रविवार, 12 अक्तूबर 2014

कैलाश सत्यार्थी vs kailash satyayarthi






प्रस्तुति- समिधा, राहुल मानव, राकेश

कैलाश सत्यार्थी

कैलाश सत्यार्थी
जन्म 11 जनवरी 1954 (आयु 60)
विदिशा, मध्य प्रदेश, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
शिक्षा सम्राट अशोक प्रौद्योगिकी संस्थान, विदिशा[1]
व्यवसाय बाल अधिकार कार्यकर्ता, प्रारंभिक बाल शिक्षा कार्यकर्ता, पुर्व विद्युत अभियान्त्रिकी[1]
जाने–जाते हैं सक्रियतावाद
धर्म हिन्दू
पुरस्कार रोबर्ट एफ केनेडी मानव अधिकार पुरस्कार
इटाली सीनेट की पदक
अल्फोंसो कमिन अन्तर्राष्ट्रिय पुरस्कार
अन्तर्राष्ट्रिय शान्ति पुरस्कार, जर्मनी
लोकतंत्र रक्षक पुरस्कार
२०१४ नोबेल शान्ति पुरस्कार[2]
जालपृष्ठ
kailashsatyarthi.net
कैलाश सत्यार्थी (जन्म: 11 जनवरी 1954) भारत के एक बाल अधिकार कार्यकर्ता हैं जिन्हें २०१४ में शाँति हेतु नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे बाल श्रम के विरुद्ध भारतीय अभियान में १९९० के दशक से ही सक्रिय रहे हैं। उनके द्वारा संचालित संगठन का नाम है- बचपन बचाओ आन्दोलन। इस संगठन ने लगभग ८० हजार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है और उनके पुनर्वास एवं शिक्षा की व्यवस्था में सहायता की है।
मलाला युसुफ़ज़ई के साथ सम्मिलित रूप से उन्हें २०१४ का शांति का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें बच्चों और युवाओं के दमन के ख़िलाफ़ कार्य करने तथा सभी को शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करने के लिए दिया गया है।[3]

परिचय[संपादित करें]

भारत के मध्य प्रदेश के विदिशा में जन्मे कैलाश सत्यार्थी 'बचपन बचाओ आंदोलन' चलाते हैं। वे पेशे से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर हैं किन्तु उन्होने 26 वर्ष की उम्र में ही करियर छोड़कर बच्चों के लिए काम करना शुरू कर दिया था। इस समय वे 'ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर' (बाल श्रम के ख़िलाफ़ वैश्विक अभियान) के अध्यक्ष भी हैं।[4]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

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