सोमवार, 13 अप्रैल 2015

फैशन में तो औरतों को भी मात कर देते है मोदी








सूट के बाद अब मोदी की शॉल पर हंगामा


प्रस्तुति- रिद्धि सिन्हा नुपूर

भारत


  • 13 अप्रैल 2015

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सूट के बाद अब उनकी शॉल पर हंगामा हो गया है.
रविवार को दिन भर सोशल मीडिया पर इस बात पर चर्चा होती रही कि नरेंद्र मोदी ने जो शॉल पेरिस पहुंचने पर ओढ़ी थी क्या वो वाकई मशहूर विदेशी ब्रांड लुई वितां की है?
इन चर्चाओं को हवा दी थी कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने.
खेड़ा ने 10 अप्रैल को ट्वीट किया, ''लुई वितां की शॉल ओढ़ कर श्रीमान मोदी फ़्रांस में अपने 'मेक इन इंडिया' अभियान का ज़ोरदार प्रचार कर रहे हैं.''
पवन खेड़ा के इस तंज़ के बाद टीवी पत्रकार सागरिका घोष ने भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ''प्रधानमंत्री ने पेरिस में लुई वितां की शॉल ओढ़ी, मेरी राय में भारतीय हैंडलूम ज़्यादा बेहतर होता!''
लेकिन इस पूरी चर्चा में दिलचस्प मोड़ तब आया जब @Rakesh_lv नाम के हैंडल वाले एक व्यक्ति ने लुई वितां को मोदी की तस्वीर ट्वीट कर के ये पूछा कि वो ऐसी शॉल ख़रीदना चाहते हैं, क्या लुई वितां ऐसी शॉल बनाती है?
लुई वितां ने इसके जवाब में लिखा, ''आपके ट्वीट के लिए धन्यवाद. दुर्भाग्य से आपने जो तस्वीर दी है वैसी शॉल लुई वितां ने नहीं तैयार की है.''

'माफ़ी'




सागरिका घोष ने प्रधानमंत्री की शॉल पर ट्वीट के लिए माफ़ी मांगी है.
लुई वितां के इस ट्वीट के बाद पवन खेड़ा और सागरिका घोष ने माफ़ी मांगी है. सागरिका ने लिखा, ''लुई वितां ट्वीट के लिए माफ़ी चाहती हूं. प्रधानमंत्री की शॉल लुई वितां शॉल नहीं थी! होती भी तो कुछ ग़लत नहीं था!''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत आने पर जो सूट पहना था उसे लेकर काफ़ी हंगामा हुआ था.
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मोदी ने जो सूट पहना था वो दस लाख रुपये का है. बाद में ये सूट 4.31 करोड़ में नीलाम हुआ.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार

एनकाउंटर में न मरीं ये 7 कहानियां


मां की मज़दूरी पर पले, हीरो बने..


'खेलूं होरी, पढ़ पढ़ बिस्मिल्लाह'


मंटो को मुंबई में परेशान किया?


क्यों मरे 4000 इंडियन सैनिक


'पाक को चुकानी होगी भारी क़ीमत'


गैर मुसलमान का हिजाब पहनना..


अंबेडकर: संघ, कांग्रेस या बसपा के?


Ads by Google

1 टिप्पणी: