सोमवार, 23 जनवरी 2017

जल्लीकट्टू





प्रस्तुति -- विकिपीडिया 
जल्‍लीकट्टू
Madurai-alanganallur-jallikattu.jpg
एक युवक एक बैल का नियंत्रण लेने की कोशिश
उपनाम चढ़ाई आलिंगन, मंजू मुक्त
सबसे पहले खेला गया 400-100 BC [1]
विशेषताएँ
मिश्रित लिंग नहीं
स्थल खुला मैदान
ओलंपिक नहीं
जल्‍लीकट्टू (Jallikattu) तमिल नाडु के ग्रामीण इलाक़ों का एक परंपरागत खेल है जो पोंगल त्यौहार पर आयोजित कराया जाता है और जिसमे बैलों से इंसानों की लड़ाई कराई जाती है.[2] जल्लीकट्टू को तमिलनाडु के गौरव तथा संस्कृति का प्रतीक कहा जाता है। ये 2000 साल पुराना खेल है जो उनकी संस्कृति से जुड़ा है. [3]

इस खेल पर पाबंदी लगाने

जानवरों की सुरक्षा करने वाली संस्था पेटा इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले गयी. अदालत ने 2014 में इस खेल पर पाबंदी लगाने का फैसला सुनाया.[2]

सन्दर्भ


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