मंगलवार, 14 अक्तूबर 2014

पत्रकारिता का इतिहास एवं समसामयिक परिप्रेक्ष्य




 

JMC01

 

प्रस्तुति--रोहित बघेल, राज शाह

पत्रकारिता का इतिहास एवं समसामयिक परिप्रेक्ष्य
Code: 
JMC01
Programme: 
Year / Semester: 
1st Semester
Objective: 
किसी भी विषय के उद्भव व उसके इतिहास को समझना आवश्यक होता है तभी उस विषय का वर्तमान स्वरूप को सही रूप में समझा जा सकता है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुये इस प्रश्न पत्र का चयन किया गया जिससे छात्र पत्रकारिता का इतिहास और उसके समसामयिक परिप्रेक्ष्य को समझ सकें।
Credits: 
4

खण्ड-(क)

इकाई-1 पत्रकारिताः परिचय स्वरूप व विभिन्न आयाम

Journalism: Concept, meaning & various categories

इकाई-2 विश्व पत्रकारिता का संक्षिप्त इतिहास एवं विदेशों में पत्रकारिता

A brief History of world Journalism & Foreign Journalism

इकाई.3 भारतीय पत्रकारिताः हिन्दी पत्रकारिता के परिप्रेक्ष्य में

Indian Journalism with special impassion of Hindi Journalism

उन्नीसवीं सदी में हिंदी पत्रकारिता, बंगभूमि और हिंदी पत्रकारिता, बीसवीं सदी के उत्तरार्ध की हिंदी पत्रकारिता, बीसवीं सदी की हिंदी पत्रकारिता, स्वातंत्रयोत्तर हिंदी पत्रकारिता, भूमण्डलीकरण और हिंदी पत्रकारिता)

इकाई -4 स्वतंत्रता पूर्व व स्वतंत्रता के बाद भारतीय पत्रकारिता

Pre Independent & Post Independent Journalism in India

स्वतंत्रता पूर्व भारतीय पत्रकारिता क्रान्तिकारी आन्दोलन एवं पत्रकारिता भारतीय प्रांत एवं पत्रकारिता, स्वतंत्रता के बाद भारतीय पत्रकारिता प्रमुख प्रकाशन गृह और उनकी पत्रिकाएं

इकाई -5 उत्तराखण्ड में पत्रकारिता और कैरियर की संभावनाएं

Journalism of Uttarakhand & Opportunity of Journalism in Uttarakhand

उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का उद्भव एवं विकास उत्तराखण्ड मंे पत्रकारिता का वर्तमान परिदृश्य प्रिंट एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया में कैरियर की संभावनाएं

खण्ड-(ख)

इकाई- 1 समसामयिक, राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य

Contemporary Politics, Economic, Social, religious & Cultural issue.

समसामयिक पत्रकारिता, राजनैतिक पत्रकारिता, सामाजिक पत्रकारिता, आर्थिक पत्रकारिता, धार्मिक पत्रकारिता, सांस्कृतिक, साहित्यक पत्रकारिता

इकाई -2 लोकतंत्र सामाजिक आन्दोलन और मीडिया (उत्तराखण्ड के विशेष संदर्भ में)

Democracy, Social Movements and Media

लोकतंत्र का अर्थ, सामाजिक आन्दोलनों का परिचय, उत्तराखण्ड मंे सामाजिक आंदोलन और मीडिया, सामाजिक आन्दोलन, रिपोर्टिंग की अवधारणा एवं कार्य पद्धति, सामाजिक आन्दोलन रिपोर्टिंग का लक्ष्य और योग्यताएं, सामाजिक आंदोलन रिपोर्टिंग के प्रकार
Suggested Readings: 
  1. अरविन्द मोहन : पत्रकार और पत्रकारिता प्रशिक्षण, सामयिक प्रकाशन, नई दिल्ली (2005)
  2. मिश्र, अखिलेश : पत्रकारिताः मिशन से मीडिया तक, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली (2004)
  3. मेहता, आलोक : पत्रकारिता की लक्ष्मण रेखा, सामयिक प्रकाशन, नई दिल्ली, (2005)
  4. शर्मा, भुवन : ‘गढ़वाली ’’ पत्र विविध आयाम, कु.वि.वि. इतिहास का अप्रकाशित शोध प्रबन्ध (2002)
  5. साह, ज्योति : ‘‘शक्ति’’ के तीन दशक, ’पहाड़नैनीताल, (2010)
  6. सकलानी, शक्ति प्रसाद : उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का इतिहास, उत्तरा प्रकाशन, रूद्रपुर, (2004)
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Question Bank

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