पुरानी दिल्ली*❤
*मेरी प्यारी जन्म स्थली पुरानी दिल्ली*😊
- *"दिल्ली छह 6" --*
1. *दिल्ली छह के हम रहने वाले हैं ! हर बात साफ साफ कहने वाले हैं !*
2. *सुबह सुबह उठकर 'बाड़े' में जाना !पटरी पर बैठे परिंदों को दाना खिलाना !*
3. *वो कूचा पातीराम की रबड़ी की दुकानें ! दूर दूर से आते जहां कुल्हड़ की कुल्फी खाने !*
4. *सीता राम बाजार की वो चाट पकोड़ी की दुकानें ! हलवा नागोरी जिसे सिर्फ दिल्ली छह वाले ही जानें !*
5. *'अंदरसे' का नाम तो दिल्ली छह से बाहर कोई जानता ही नहीं है! दिल्ली छह का आदमी कहीं और की मिठाई को मिठाई मानता ही नहीं है !*
6. *रात को खाने के बाद पैर पान की दुकान की तरफ निकल पड़ते थे ! राजनीति पर बहस तो करते थे लोग पर कभी नहीं लड़ते थे !*
7. *चांदनी चौक की शानदार हवेलियों की कहानी !* *आज भी सुन जाती हैं बुजुर्गों की जुबानी !*
8. *छुन्ना मल की हवेली का एक खास किस्सा सुनाया जाता था ! हर घर के बाहर गाय की रोटी रखने के लिये थड़ा बनाया जाता था !*
9. *नई सड़क पर व्यापारियों का समूह शुरू से ही आता रहा है ! दरिया गंज का भव्य नजारा सभी का मन लुभाता रहा है !*
10. *चितली कबर और जीनत महल का रात को भी दिन जैसा दिखना ! मालीवाड़े के कटरों में हजार वाट के बल्बों का लटकना !*
11. *मछली वाले और घास वाले हस्पताल सब इलाज मुहैया कराते थे !ज्यादा बात होती थी तो 'इर्विन' तक पहुंच जाते थे !*
12. *रामलीला मैदान की रामलीला जाने की शाम से ही तैयारी !* *वो ढोल ताशे बैंड बाजे के साथ निकलती रामलीला की सवारी !*
13. *वो उत्साह जो दिल्ली छह में दिख जाता है ! क्या कहीं और वो नजर आता है ? 14. सुबह उठकर जल चढ़ाने जाते हुए लोग !* *छोटे छोटे घरों में भी पक्षियों के लिये पानी का कुंड लगाते हुए लोग !*
15. *अभावों में भी लोग यहां जीवन को* *जिंदादिली से चलाते थे ! लेकिन चेहरे पर कभी भी मायूसी नहीं लाते थे !*
16. *पुरानी दिल्ली के लोगों का जीवन भी कमाल है !* *उनकी दुख सुख में साथ रहने की खूबी बेमिसाल है !*
17. *याद है घर छोटा होने पर एक भाई का घर छोड़ जाना !* *सारे मोहल्ले का इस पर आंसू बहाना !*
18. *हर आते जाते को दुआ सलाम करना ! किसी से बात करने पर अपने आप को छोटा ना समझना !*
19. *इन सभी यादों के साथ अगर कोई मित्र मिल जाता है !* *तो समझ लेना इसका दिल्ली छह से जरूर कोई नाता है !*
20. *बंदे हैं हम दिल्ली ६ के, हम पे किसका जोर , चाँदनी चौक में कर्फ़्यू पुलिस खङी तो हम निकल जाते हैं "बाग़दीवार" की ओर !*
21. *वो गर्मीयो की शाम, और "छत्तों पर पानी के छिड़काव" के बाद रात को छत्तों पर सोने का आराम !*
22. *वो "ज्ञानी" का "मैंगो शेक" और "गांधी ग्राउंड" की ताज़ी हवा , वो "डॉक्टर गामी" की दवा !*
23. *वो "ओमजी कैफ़े" का डोसा , वो "काके" का नाँन, वो "गोल हट्टी" के चावल छोले !*
24. *वो २६ जनवरी की " परेड का नजारा" , वो होली पर "ग़ुब्बारों में पानी भरना" , वो 15 अगस्त पे "पतंगे लूटना" !*
25. *और वो चांदनी चौक में "फव्वारा", जैसे चौपाटी की हो "शान" ! और वो "चोसरिया" का "पान" , वो "मोरी गेट" जहां नही थी मोरियां!*
26. *और वो "चाइना राम" की "कचोरीयां" , वो " माली वाड़ा" में "वैद वाड़ा", वो "जोगी वाड़ा" वो पतली गली" !*
27. *क्या आलीशान थी वो "छुन्ना मल" की हवेली, और वो "हैदर कुली" !*
28. *वो "दरिया गंज मंडी" की "कड़क चाय", वो "हल्दीराम" की नमकीन !*
29. *वो "नई सड़क" के "नजारे" , और वो "जीनत महल" की दीवारें !*
30. *वो"चितली कबर" की सडकें , जहा ना जाने कितने दिल धडके !*
31. *वो मस्ती से भरी "यादें ", ऐसी है कुछ हमारे "दिल्ली ६" की बातें !*
32. *कभी दिल करे तो "दिल्ली 6" का नजारा देखने आना ,* *"दिल्ली 6" वालो से नाता हो तो आगे* *FORWARD करते जाना*
*अपना "दिल्ली 6"*
*तो "दिल्ली "ही*