अप्रैल 2025 तक, भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 472.46 गीगावाट थी, जिसमें 240 गीगावाट थर्मल पावर और 235.7 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत (नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा) शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने 1,694 अरब यूनिट बिजली की खपत की, जिससे प्रति व्यक्ति खपत 1538 kWh तक पहुँच गई।
भारत में बिजली उत्पादन:
- कुल स्थापित क्षमता:अप्रैल 2025 तक 472.46 गीगावाट।
- थर्मल पावर:कुल क्षमता का लगभग 50.52% थर्मल पावर (कोयला, आदि) है, जो 240 गीगावाट के बराबर है।
- गैर-जीवाश्म ईंधन:शेष 49% क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा (226.9 गीगावाट) और परमाणु ऊर्जा (8.8 गीगावाट) शामिल हैं।
- बढ़ती मांग:बढ़ती आबादी और विद्युतीकरण के कारण भारत में बिजली की मांग बढ़ रही है, जो 2026 तक 277 गीगावाट रहने का अनुमान है।
भारत में बिजली की खपत:
- कुल खपत:वित्त वर्ष 2025 में, भारत ने 1,694 अरब यूनिट बिजली की खपत की, जो एक महत्वपूर्ण वृद्धि है।
- प्रति व्यक्ति खपत:वित्त वर्ष 2024-25 तक प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 1538 kWh तक पहुँच गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ी है।
- क्षेत्रवार खपत:उद्योग (41.2%), घरेलू (24.5%), और कृषि (16.9%) बिजली के प्रमुख उपभोक्ता हैं।
- भविष्य के रुझान:इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के बढ़ते उपयोग से मोबिलिटी क्षेत्र में बिजली की खपत बढ़ने की उम्मीद है।
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