गुरुवार, 17 जनवरी 2013

बीबीसी विशेष: आस्था का महाकुंभ




बुधवार, 16 जनवरी, 2013 को 15:20 IST तक के समाचार
माथे पर चंदन, गले में रुद्राक्ष की माला, तन पर गेरुए रंग का चोगा और हाथों में लैपटॉप. मिलिए कुंभ पहुंचे एक ऐसे बाबा से जो आस्था और फेसबुक का संगम करवा रहे हैं.
मकर संक्रांति पर स्नान के साथ इलाहाबाद में कुंभ शुरु हो गया है. कुछ लोग कह रहे हैं कि ये आस्था है लेकिन कुछ लोग इसे महज़ अंधविश्वास मानते हैं.
ये न तो नागा साधु हैं, न किसी अखाड़े से जुड़े हैं और ना ही बड़े नेता हैं. आम लोगों में घुलमिल जानेवाले ये कल्पवासी महीनों गंगा किनारे रहते हैं.
इलाहाबाद में महाकुंभ की व्यापक तैयारी की गई है. नक्शे में तस्वीरों के ज़रिए जानिए कहाँ-कहाँ क्या व्यवस्था है. बीबीसी हिंदी की विशेष पेशकश.
क्या आपको पता है कि इस बार महाकुंभ के दौरान कितने लोग डुबकी लगाएँगे? या फिर व्यवस्था के स्तर पर क्या तैयारी है?

पिक्चर गैलरी

महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए इलाहाबाद में जमा हुए लोगों के मन में क्या है?
महाकुंभ मे साधुओं के आगमन जारी है. जानिए विदेशियों के लिए क्यों ख़ास है ये महाकुंभ?
जहां मुसलमान भी लिखते हैं राम का नाम क्या उसे ही कुंभ कहते हैं?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें