रविवार, 7 फ़रवरी 2016

पाकिस्तान में हिन्दू मंदिर गुरूद्वारे



 

 

'पाकिस्तान में हिन्दू' - 37 news result(s)

पाकिस्तान में हिंदुओं के लिए कोई विवाह कानून नहीं, महिलाओं के लिए हुई मुसीबतपाकिस्तान में रह रहे लाखों हिंदुओं के लिए कोई विवाह कानून नहीं है। इस वैधानिक शून्य ने पाकिस्तानी हिंदुओं, खासकर महिलाओं के लिए कई तरह के मुद्दों को जन्म दे दिया है।
वापस जाने की अनुमति नहीं मिली, बुजुर्ग पाक हिन्दू महिला जोधपुर में फंसीभारतीय आव्रजन अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर भारत से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलने के कारण पाकिस्तान की एक बुजुर्ग हिन्दू महिला पिछले वर्ष मार्च से भारत में फंसी हुई है।
ऐ पाकिस्तान, बिहार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को अब तेरा ही सहारा ह - रवीश कुमारमैं पाकिस्तान नहीं गया हूं। इसलिए गूगलागमन के ज़रिये पता लगाने का प्रयास किया कि पाकिस्तान में दिवाली कौन मनाता है। सारे सर्च यही बता रहे थे कि पाकिस्तान में हिन्दू दिवाली मनाते हैं। अमित शाह के तर्क के हिसाब से बीजेपी के हारने के बाद क्या उन्हें दिवाली नहीं मनानी चाहिए।
पाकिस्तानी हिन्दुओं को करना होगा और इंतजार, नहीं मंजूर हुआ विवाह कानूनपाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय को अपने विवाह का पंजीकरण करा सकने के लिए अभी और इंतजार करना होगा क्योंकि सांसदों ने देश के प्रथम हिन्दू विवाह कानून को अंतिम मंजूरी देने का फैसला 13 जुलाई तक के लिए टाल दिया।
पाकिस्तानी की अकेली हिन्दू रियासत में ब्याही गई राजस्थान (कानोता) के ठाकुर की बेटीभारत और पाकिस्तान के बीच भले ही सरहद की लकीरें खींच चुकी हों, लेकिन कुछ ऐसे रिश्ते हैं जो सरहद की दीवारों से भी ज़्यादा मज़बूत होते हैं। ऐसा ही कुछ रिश्ता है पाकिस्तान की रियासत उमरकोट का। सिंध में बसा उमरकोट पाकिस्तान की एक मात्र हिन्दू रियासत है।
मनीष शर्मा की नज़र से : पाकिस्तान में हिन्दू होने की सज़ासारे देश में सभी वर्गों का ध्यान रखने का दावा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बंगाल की चुनावी रैली में बांग्लादेशी हिन्दुओं का स्वागत करना तो याद रख पाए, लेकिन पाकिस्तान से आए हिन्दुओं को शायद वह भी भूल गए। सो, अब देखना यह है कि क्या मोदी, या कोई और इनकी मुश्किलों को दूर कर पाएगा...
एनडीटीवी की खास रिपोर्ट : पाकिस्तान से भारत आए 450 हिन्दू परिवारों का दर्दइन लोगों पर पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला जाता था, लेकिन इन लोगों ने धर्म बदलने की बजाय देश ही बदल लिया और अब ये अपने दिन बदलने के इंतजार में समय काट रहे हैं। एनडीटीवी संवाददाता अदिति राजपूत की रिपोर्ट।

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