शुक्रवार, 9 सितंबर 2011

समाज परिवर्तन की सूत्रधार बने पत्रकारिता : चौहान





जनसंचार विभाग में पीसीपी संपन्न

दूरस्थ शिक्षा पद्धति से जनसंचार में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यत्र्कमों
के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष वीरेंदर सिंह चौहान
सिरसा। पत्रकारिता का उद्देश्य महज पाठकों को तथ्य व जानकारी परोसना नहीं है। श्रेष्ठ पत्रकारिता समाज परिर्वतन के सूत्रधार और संवाहक का कार्य कर सकती है। चौधरी देवीलाल विश्यवविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी विश्वविद्यालय में दूरस्थ शिक्षा पद्धति से जनसंचार में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यत्र्कमों के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। पत्रकारिता व जनसचार विभाग में चले दस दिवसीय पी.सी.पी.
कार्यत्र्कम के अंतिम दिन मीडिया में नैतिक मूल्यों से जुडे़ विभिन्न पक्षों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकार को किसी भी अन्य नागरिक की भांति देश व समाज के प्रति अपने दायित्वों को भान होना चाहिए। उन्होंने भारतीय पत्रकारिता में बीते कुछ वर्षों के दौरान मूल्यों व गुणवत्ता के मामले में आई गिरावट पर चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रवृत्ति पर रोक लगाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धारदार पत्रकारिता का युग समाप्त हो चुका है, यह कह कर कुछ लोग नई पीढ़ी के पत्रकारों को हतोत्साहित करते हैं। मगर यह बात पूर्णतः सत्य नहीं है। आज भी देश में ऐसे खबीरनवीसों की कमी नही है जो किसी भी दबाव व लालच के समक्ष अपनी कलम की धार को कुंद नहीं होने देते। चौहान ने नई पीढ़ी के पत्रकारों का आवाहन किया कि वे सत्य और सिद्घांतों के लिए अडिग होकर काम करने का प्रयास करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी।
विभागाध्यक्ष व रेडियो सिरसा के निदेशक चौहान ने कहा कि जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और देशहित के मध्य जब टकराव या चयन की स्थिति पैदा हो जाए तो व्यापक जनहित और देशहित को प्राथमिकता देते हुए स्वविवेक से निर्णय लिया जाना चाहिए। इस विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने अमरीका में वर्ल्ड टेऊड सेंटर हमलों के बाद अमरीकी मीडिया की कार्यशैली और उसको लेकर चली व्यापक बहस का हवाला दिया।

चौहान ने बताया कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में पत्रकारिता के सैद्घांतिक पक्षों के शिक्षण के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि रेडिया सिरसा के माध्यम से क्षेत्र की जनता के साथ पत्रकारिता के विद्यार्थी निरंतर संवाद करते हैं। इस प्रित्र्कया में आम जन की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास होता है और भावी पत्रकारों में जनपक्षीय पत्रकारिता के विभिन्न पक्षों की समझ भी विकसित होती है। इस अवसर पर शिक्षण सहायक विकास सहारण ने कहा कि आजकल समाचार माध्यमों में विज्ञापन खबरों पर हावी होता प्रतीत होता है। यह बहुत सुखद स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र के इन दोनों तत्वों के मध्य संतुलन कायम करने का दायित्व समाचार माध्यमों के स्वामियों का है। शिक्षण सहायक आरव गुप्ता ने कहा कि जनसंपकर के क्षेत्र में कॅरियर की संभावनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें