सोमवार, 22 जून 2020

इतिहास के साथ छेड़छाड़





#मराठों_को_बना_दिया_लुटेरा..

आप सबसे अनुरोध है पूरा पढ़ें.
(ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के खिलाफ)

 पुस्तक: "बिहार एक परिचय"(लेखक:इमत्याज़ अहमद" व "कमल अहसान ")

पृष्ठ:75: एक धारणा रही है कि बारहवीं शताब्दी में इब्ने बख्तियार खलजी के अभियान के फलस्वरूप नालंदा महाविद्यालय का विनाश हुआ | यह गलत है | ( नोट:-1: खिलजी ने लूटा नहीं वो उसका अभियान था, 😡😡 2: उसने नालंदा महाविद्यालय का न विनाश किया,न जलाया😡😡 3: यह सब एक धारणा है 😡😡 )

अब नीचे देखें

पृष्ठ:25:- उत्तरी भारत में अराजकता फैल गयी | बिहार का क्षेत्र भी अप्रभावित नहीं रहा | इस क्षेत्र में अफग़ानों के विद्रोह होने लगे | मराठों ने भी यहां लूटमार मचाई| (नोट :- मराठों ने लूटा😡)

पृष्ठ:25: मराठों ने उससे उड़ीसा के अधिकांश क्षेत्र छीन लिए ( नोट :- जीता नहीं छीना 😡😡)

BPSC की परीक्षा में, बिहार संबंधित प्रश्नों के लिए  सर्वाधिक उपयोगी पुस्तक "बिहार: एक परिचय" ("इमत्याज़ अहमद" व "कमल अहसान "द्वारा लिखित) जिससे BPSC की तैयारी करने वाला शायद ही कोई छात्र अनभिज्ञ हो.... इस ऐतिहासिक दोहरेपन का विरोध करने से खुद को रोक न सका , हमारे इतिहास को ऐसे ही तोड़ मरोड़ के हम तक पहुंचाया गया है, और हमारे इतिहास को अपनी व्यक्तिगत विचारधारा के माध्यम से बदलने (तोड़ मरोड़ कर पेश करने) वाले वो ही लोग हैं , जिन्हें किसी शहर का नाम बदलना भी बर्दाश्त नहीं होता 😡😡

मेरा आप सब से अनुरोध है कि अब किसी भी पुस्तक में आपको ऐसी कोई विषयवस्तु मिले उसके खिलाफ तुरंत आवाज उठायें ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगी 😡😡

आप सबकी प्रतिक्रिया निर्धारित करेगी कि हमारा अगला कदम क्या हो ??
                                                             ✒️कुमार मृणाभ

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