिद्धि के साथ यह चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बन गया है। एक्सपर्ट व्यू
आनंद प्रधान
(एसोसिएट प्रोफेसर-आईआईएमसी)
बढ़ती साक्षरता एवं आय के साथ मीडिया प्रोडक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। पाठकों की संख्या बढ़ रही है। अखबारों के नये एडिशन लॉन्च हो रहे हैं। चैनल्स आ रहे हैं। एफएम रेडियो का विस्तार हो रहा है। निकट भविष्य में 850 से ज्यादा नये एफएम रेडियो चैनल्स खुलेंगे। सरकार जल्द ही एफएम रेडियो को समाचारों के प्रसारण की अनुमति दे सकती है। इसके अलावा, आज अलग-अलग विषयों पर पत्रिकाएं और समाचार पत्र लॉन्च हो रहे हैं, जैसे गार्डनिंग, होम मेकिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, स्पोर्ट्स वगैरह। अभी इनके एडिशन अंग्रेजी में ज्यादा हैं, जल्द ही हिन्दी और दूसरी भाषाओं में इनके एडिशन लॉन्च होंगे। वेब पोर्टल भी तेजी से उभर रहे हैं, यहां भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं यानी न्यू मीडिया के विस्तार से पत्रकारिता के क्षेत्र में अवसर निश्चित रूप से बढ़ रहे हैं। प्रमुख संस्थान
इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ मास कम्युनिकेशन,
नई दिल्ली
वेबसाइट:
www.iimc.nic.in एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
वेबसाइट:
www.ajkmcrc.org    दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
वेबसाइट
: www.du.ac.in माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल, मध्यप्रदेश
वेबसाइट:
www.mcu.ac.in गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार, हरियाणा
वेबसाइट:
www.gjust.ac.in एडिटवर्क्स स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, नोएडा
वेबसाइट:
www.editworksindia.com एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन,
नई दिल्ली
वेबसाइट:
www.nraismc.com  नैम इंस्टीटय़ूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, नई दिल्ली
वेबसाइट:
www.namedu.net

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