सोमवार, 13 जुलाई 2020

अंबष्ट कायस्थ का इतिहास / उदय सहाय




Article by Sri Uday Sahay.

प्रस्तुति - अनिल कुमार  चंचल

अंबष्ट बिहार कैसे बसे?
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दोस्तों। आप शायद जानते हों कि भारत पर आक्रमण के पूर्व सिकंदर ने सीमावर्ती राजा आंबि को सूचित किया की या तो वह समर्पण करे या युद्ध। निज स्वार्थ में आम्बि ने समर्पण करना तय किया, लेकिन उसके बहादुर सत्रपों को यह स्वीकार नहीं हुआ। उन बहादुर सत्रपों में पोरू के बारे में आप सब जानते हैं। मगर आम्बि के अंबष्ट सत्रप के युद्ध की कहानी आपमें से अधिकतर लोग नहीं जानते हैं। उन्होंने भी पोरू की तरह समर्पण स्वीकार नहीं किया। लीजिये आगे की कहानी मैं बताता हुँ।

आपको शायद ज्ञात हो कि सिकन्दर के साथ अंबष्ट बड़े बहादुरी से लड़ कर भी पराज़ित हुए। पर इस युद्ध में सिकन्दर घायल हो गया था। क्षुब्ध हो उसने अंबाष्टों को आमूल नाश करने का आदेश अपनी सेना को दिया। संकट के इस विकराल घड़ी में जाति ने हथियार छोड़ आस पास के जन जीवन में विलुप्त होने का निश्चय किया। चेनब नदी के मुहाने से वह महाकाल यानि उज्जैन की ओर रवाना हो गए।

अंबष्ट-सिकंदर युद्ध को दो महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने नज़दीक से देखा था। एक था सिकंदर का निज इतिहासकार, डीयोदोरस। दूसरा सिकंदर के युद्ध के तरीक़े को समझने के लिए छद्मवेश में उसकी सेना में छिपा चंद्रगुप्त, जिसने घनानंद को सत्ता से हटाने के बाद बहादुर अंबाष्टों को अपनी राजधानी में बसनें के लिए आमंत्रित किया।

चंद्रगुप्त के आमंत्रण पर वह मगध गए नदी के किनारे किनारे वाले रास्ते से। राजगृह के १०० कोस के अंदर फैले गाँव में चंद्रगुप्त ने उन्हें बसाया।उनका ख़ासघर इन गाँव के नाम पर पड़ा। बिहारशरीफ़ के अंजनी कुमार जी ने गहरा शोध कर उनमें से अधिकतर गाँव चिन्हित कर लिए हैं। नीचे उनकी सूचि दी गयी है।

मगध क्षेत्र में अम्बस्थों का  उपनाम/खासघर और मूल गांव निम्नानुसार है:

1. कोचगवें-- कोचगवां/कोचगांव
2.  डेढ़गवें-- डेढ़गवां
3. हरगवें-- हरगवां
4.  तेतरवें-- तेतरवां
5.  परबतिआर--परबती, ब्लाक काशीचक, जिला नवादा, बिहार
6.  मलदहिआर-- मलदह
7.  घोरसवें-- घोरसवां
8.  निमीआर-- निमी
9.  दत्तकुलिआर--  कुल
10. नन्दकुलिआर-- ननन्द कुल
11. गिरियार-- गिरियक/प्राचीन नाम गिरिया
12. मैजोरवार-- मैजरा
13. राजगृहार--राजगृह/राजगीर
14.  बिरनवें--बिरनवां, ब्लाक चंडी,जिला नालन्दा बिहार
15.  समैयार--समै
16.  मंजौरवार/मंजरवार--मंजौर
17.  मलतियार-- मलती
18.  बरदिहार-- बागी बरडिहा
19.  लोहरवें-- लोहरवां
20.  बडगवें-- बडगवा
21.  ओन्दवार-- ओन्दा
22. लोहरे-- ल़ोहरपुरा
23. मंजरवें-- मंजरवां
24. संदवार-- संदवा
25. जमुआर-- जमुआवां, ब्लाक वज़ीरगंज जिला गया बिहार
26. कसरे-- गांव कसर, ब्लाक अरियारी, जिला शेखपुरा बिहार
27. बरगवें-- बरगवां
28. गोरौरिआर/गौरियार-- गोरौर
29. कतरवार-- कतरपुर
30. पुरिआर-- पुरी
31. कटरिआर/कटरियार-- कटारी
32. कत्रीआर/कत्रीयार-- कत्री
33. बिलवार-- बिलारी
34. बरहरिआर-- बरहरि
35. पचवरे-- पचवारा
36. बिशोखिआर-- बिजोखरि
37. बरिआर-- बरिआ कलान/खुर्द
38. चंडगवें-- चंडी
39.  बेढनवें-- बेढ़ना
40.  रुखीआर-- रुखी/पंचरुखी/कोशी रुखी
41. ओदन्तिआर (ओखन्डिआर?)-- ओदन्तपुरी (बिहारशरीफ)
42.  कुमारपटने-- कुम्हरार, पटना
43.  प्रभुपटने-- नौजरघाट, पटना सिटी
44.  नागपटने-- नागला,फतुहा
45.  करपटने-- पटना सैटेलाइट गांव
46.  पानपटने-- पटना सैटेलाइट गांव
47.  नेपटने-- पटना सैटेलाइट गांव

नवादा जिले में पडने वाले अन्य मूल गांव और उपनाम/खासघर
48. पचगवें-- पचगांव
49. बिसियत-- बिसियैत
50. नरहटिआर-- नरहट
51. गेहिलवार-- गेहलौर
52. अत्रियार/त्रियार-- अत्रि
53. मनवंश रतनमन--सौर(?)
54. सनोखरे/सोनखरे-- सनोखरा
55. कथोटवार-- कथोकारी

पटना (P) और अम्बा-कुटुम्बा (A) मध्य अम्बस्थों का मूल गांव और उपनाम/खासघर
56. मंदीलवार-- मंदील
57. भरथुआर-- भरथुआ
58. दराद-- दरार
59. सकरदिहार-- सकरडीह
60.  महथा-- महथा
61. इंतहार/इतेहयार/ईतेहवार--इतवां (Itwan) हसपुरा

कुटुम्बा तहसील औरंगाबाद जिला अन्तर्गत सोन नदी के किनारे और उसके पास अम्बस्थ का मूल गांव और उपनाम/खासघर
62. धुंधुआर-- धुंधुआ
63. कसौटिआर--कसौटी तथा
64. जयपुरियार-- जयपुर

गया शहर के सैटेलाइट गांव जो अम्बस्थों का मूल गांव और उपनाम/खासघर
65. सनौटिआर-- सनौट/सोनौट
66. काकन्दवार-- चाकन्द
67. गयावर-- गया का सैटेलाइट गांव
68. गयादत्त-- गया का सैटेलाइट गांव
69. गयासेन-- गया का सैटेलाइट गांव
70. गजरे गयासेन-- गया का सैटेलाइट गांव

गया (चाकन्द-मानपुर) तथा अम्बा-कुटुम्बा (औरंगाबाद) के मध्य गांव जो अम्बस्थों का मूल गांव और उपनाम/खासघर
71. परैवार/परैयार-- परैया-खुर्द
72. कस्तुआर/कस्थुआर-- कस्ठा

पुराना गया जिला के अन्तर्गत पडने वाले मूलगांव तथा उपनाम/खासघर
73. त्रियार/तेरियार आदि-- अत्रि, गया जिला
74. दफ्थुआर/दफ्थुआर-- दब्थु (दफ्थु) हुलासगंज जहानाबाद

अन्य खासघर का नाम जिससे इंगित होने वाले मूल गांव की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है

01.  बेदसेन
02. डुमरवें/डुमरसेन (डुमरे), ब्लॉक बिहारशरीफ, नालन्दा
03. बरतिआर,
04. चारगवें
05. चखैआर/चखैयार,
06. जरुहार
07. जमैयार,
08. जोरीहार,
09. बेदसेन
10.  सरिआर, मूलगांव सरे, ब्लाक अस्थवां जिला नालन्दा
11. नहसेन,
12. लखैयार
13. रियार
14. गजरे सेन,
15. गजरे पानसेन,
16. जेवार--जिआर (Jiar) ब्लॉक अस्थवां (नालन्दा)
17. शंखेरमन/संखेरमन, Manshankhre
18ए.शाण्डिल्यवार

हो सकता है कि कुछ खासघरों का नाम जिसके आगे या पीछे "मन" लगा होता है और कुछ अन्य खासघरों का नाम जिसके आगे या पीछे "दत्त' लगा होता हैं, छूट गया हो। यदि हमारे सदस्य सक्रियता दिखाए तो छूटे हुए खासघरों का नाम जोड़कर उपरोक्त सूची को पूर्णता प्रदान की जा सकती है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. बिलकुल सत्य है , ऐतिहासिक और तार्किक रूप में .

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  2. जानकारी में जान है, सटीक है,, गलत होने का संशय नहीं क बराबर है, अम्बष्ट अपने विरासत को जानें समझे और एकजुट हो जायें

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