रविवार, 12 सितंबर 2021

खाने की वस्तुओं पर लाल और हरे निशान क्यों?

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     *🎊आज का सामान्य ज्ञान🎊*


*🚨"खाने की वस्तुओं पर लाल और हरे निशान क्यों होते हैं?"🚨*


जैसा कि हम जानते हैं कि आज कल की युवा पीढी पेट भरने के लिए रोटियों की अपेक्षा बाजार में मिल रही वस्तुओं का प्रयोग करते हैं। बाजार में मिलने वाली खाने की वस्तुओं के ऊपर यह लिखा होता है कि उस वस्तु में किस चीज का प्रयोग किया गया है। साथ ही उन वस्तु पर एक विशेष प्रकार का हरा या फिर लाल निशान भी होता है, तो आइये जानते हैं कि खाने की वस्तुओं पर लाल और हरे निशान क्यों होते हैं?


🔮दरअसल खाने की बस्तुओं पर बने लाल और हरे निशान का अर्थ यह प्रदर्शित करना है कि यह वस्तु मांसाहारी है या शाकाहारी। अगर वस्तु शाकाहारी है तो उस पर हरा निशान और मांसाहारी है तो उस पर लाल निशान होगा। जो खाद्य पदार्थ मांसाहारी और शाकाहारी के बीच में आते है जैसे कि अण्डे से बने खाद्य पदार्थ तो उन पर ब्राउन रंग का निशान होता है। इन निशानों की शुरूआत खाद्य सुरक्षा और मानक पैकेजिंग और लेबलिंग विनियमन 2011 के तहत हुई थी। इस मानक के अनुसार जो भोज्य पदार्थ पैकेट बंद बाजार में बिकेगा, उस पर इन निशानों का होना अनिवार्य है। साथ यह भी कहा गया कि इस निशानों को लेवल के पास प्रिंट किया जाऐ ताकि उपयोगकर्ता इन्हें आसानी से देख सके और वस्तु के बारे में पता कर सके। यही कारण है कि खाने की बस्तुओं पर लाल और हरे निशान होते हैं।


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