सोमवार, 13 अप्रैल 2020

मीडिया का बुरा हाल है




गुलजार साहब की यह कविता आज बहुत याद आ रही है...👏👏

*"बे वजह घर से निकलने की ज़रूरत क्या है"*
*"मौत से आँखे मिलाने की ज़रूरत क्या है"*

*"सब को मालूम है बाहर की हवा है क़ातिल"*
*"यूँही क़ातिल से उलझने की ज़रूरत क्या है"*

*"ज़िन्दगी एक नेमत है उसे सम्भाल के रखो"*
*"क़ब्रगाहों को सजाने की ज़रूरत क्या है"*

*"दिल बहलाने के लिये घर में वजह हैं काफ़ी"*
*"यूँही गलियों में भटकने की ज़रूरत क्या है"*

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[13/04, 19:11] As अशोक सिंह: *Media Updates*

1.Indian Express and Business Standard have asked staff to take salary cuts
2. Outlook has stopped print publication.
3. News Nation terminated 16 English digital employees
4. TOI sacked the entire Sunday mag team
5. About half of the Quint team has been asked to go on leave without pay
6. India Today has prepared a list of 46 reporters, 6 cameramen and 17 producers who are being removed due to losses right away
[13/04, 20:06] As अशोक सिंह: 😀😃😄😂😄😃😀
*एक बार एक बंदर को उदासी के कारण मरने की इच्छा हुई, तो उसने एक सोते हुए शेर के कान खींच लिये।*

*शेर उठा और*
*गुस्से से दहाड़ा-*
*“किसने किया ये..? किसने अपनी मौत बुलायी है..?”*

*बंदर: "मैं हूँ महाराज। दोस्तो के अभाव में अत्याधिक उदास हूँ,*
*मरना चाहता हूँ,*
*आप मुझे खा लीजिये।"*

*शेर ने हँसते हुए पूछा-*
 *“ मेरे कान खीँचते हुए तुम्हें किसी ने देखा क्या..?”*
🤔

*बंदर: "नहीं महाराज..."*

*शेर: "ठीक है, एक दो बार और खीँचो, बहुत ही अच्छा लगता है.... !!"*

*इस कहानी का सार :*

*अकेले रह-रह कर जंगल का राजा भी बोर हो जाता है।*

*इसलिए अपने दोस्तों के संपर्क में रहें, कान खीँचते- खिचाते रहे, पंगा लेते रहे...।*

*सुस्त न रहे,*
*मस्ती 👇👆🤪करते रहें..!*

*आप सभी भी अपने मित्रों से संपर्क बनाकर रखिए*
*विश्वास कीजिए आपका मन सदा ही प्रफुल्लित और आप सदैव स्वस्थ रहेंगे*
🥰🥰🥰😍🥰🥰🥰
[13/04, 20:31] As अशोक सिंह: न्यूज़ नेशन की पूरी इंग्लिश डिजिटल टीम फायर, 15 से ज्यादा लोग सड़क पर

लॉक डाउन के साइड इफेक्ट भयानक हैं। कोरोना और लॉक डाउन का बहाना लेकर धड़ाधड़ छँटनी की जा रही है। मीडिया कम्पनियों को तो वैसे भी छँटनी करने का कोई बहाना चाहिए। न्यूज़ नेशन चैनल से भी कई लोगों के निकाले जाने की सूचना अभी अभी मिली है।

बताया जा रहा है कि न्यूज़ नेशन की पूरी इंग्लिश डिजिटल टीम को ही प्रबंधन ने गुड बॉय बोल दिया है। इस टीम में 15 से ज्यादा लोग थे। इस टीम को हेड वरुण शर्मा कर रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक प्रबन्धन ने बिना किसी को समय दिए, अचानक ही फायर कर दिया। बस एक मेल भेजा। कोरोना संकट, लॉक डाउन और आर्थिक संकट का हवाला देते हुए। फिर सबको जाने को कह दिया।

मीडिया हाउसेज की तानाशाही को बस इसी बात से समझा जा सकता है कि वे न तो पीएम की बात को मानते हैं और न किसी नियम कानून को।

पीएम मोदी ने कोरोना काल में इम्प्लाइज को जोड़े रखने, उन्हें सपोर्ट-हेल्प करने की बात इम्पलॉयर्स से कही। इस बाबत आदेश भी जारी हुआ। पर आदेशों को आईना दिखा रहे हैं खुद मीडिया हाउस ही, जो दुनिया भर को नियम कानून नैतिकता का पाठ पढ़ाते रहते हैं।मीडिया का बुरा हाल है 

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