मंगलवार, 9 अगस्त 2011

black money

WIKILEAKS: 02 AUG 2011 - BLACK MONEY ABROAD - 'WHO'S WHO' INDIAN LIST !!!!!
04/08/2011 10:23:46  

Following information is doing rounds in Internet Groups. Interestingly no media have dared to publish this yet - The reasons may be either

 1) Because of the big names in the list
or

2)It's authenticity not confirmed.



HK brings this to the attention of public while re-asserting that we haven't verified it's authenticity. Just reproducing the image which is now floated in Internet groups.

Earlier Assange have warned about the same..
http://www.rediff.com/business/slide-show/slide-show-1-black-money-wikileaks-may-reveal-indian-names/20110426.htm

Image Link : http://i.imgur.com/bO3dF.png



Bookmark and Share


 




poor indian
06/08/2011 23:04:09
'Ass' and 'ji '
Assange is a fool, fraud ....... , etc when commenting on present indian greats

Assange is great ,respectful, ........., etc when commenting against indian nationalists Still more great indians here who can comment on assange accordingly
shridhar mitpellywar
06/08/2011 02:19:25
Dont be a sheep
Arey baba Matthew dont be a SHEEP...........
Hari
05/08/2011 23:33:23
Please remove this kinda gossips..
Ours is a noble website..there should not be no place for these kinda gossips...and fabricated news..
SB
05/08/2011 22:20:21
are you anti Congress ?
You have done mess in India.
suresh chiplunkar
05/08/2011 04:51:43
not authentic? then why posting
this list is not authentic. then why you people are posting it here. anyone can check the server told by you. its fake and this report is nothing but just rubbish.
Ravi
05/08/2011 03:31:31
WoW
This list alone totals to 1567265 Cr!
Vivek
05/08/2011 03:10:48
Great Job
To
Haindavkeralam,

Congratulations. You have done a great job. You are the true patriots.


Please post the image of the list of the next 985 persons as it gets published by wikileaks early.
Nawin
05/08/2011 01:50:19
Arrest .......
Arrest to all immediately .....
or we (public) are take action for II freedom of Corruptions war start in INDIA .....

Many political parties are use in India ....


But Public where is live ?!!!!!
Nawin
05/08/2011 01:50:19
Arrest .......
Arrest to all immediately .....
or we (public) are take action for II freedom of Corruptions war start in INDIA .....

Many political parties are use in India ....


But Public where is live ?!!!!!
saara
05/08/2011 00:40:29
india is poor country
if the list is true,hang the SCOUNDRALS in front of the public
Suresh
04/08/2011 21:20:29
Kings of Corruption
The names are as expected. All the big-wigs are in list. Pl. note. If the list is true it is the present and past rulers who have amassed ill-gotten wealth and hid in tax heavens. Shame on them.
KUMAR
04/08/2011 16:07:40
Poor country !
Of course, India is a ...poor country !!!
mathew
04/08/2011 15:18:34
Credibility, anyone..
This is laughable. Many of the banks mentioned here are not even Swiss Banks. And see the pointed crudity and language of this 'expose'! And the selectivity in names! Attn editors' desk, why put your credibility on line by publishing these amateurish ham-handed smear jobs which the net is full of?


· 
Unsubscribe
  •  
36:07 IST
Top Advertisement

News in Detail


विकीलीक्स: काला धन जमा करने वाले 28 भारतीय होंगे बेनकाब
Font-Size
लंदन. अहम गोपनीय दस्‍तावेज लीक कर अमेरिका की नाम में दम करने वाली खोजी वेबसाइट विकीलीक्स अब स्विस बैंकों में दुनिया भर के पूंजीपतियों और राजनेताओं के अकूत धन वाले गोपनीय बैंक खातों का भंडाफोड़ करने की तैयारी में है। स्विस बैंक में काम कर चुके तथा गोपनीय खातों के रहस्यों से वाकिफ एक अधिकारी रूडोल्फ एल्मर ने विकीलीक्स को दो हजार बैंक खातों का ब्योरा सौंप दिया है। एल्मर ने लंदन में एक प्रेस कांफ्रेंस में इन बैंक खातों की जानकारियां दो सीडी में विकीलीक्स को सौंपी। एल्‍मर का दावा है कि इसमें अमेरिका, इंग्‍लैंड सहित कई एशियाई देशों के राजनेताओं और बिजनेसमैन के बारे में सूचनाएं हैं।

एल्‍मर ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को दो हजार स्विस
खाताधारकों की सीडी तो सौंप दी है लेकिन अंसाजे ने कहा है कि इन दस्‍तावेजों की सत्‍यता जांचने के बाद जल्‍द ही वह इसे दुनिया के सामने लाएंगे। असांजे इन नामों का खुलासा किसी वक्‍त कर सकते हैं। इन सीडी में करीब 40 राजनेताओं और बहुराष्‍ट्रीय कंपनियों के प्रमुखों के गोपनीय खातों की जानकारी है। ऐसी खबर है कि इन दस्तावेज में करीब 1.4 खरब अमेरिकी डॉलर के जमा होने की जानकारी हो सकती है। इसमें कई भारतीयों के भी नाम हो सकते हैं।

इस बीच जर्मन बैंक ने भी एक सूची सौंपी है
, जिसमें 28 भारतीयों के नाम हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इस एल्‍मर की ओर से सौंपी गई सूची में भारत से काला धन स्विस बैंक में जमा कराने वालों के नाम हैं या नहीं। स्विस अखबार डेयर जॉनटागमें छपी रिपोर्ट के मुताबिक 1990 से 2009 के बीच स्विस बैंक में काला धन जमा करने वाले लोगों के नाम ही लिस्ट में शामिल हैं।

नौकरी से निकाला गया था एल्‍मर


यह पहला अवसर होगा कि जब दुनिया के नामी गिरामी और अमीर लोगों के गोपनीय
खातों को सार्वजनिक किया जा रहा है। इससे स्विस बैंकिंग प्रणाली की दशकों से कायम गोपनीयता की प्रणाली ध्वस्त हो जाएगी तथा अवैध रूप से अकूत धन जमा करने वालों पर गाज गिरेगी। एल्मर अनेक बैंकों के साथ जुड़े रहे हैं तथा वह असांजे के साथ मिलकर स्विस बैंकिग प्रणाली की गोपनीयता के खिलाफ यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय और स्विस अदालतों में मामला दर्ज कराने वाले हैं। एल्‍मर ने स्विस बैंक से जुड़े जुलियस बार के लिए आठ वर्षों तक काम किया था लेकिन 2002 में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।

भारत में तेज हुई सियासी हलचल


स्विस बैंक के खाताधारकों के नाम सामने आने की आहट से भारत में सियासी
सरगर्मी तेज हो गई है। इस बैंक में करीब 1.4 खरब अमेरिकी डॉलर के जमा होने की जानकारी सामने आ रही है जबकि भारत का सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) 50 से 55 लाख करोड़ रुपये के बीच है। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्र सरकार पर स्विस बैंक के खाताधारकों के नाम जगजाहिर करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। भाजपा का दावा है कि भारत सरकार को जर्मनी की सरकार ने स्विस बैंक के खाताधारकों की सूचना पहले ही सौंप दी है।

भाजपा प्रवक्‍ता रविशंकर प्रसाद ने कहा
, ‘हम इस बैंक के भारतीय खाताधारकों के नाम जानना चाहते हैं और पूरा देश भी यही चाहता है कि सार्वजनिक संपत्ति की लूट कर स्विस बैंक में जमा करने वालों का पर्दाफाश हो। इसलिए हम उम्‍मीद करते हैं कि ये नाम जल्‍द से जल्‍द लोगों के सामने आने चाहिए जिससे देश की जनता यह जान सके कि किसने देश की सेवा की या खुद को अमीर बनाया।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार इन नामों का खुलासा सुप्रीम कोर्ट में
करने में ढिलाई बरत रही है जबकि जर्मनी ने इन्‍हें ये नाम पहले ही सौंप दिए हैं। भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है जिसने सत्‍ता में दोबारा वापसी की स्थिति में 100 दिनों के भीतर विदेशों में जमा भारतीय लोगों के काला धन को देश लाने का वादा किया था।
· 
Chattrapati Ankur
विकीलीक्स द्वारा स्विस बैंकों में भारतीय खातेदारों की पहली सूची जारी… Wikileaks Black Money of India in Swiss Banks

सुरेश चिपलूनकर


केन्द्र
सरकार इस बात को स्वीकार कर चुकी है कि उसे स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगातार लताड़ लगाए जाने के बावजूद सरकार उन खाताधारियों के नाम उजागर नहीं कर रही है, क्योंकि स्वाभाविक है कि उनमें कई प्रभावशाली”(?) लोग मौजूद हैं, जिनके नाम उजागर होने (उजागर तो हो चुके हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से सरकार द्वारा मान लेने) पर दिल्ली में राजनैतिक भूकम्प आ सकता है…(हालांकि यह सूची अभी आधिकारिक एवं विश्वसनीय नहीं मानी जा सकती)।

विभिन्न
विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा काले धन के बारे में विकीलीक्स द्वारा खुलासे निरन्तर जारी हैं। ताजा खुलासे में विकीलीक्स ने कहा है कि उसके पास स्विस बैंक के पूर्व कर्मचारी रूडोल्फ़ एल्मर द्वारा प्राप्त जानकारी एवं डिस्क के मुताबिक भारतीयों के 2000 नाम हैं, जिसमें से कुछ की लिस्ट विकीलीक्स ने अपने सर्वर 88.80.16.63 पोर्ट क्रमांक 9999 (SSL Enabled) पर रेपिडशेयर के जरिये जारी की हैं। विकीलीक्स के अनुसार इन विशाल रकमों में से अधिकतर स्टॉक मार्केट की हेराफ़ेरियों, नशे के अवैध कारोबार, विभिन्न सरकारी योजनाओं द्वारा प्राप्त किये गये हैं। जूलियन असांजे के अनुसार भारत से आने वाला अधिकतर अवैध पैसा पाकिस्तान, दुबई, मॉरीशस और दक्षिण अफ़्रीका होते हुए स्विस बैंकों में पहुँच रहा है, यदि भारत सरकार इसे रोकने के लिये तथा नाम उजागर करने हेतु तत्काल कोई कदम नहीं उठाती है तो हम एक और लिस्ट जारी करेंगे… (नीचे दी गई सूची 2 अगस्त 2011 को जारी की गई है), जबकि 985 अन्य नामों की लिस्ट जल्दी ही जारी की जाएगी



जैसा
कि आप लिस्ट में देख सकते हैं, वाकई यदि केन्द्र सरकार ईमानदारी से मान ले कि ये नाम सही हैं, तो राजनीति में भूकम्प-सुनामी-ज्वालामुखी-उल्कापात सभी कुछ एक साथ हो जाएगाअब यह आप पर निर्भर करता है कि आप कपिल सिब्बल, दिग्विजय सिंह, पी चिदम्बरम, प्रणब मुखर्जी इत्यादि पर अधिक भरोसा करना चाहते हैं या जूलियन असांजे परकुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं

राजीव गाँधी

एम करुणानिधि

शरद पवार (शकर-क्रिकेट दलाल)

एम के स्टालिन (करुणानिधि के सपूत)

नीरा राडिया (दलालों की सरताज,
फ़िलहाल तिहाड़ी”)
केतन पारेख (शेयर दलाल,
फ़िलहाल तिहाड़ी)
पबन सिंह घटोवार (असम से हाल ही में केन्द्रीय मंत्री बने)

नरेश गोयल (जेट एयरवेज के मालिक)

लालूप्रसाद यादव (धरतीपुत्र)

एचडी कुमारस्वामी (देवेगौड़ा के सपूत)

ज्योतिरादित्य सिंधिया

कलानिधि मारन

ए राजा (फ़िलहाल
तिहाड़धामके यात्री)
सुरेश कलमाडी (एक अन्य तिहाड़ी)


विकीलीक्स
द्वारा जारी इस लिस्ट के कुछ नाम ऐसे भी हैं जिन्हें केन्द्र सरकार द्वारा ईमानदारी से जारीभी किया जा सकता है, ताकि ऐसा लगे कि वाकई सरकार गम्भीर हैजैसे

प्रबोध मेहता

चिन्तन गाँधी

अरुण मेहता

मनोज धुपेलिया

रेंदेवू स्पोर्ट्स (IPL
में कोच्चि टीम के मालिक)
अरुण कोचर
इत्यादि

इन
नामों को देखने के बाद अब आप सपने देखिये कि यदि यह पैसा भारत वापस आ जाएतो आपको 10 रुपये लीटर पेट्रोल, 2 रुपये किलो गेहूँ-चावल और 2% की ब्याज दर पर मकान का लोन मिलने लगेगा। सपना देखने में क्या हर्ज है, पिछले 60 साल से हम और कर भी क्या रहे हैंये बात और है कि अब 1947 के समय का मीठा सपना” (Sweet Dream) अब दुःस्वप्न (Nightmare) में बदल चुका है।

===========

डिस्क्लेमर :-
उक्त लिस्ट एवं स्नैपशॉट विभिन्न नेट फ़ोरमों एवं साइटों पर विचरण कर रहे हैं। अब तक किसी बड़े मीडिया हाउस ने इसे प्रकाशित करने की हिम्मत नहीं दिखाई है, क्योंकि अब भी इस लिस्ट को संदिग्ध(?) माना जा रहा है। विकीलीक्स की अगली लिस्ट में जब भाजपा नेताओं के नाम आएंगे, तभी यह विश्वसनीय मानी जाएगी और शायद तब इस पर मीडिया में चर्चा होगी
=========


स्रोत लिंक

http://www.rediff.com/business​/slide-show/slide-show-1-black​-money-wikileaks-may-reveal-in​dian-names/20110426.htm


http://newsalertindia.com/news​_details.php?nid=983


http://i.imgur.com/bO3dF.png


http://www.haindavakeralam.com​/HKPage.aspx?PageID=14443&SKIN​=B
88.80.16.63
Monday at 15:06 · LikeUnlike · · Unsubscribe

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें