बुधवार, 16 जनवरी 2013

दंत विहीन नही है प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ; एन राम




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समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो

‘द हिन्दू’ समाचारपत्र के पूर्व एडिटर-इन-चीफ और प्रकाशक, एन राम के अनुसार, ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ अब दंतविहीन संस्था नहीं रह गई है। इसका मख्य कारण ‘पीसीआई’ के नए चेयरमैन और पत्रकारिता में इथिक्स (नैतिकता) और रेगुलेशन पर उभरता बहस है।
एन राम भारतीय न्यूज़ मीडिया पर उभरते बहस का क्रेडिट (श्रेय), ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष, मार्कंडेय काटजू को देते हैं। एन राम के अनुसार, “काटजू ने एक बहस की शुरुआत कर दी है, और 90 प्रतिशत लोग वैश्वीकरण के बाद पत्रकारिता और भारत में पत्रकारिता में नैतिकता का क्षरण पर उनके विचारों का समर्थन करते हैं।”
उनके अनुसार, अकेले एक मजबूत अध्यक्ष कोई परिवर्तन नहीं ला सकता है, इसके लिए परिषद को मजबूत करने की जरूरत है। राम ने आगे कहा, “मेरे विचारों में, न्यूज़ मीडिया को बाहर से रेगुलेशन की जरूरत नहीं है बल्कि सेल्फ-रेगुलेशन की जरूरत है। लेकिन पेड न्यूज़ की खबरों के लगातार जारी रहने की घटनाओं के कारण प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को मजबूत करने की जरूरत है।”
पंजाब में, पेड न्यूज़ को डॉक्यूमेंटेड किया गया है। इसका अर्थ यह है कि पेड न्यूज़ की खबरें जारी हैं। राम के अनुसार, भारत के कई भागों में पेड न्यूज़ की खबरें लगातार प्रकाशित हो रहीं है और इसे साबित करने के लिए, पर्याप्त सबूत है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ब्रॉडकास्ट न्यूज़ को भी भारतीय प्रेस परिषद के तहत लाना चाहिए जैसा कि जस्टिस काटजू ने कहा है। उन्होंने कहा, “इस पर लंबी बहस की जरूरत है। दोनों मीडिया में बहुत ज्यादा अंतर है। प्रिंट माध्यम में ज्यादातर न्यूज़ होता है लेकिन भारतीय ब्रॉडकास्ट मीडिया में सात से आठ प्रतिशत ही न्यूज़ होता है।”
द हिन्दू में उनकी भूमिका पर :
एन राम, ‘द हिन्दू’ समाचारपत्र में बोर्ड के सदस्य और प्रकाशक के तौर पर बने रहेंगे। हालांकि, वे दिन-प्रतिदिन के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। वे कंपनी के बिजनेस पक्ष को लगातार अपना सपोर्ट देते रहेंगे। जब उनसे ‘द हिन्दू’ के एजेंडा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने एक्सचेंज4मीडिया समूह से कहा, “बोर्ड के पास कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बिजनेस पक्ष को मजबूत करने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है। मैं, अब संपादकीय में हस्तक्षेप नहीं करता। हम अपने संपादकीय को शेयरधारों के हस्तक्षेप से मुक्त रखते हैं।”
टाइम्स ऑफ इंडिया और द हिन्दू के एड वार पर
राम ने ‘द हिन्दू’ द्वारा चेन्नई में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के विज्ञापन पर जवाबी कार्यवाई का समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने इसे खेल का छोटा सा हिस्सा करार दिया है। राम ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के द्वारा टीवीसी में अपने पेज3 पत्रकारिता पर हमला किया गया था, यह मार्केटिंग वालों की ओर से था और संपादकीय विभाग के लोगों का इसको आंशिक समर्थन प्राप्त था। राम ने एक्सचेंज4मीडिया समूह से कहा, “द टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक कैंपेन प्रकाशित किया और यह उसकी प्रतिक्रिया थी।” उन्होंने कहा कि जवाबी विज्ञापन के ऑन एयर जाने से पहले संपादकीय विभाग के लोगों से सहमति ली गई थी। उनके अनुसार, “हमें इससे कोई समस्या नहीं है। हालांकि, हमने कोई कैंपेन की शुरुआत नहीं की, एक बार जब यह आया तो मार्केटिंग टीम वालों के अनुसार, इसकी प्रतिक्रिया होनी चाहिए थी।”

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