मंगलवार, 5 मई 2020

मदिरालय खुलल बा / मनु लक्ष्मी मिश्रा



मदिरालय खुलल बा
शिक्षालय में ताला लगल बा

मंदिर में ताला, मस्जिद में ताला
गिरिजाघर में लाकडाउन बा
चालीस दिन से
कोरोनवा से सबही डरल बा

मदिरालय खुलल बा
शिक्षालय में ताला लगल बा

आज देखो भैया बोतल के
पीछे तीन किलोमीटर के
लाइन लगल बा
जेकरा हिंदी न आवे
ओकरा अंग्रेजी चढ़ल बा

मदिरालय खुलल बा
शिक्षालय में ताला लगल बा

मुक्ति के मार्ग यही बा
सरकारन के दाम यही बा
केकरा के रोटी के चिंता
बहुतै जरुरी काम यही बात

मदिरालय खुलल बा
शिक्षालय में ताला लगल बा

आज से शराबी बेवड़ा न कहिए
इनकर इकोनॉमी
वारियर्स नाम पड़ल बा

बच्चन कहिगैं----

बजी न मंदिर में घड़ियाली
चढ़ी न प्रतिमा पर माला
बैठा अपने भवन मुअज्जिन
देकर मस्जिद में ताला
लुटे खजाने नरपतियों के
गिरी गढ़ों की दीवारें
रहे मुबारक पीने वाले

खुली रहें यह मधुशाला।


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