शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

हिंदी साहित्य इतिहास की किताबें




हिन्दी साहित्य की प्रतियोगिताओ मे निश्चित सफलता के लिए कौन सी पुस्तकें पढें?
                   
 हमारी सफलता बहुत हद तक उपयुक्त पुस्तकों के चयन पर निर्भर करती है। इस पेज का लक्ष्य आपका समय समय पर उचित मार्गदर्शन करना है। आप सभी मित्रों के लिए हिंदी विषय से जो तैयारी करते है उनके लिए विशेष किताबें जो आप सभी पूछते रहते है।सभी सदस्य जो हिंदी सम्बंधित प्रतियोगिताओं(नेट,उच्चतर, पीजीटी, टीजीटी या अन्य) की तैयारी आरम्भ कर रहे हों, उनके लिए मेरी निगाह में कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकें -

साहित्य का इतिहास सम्बन्धी-

१.हिंदी साहित्य का सरल इतिहास - विश्वनाथ त्रिपाठी (अनिवार्य)
२. हिंदी साहित्य का इतिहास - रामचंद्र शुक्ल (अनिवार्य)
३. हिंदी साहित्य का इतिहास - (नगेन्द्र + हरदयाल) (अनिवार्य)
४. आधुनिक हिंदी साहित्य का इतिहास - बच्चन सिंह (ऐच्छिक)
५. हिंदी साहित्य और संवेदना
का विकास - राम स्वरूप चतुर्वेदी (ऐच्छिक)
६. हिंदी साहित्य की भूमिका - हजारी प्रसाद द्विवेदी (नेट हेतु)
७. हिंदी साहित्य - उद्धव एवं विकास - हजारी प्रसाद द्विवेदी ( नेट हेतु)
८. हिंदी साहित्य का आदिकाल ( नेट हेतु)
भाषा विज्ञान और हिंदी भाषा -
हिंदी भाषा - हरदेव बाहरी
भाषा विज्ञान - कपिल देव द्विवेदी
अथवा
भाषा विज्ञान - भोलानाथ तिवारी

काव्य शास्त्र -

१. भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र- सत्यदेव चौधरी और शान्ति स्वरूप गुप्त
२. भारतीय काव्य शास्त्र- योगेन्द्र प्रताप
३. भगीरथ मिश्र की पुस्तक

व्याकरण - ( tgt/pgt)

१. हिन्दी भाषा एवं व्याकरण - वासुदेव नंदन प्रसाद
२.हिंदी- शब्द अर्थ प्रयोग - हरदेव बाहरी
संस्कृत व्याकरण व इतिहास ( tgt/pgt)-

१. संस्कृत दिग्दर्शिका ( इण्टर की माध्यमिक की पुस्तक)
२. संस्कृत साहित्य का इतिहास ( ncert की पुस्तक)

सहायक गाइडें-

१. वस्तु निष्ठ हिंदी - पुनीत राय( अनिवार्य)
२. वस्तुनिष्ठ हिंदी एवं भाषा - गोविंद पाण्डेय / सरस्वती पाण्डेय(अनिवार्य)
३. हिंदी साहित्य का इतिहास - उमेश तिवारी (ऐच्छिक)
४. नेट गाइड- प्रतियोगिता साहित्य सीरीज- अशोक तिवारी
( द्वितीय प्रश्नपत्र- अनिवार्य), तृतीय (ऐच्छिक)

अभ्यास हेतु साल्व पेपर्स -

वस्तुनिष्ठ हिंदी -पूरनचंद टंडन और शर्मा
नेट साल्व पेपर्स - AG प्रकाशन- विनय मिश्र
Tgt/pgt- शिल्पी प्रकाशन

नोट-१ नेट के तर्क वाले प्रश्न हेतु चिंतामणि के साहित्य सम्बन्धी निबन्ध, रसमीमांसा - शुक्लजी की अवश्य पढी जानी चाहिए। और हिंदी का गद्य साहित्य रामचंद्र तिवारी ।

नोट-
            जरूरी नहीं कि सभी किताब खरीदी जायें किंतु अनिवार्य किताबें अवश्य पढनी चाहिए, ऐसा मेरा मानना है। कुछ किताबें और अच्छी होंगी जो याद नहीं होंगी या मेरी नजर में नहीं आई होंगी,वह आप बता सकते हैं।

धन्यवाद।।                     
 हिन्दी प्रवक्ता (gov)
                                   
  हिंदी जेआरएफ२०१२
हमारे पेज से जुडे रहने के लिए लाईक करे https://www.facebook.com/HINDISAHITYA08/




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कितनी बदल गयी दिल्ली / विवेक शुक्ला

 दिल्ली 1947- 2021 कितनी बदली   साउथ दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव के करीब हुमायूंपुर में मिजो फूड तथा मयूर विहार में मलयाली रेस्तरांओं के साइन...