मंगलवार, 29 सितंबर 2020

प्रेरक प्रेरणादायक

 प्रस्तुति, - अनिल कुमार चंचल: *संस्कार*


टी एन शेषन जब मुख्य चुनाव आयुक्त थे, तो परिवार के साथ छुट्टीयां बिताने के लिए मसूरी जा रहे थे। परिवार के साथ उत्तर प्रदेश से निकलते हुऐ रास्ते में उन्होंने देखा कि पेड़ों पर कई गौरैया के सुन्दर घोंसले बने हुए हैं।


 यह देखते ही उनकी पत्नी ने अपने घर की दीवारों को सजाने  के लिए दो गौरैया के घोंसले लेने की इच्छा व्यक्त की तो उनके साथ चल रहे। पुलिसकर्मियों ने तुरंत एक छोटे से लड़के को बुलाया, जो वहां मवेशियों को चरा रहा था.उसे पेड़ों से तोड कर दो गौरैया के घोंसले लाने के लिए कहा।

लडके ने इंकार मे सर हिला दिया। 


श्री शेषन ने इसके लिए लड़के को 10 रुपये देने की पेशकश की। फिर भी  लड़के के इनकार करने पर  श्री शेषन ने बढ़ा कर  ₹ 50/ देने की पेशकश की

*फिर भी लड़के ने हामी नहीं भरी*.


 पुलिस ने तब लड़के को धमकी दी और उसे बताया कि साहब ज़ज हैं और तुझे जेल में भी डलवा सकते हैं। गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. 


लड़का तब श्रीमती और श्री शेषन के पास गया और कहा,- *"साहब, मैं ऐसा नहीं कर सकता। उन घोंसलों में गौरैया के छोटे बच्चे  हैं अगर मैं आपको दो घोंसले दूं, तो जो गौरैया अपने बच्चों के लिए भोजन की तलाश में बाहर गई हुई है जब वह वापस आएगी तो बच्चों को नहीं देखेगी तो बहुत दुःखी होगी जिसका पाप में नहीं ले सकता"*

यह सुनकर श्री टी एन शेषन दंग रह गए।


 *शेषन ने अपनी आत्मकथा में लिखा है-"मेरी स्थिति, शक्ति और आईएएस की डिग्री सिर्फ उस छोटे, अनपढ़ मवेशी चराने वाले  लड़के द्वारा बोले गए शब्दों के सामने पिघल गई*


"पत्नी द्वारा घोंसले की इच्छा करने और घर लौटने के बाद, मुझे उस घटना के कारण अपराध बोध की गहरी भावना का सामना करना पड़ा"


 *जरूरी नहीं की शिक्षा और महंगे कपड़े मानवता की शिक्षा दे ही दें। यह आवश्यक नहीं हैं, यह तो भीतर के संस्कारों से पनपती है। दया,करूणा,दूसरों की भलाई का भाव,छल कपट न करने का भाव मनुष्य को परिवार के बुजुर्गों द्वारा दिये संस्कारों से तथा संगत से आते है अगर संगत बुरी है तो अच्छे गुण आने का प्रश्न ही नही*

[9/29, 17:47] Anami: *बहुत ही महत्वपूर्ण*

      *कृपया सभी को साझा करें ..*

*कोयंबटूर ई एस आई अस्पताल*

 *141/141 इससे ठीक हो गए और घर लौट आए।*


● *पानी में थोड़ी काली मिर्च पाउडर, नींबू का रस और अदरक का एक टुकड़ा मिलाएं और पानी को उबालकर पिएं।*


● *यदि हम दिन में 2 या 3 बार इसको पीते हैं, तो हम वायरल या बैक्टीरियल संक्रमणों से प्रभावित नहीं होंगे।*


● *एक विशेष रासायनिक प्रतिक्रिया तब बनती है :-*

*जब अदरक, काली मिर्च और नींबू के रस को पानी में मिलाकर उबाला जाता है।*


● *यह नया रासायनिक परिवर्तन किसी भी बुरे वायरस और बैक्टीरिया को मार देगा। कोरोना नामक इस भ्रम के बारे में कैसे पता चलता है जो दिन-प्रतिदिन अपने आणविक आकार को बदलता है? चिकित्सा जगत खालीपन से घूर रहा है।*

● *अदरक, काली मिर्च और नींबू त्रिमूर्ति हैं जो भविष्य में सभी जादू वाइरस राक्षसों को नष्ट कर देंगे, चाहे इस कोरोना जादू की तरह कितने नए जादूगर हों।*


● *कर्नाटक में कोरोना रोग को नियंत्रित करने के लिए*

*"अदरक, काली मिर्च और नींबू के रस*

*का उपयोग किया जा रहा हैं*


 *कूर्ग और मदिकेरी जैसे शहर,जो उच्च गुणवत्ता की काली मिर्च पैदा करते हैं, सभी कर्नाटक में हैं।  कर्नाटक में भी यही प्रयोग से कोरोना मुक्ति पा रहे है।*


*आप इस पोस्ट को किसी भी फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट कर सकते हैं ..।*


      *अदरक, नींबू, काली मिर्च  हर जगह उपलब्ध हैं। अगर यह अद्भुत, सरल चिकित्सा  दुनिया के सभी देशों में जाता है तो हम सभी कोरोना ग्रस्त पीड़ित को हराने में सहयोग कर  सकतें हैं ....*🙏🏼🙏🏼


*अगर हर एक व्यक्ति,इस मैसेज की पालना करता है,, तो निश्चित कोरोना पर विजय प्राप्त कर सकते है।*


   🙏🏻 *जनहित में होकर उपयोगी भी है* 🙏🏻

[9/29, 21:57] Swami Sharan: 🙏शिक्षा🙏


*एक पति ने अपने गुस्सैल पत्नी  से तंग आकर उसे कीलों से भरा एक थैला देते हुए कहा ,"तुम्हें जितनी बार क्रोध आए तुम थैले से एक कील निकाल कर बाड़े में ठोंक देना !"*


🎯पत्नी को अगले दिन जैसे ही क्रोध आया उसने एक कील बाड़े की दीवार पर ठोंक दी। यह प्रक्रिया वह लगातार करती रही।


🤦🏻‍♂धीरे धीरे उसकी समझ में आने लगा कि कील ठोंकने की व्यर्थ मेहनत करने से अच्छा तो अपने क्रोध पर नियंत्रण करना है और क्रमशः कील ठोंकने की उसकी संख्या कम होती गई।


🙋🏻‍♂एक दिन ऐसा भी आया कि पत्नी  ने दिन में एक भी कील नहीं ठोंकी।


🤷🏻‍♂उसने खुशी खुशी यह बात अपने पति को बताई। वे बहुत प्रसन्न हुए और कहा, "जिस दिन तुम्हें लगे कि तुम एक बार भी क्रोधित नहीं हुई, ठोंकी हुई कीलों में से एक कील निकाल लेना।"


👱‍♀️पत्नी ऐसा ही करने लगी। एक दिन ऐसा भी आया कि बाड़े में एक भी कील नहीं बची। उसने खुशी खुशी यह बात अपने पति को बताई।


*पति उस पत्नी  को बाड़े* *में लेकर गए और कीलों के छेद* *दिखाते हुए पूछा, "क्या तुम ये छेद भर सकती हो?"*


🌿पत्नी ने कहा,"नहीं जी"


🌿पति  ने उसके कन्धे पर हाथ रखते हुए कहा,"अब समझी, क्रोध में तुम्हारे द्वारा कहे गए कठोर शब्द, दूसरे के दिल में ऐसे छेद कर देते हैं, जिनकी भरपाई भविष्य में तुम कभी नहीं कर सकते !"


 *सन्देश : जब भी आपको क्रोध आये तो सोचिएगा कि कहीं आप भी किसी के दिल में कील ठोंकने तो नहीं जा रहे ?*

ये बात सास बहू पिता पुत्र भाई भाई या भाई बहन या किसी मित्र मे भी हो सकती है

1 टिप्पणी:

CDS विपिन रावत की मौत

*_🌸🌾न्ई दिल्ली नहीं रहे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, CDS बिपिन रावत का निधन, हेलिकॉप्टर क्रैश में पत्नी मधुलिका समेत 13 लोगों की मौत,_...