शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

कौन बांध सका है भला आज़ाद को


आजाद हूं आजाद ही रहूंगा

आखिर आ ही गया वो दिन 23 जुलाई का ... आपको याद तो होगा .!!   23 जुलाई 1906" भारतीय इतिहास का वो ऐतिहासिक दिन था जब ' गाँव - भावरा, जिला - झाबुआ, मध्य प्रदेश में जगरानी देवी और सीताराम तिवारी के घर में महान क्रांतिकारी श्री 'चंद्रशेखर' का जन्म हुआ अंग्रेजों की हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए गाँधी जी ने असहयोग आन्दोलन चालू किया जिसमे चंद्रशेखर ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया | इसी दौरान वो जेल भी गए और उस समय इनकी उम्र महज 12 वर्ष ही थी जब मजिस्ट्रेट ने उनसे उनका नाम, पिता का नाम और घर पूछा तो इन्होने उस मजिस्ट्रेट को जवाब दिया था ' नाम .. " आजाद " ..पिता का नाम ' स्वाधीन ' ..पता ..' जेल खाना ' | इससे बौखलाकर उसने उन्हें 15 कोड़े की सजा सुनाई | जितनी बार उनके ऊपर कोड़े पड़ते उतने बार वो "भारत माता की जय" और "गांधी जी अमर रहे" के नारे लगाते तब से वो हिन्दुस्तानियों के बीच 'आजाद' नाम से प्रसिद्द हुए |उन्होंने तभी ये कसम खायी की अंग्रेजी हुकूमत का सर्वनाश कर देंगे और कभी इन 'गोरों' के हाथ दुबारा नहीं आएंगे  ऐसे महान क्रांतिकारी जिनका..' शहादत दिवस ' है ..आगामी 27 फरवरी को ..देशभक्तों हेतु ' JHF ' द्वारा देशहित में जारी ..चौरी चौरा काण्ड के बाद गाँधी जी ने अन्दोलान वापस ले लिए |इसके बाद आजाद ने क्रन्तिकारी विचारधारा को अपनाया और 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन अस्सोसिएशन' के सदस्य बने |उन्होंने 'काकोरी काण्ड','सौण्डर्स हत्याकांड' और 'वाइसराय की ट्रेन उड़ाने की कोशिश' को अंजाम दिया | 1927 में रामप्रसाद बिस्मिल की फांसी के बाद क्रांतिकारी आन्दोलन को उन्होंने नए सिरे से ' हिंदुस्तान सोसिअलिस्टिक रिपब्लिकन अस्सोसिएशन' का गठन करके शुरू किया | भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु,भगवती चरण वोहरा और कई अन्य क्रांतिकारियों को अपना नेतृत्व प्रदान कर उन्होंने कई क्रांतिकारी घटनाओं को अंजाम दिया | अंततः 27 फरवरी 1931को इलाहाबाद के तत्कालीन अल्फ्रेड पार्क( वर्तमान आजाद पार्क ) में इन्होने देश की आजादी के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया|
दोस्तों आज के इस भ्रष्ट और तथाकथित प्रगतिशील समाज में हमने इस महान शहीद और इनके 'सेवा,त्याग और शौर्य' के आदर्शों को भूला दिया है| आज इनके दिखाए गए 'मूल्यों' और 'सेवा' भाव पर चलकर ही इस देश को, इस 'भ्रष्ट' और 'भटके' समाज को सही रास्ता दिखाया जा सकता है | आइये हम सब मिल कर नमन करे इस महान शहीद और इनकी शहादत को और कोशिश करें की अपनी भागती-दौड़ती जिंदगी का कुछ समय हम इन महान बलिदानियों के 'आजाद' और 'खुशहाल' भारत के सपने को पूरा करने में लगायें |
..... सहमत है ..?? ...साथ आयें .!!! ....जय आजाद ....जयहिंद .!!!
'अमर शहीदों की कुर्बानी,याद करे हर हिन्दुस्तानी

साभार हिमांशु जयहिंद

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