सोमवार, 21 जुलाई 2014

गाजा पट्टी में शांति की अपील




प्रस्तुति- अखौरी प्रमोद

संयुक्त राष्ट्र ने इस्राएल और गाजा पट्टी में संघर्ष विराम की अपील की है. फलीस्तीनी अधिकारियों के मुताबिक गाजा में मरने वालों की संख्या सोमवार को 500 तक पहुंच गई है.
गाजा में लोग जैसे तैसे अपनी जान बचा कर भाग रहे हैं. हमास पर लक्षित बमों और रॉकेटों ने कई घर ध्वस्त कर दिए हैं. रविवार गाजा के लिए सबसे बुरा दिन साबित हुआ. उधर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार फिर इस्राएलियों और फलीस्तीनियों के बीच तुरंत शांति की मांग की है.
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी मिस्र सहित अन्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं. व्हाइट हाउस ने जारी बयान में कहा कि केरी "नवंबर 2011 के युद्धविराम समझौते के आधार पर जारी संघर्ष को तुरंत खत्म करने के लिए समझौते पर पहुंचने की कोशिश करेंगे." ताकि गाजा और इस्राएल दोनों जगह आम लोगों का जीवन सुरक्षित हो.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक केरी मिस्र की मध्यस्थता और इसके लिए उसकी योजना के समर्थक हैं. रविवार को ओबामा ने इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत करते हुए गंभीर चिंता जताई.
मिस्र पहले भी दोनों धड़ों के बीच शांति की कोशिश कर चुका है. इस्राएल ने शुरुआत में इस योजना को माना लेकिन हमास ने इनकार कर दिया था. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र की अपील पर मामूली पांच घंटे का संघर्ष विराम किया गया.
इस्राएल का कहना है कि वह हमास के ठिकानों और गुप्त सुरंगों को खत्म करना चाहता है तभी मामले का हल निकल सकता है. संयुक्त राष्ट्र में भी इस्राएल के दूत ने इसी पर जोर दिया.
रविवार को गाजा में सबसे बुरा दिन था. 14 दिन से जारी इस संघर्ष में रविवार को 80 से ज्यादा फलीस्तीनी और 13 इस्राएली सैनिक मारे गए. ढहे हुए घरों के मलबे से अभी भी लाशें निकाली जा रही हैं.
उधर इस्राएल ने इस बात से इनकार किया है कि उसका कोई सैनिक हमास के कब्जे में है. संयुक्त राष्ट्र में इस्राएल के राजदूत रॉन प्रोसर ने कहा, "किसी इस्राएली सैनिक का अपहरण नहीं किया गया है."
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में फलीस्तीनी प्रतिनिधि रियाद मंसूर ने हिंसा खत्म करने के लिए निर्णयात्मक कदम उठाने की मांग की है. साथ ही जारी संघर्ष के लिए उन्होंने वैश्विक समुदाय के अनिर्णय को जिम्मेदार ठहराया.
एएम/एजेए (डीपीए, एएफपी)

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