मंगलवार, 6 मई 2014

मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्रवाई का आंखो देखा हाल




प्रस्तुति- प्रियदर्शी किशोर, धीरज पांड़ेय


मप्र विधानसभा का आंखों देखा हाल
भोपाल।मप्र विधानसभा की कार्यवाही अन्य दिनों की अपेक्षा शांतिपूर्ण ढ़ंग से नहीं चली। एक तरफ जहां सदन में आज अन्य दिनों की तरह प्रश्नोत्तर काल 15 प्रश्नों तक सिमट गया। वहीं मुख्य प्रतिपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से ध्यानाकर्षण के दौरान बर्हिगमन किया। सदन की कार्यवाही आज अन्य दिनों की अपेक्षा एक घंटा 22 मिनिट अधिक चली। गुरूवार 29 मार्च 2012 को विधानसभा पूर्वान्ह 10.34 बजे समवेत हुई। स्पीकर ईश्वरदास रोहाणी ने सदस्य सूर्यप्रकाश मीणा से प्रश्नोत्तर काल में तारांकित प्रश्नोत्तर के दौरान अनुपूरक प्रश्न पूछने को कहा। प्रश्नोत्तर सूची में शामिल 25 तारांकित में से 15 प्रश्नों पर सदस्यों द्वारा अनुपूरक प्रश्न पूछे गये। तथा उनके संबंधित मंत्रियों द्वारा उत्तर दिये गये। प्रश्नोत्तर सूची में नियम 42 दो के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रूप में परिवर्तित 149 तारांकित प्रश्नों के उत्तर तथा 146 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर भी शामिल रहे।
कांग्रेस सदस्य ब्रजराज सिंह द्वारा पूछे गये अनुपूरक प्रश्न के उत्तर में सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों गृहनिर्माण सहकारी संस्था मर्यादित श्योपुर में पात्रों को प्लाट मिलेंगे अपात्रों को नहीं। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में हुई अनियमितताओं की तीन माह में जांच करा लेंगे।
सदस्य प्रहलाद भारती द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के संबंध में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में उर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि योजना के तहत हर माह बैठक होगी। जिसमें विधायक को भी बुलाया जाएगा।
उधर, कांग्रेस सदस्य दिलीप सिंह गुर्जर द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण राशि उपलब्ध कराई जाने के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि इस मामले में समयावधि नहीं बढ़ा सकते हैं क्योंकि 15 मई तक राज्य में गेहूं खरीदी होगी।
कांग्रेस सदस्य कुंवर विक्रम सिंह द्वारा छत्रसाल विपणन सहकारी समिति मर्यादित राजगढ़ जिला छतरपुर का गठन किस तिथि से हुआ और कौन-कौन सदस्य हैं। उन्होंने स्पीकर की ध्यान में यह बात लाई की उन्होंने वर्तमान सदस्यों की सूची मांगी थी लेकिन उन्हें 1960 से लेकर अभी तक की समिति के सदस्यों की सूची दे दी गई है। उन्होंने भंग कर और डीआर पर कार्यवाही करने की बात कही। जिसे सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने अपने उत्तर में नकार दिया। श्री बिसेन ने कहा कि बोर्ड भंग इसलिए नहीं कर सकते क्योंकि कोरम पूरा है।
सदस्य मोती लाल तिवारी द्वारा सतना जिला अंतर्गत सर्वशिक्षा अभियान के संबंध में इस योजना के तहत छात्रावास, विकासखंड और छात्र-छात्राओं की संख्या से संबंधित सवाल पूछे गये। जिसका स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री नानाभाउ मोहोड़ ने उत्तर दिया। श्री मोहोड़ ने अपने उत्तर में कहा कि वे इस मामले की विधायकजी के आग्रह पर जांच करा लेंगे।
भाजपा सदस्य श्रीमती ललिता यादव द्वारा उर्जा मंत्री से सवाल पूछा गया कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यो की निविदा प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर लेगे। जिसका उर्जा राज्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने उत्तर देते हुए कहा कि निविदा बुला ली गई है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण में भेज दिया गया, अनुमति मिलते ही इसे लागू कर देंगे।
भाजपा सदस्य जुगलकिशोर बागरी द्वारा सतना जिले के रेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ट्रांसफार्मरों के खराब होने एवं चोरी के संबंध में सवाल पूछा गया कि आठ साल से तार गायब हैं। जिसका उर्जा राज्यमंत्री राजेन्द्र शुल्क ने उत्तर दिया कि वे इसकी जांच करा लेंगे। स्पीकर द्वारा इस सवाल पर हस्ताक्षेप कर उर्जा राज्यमंत्री को निर्देश दिये कि वे इस मामले की तीन दिन के अंदर जांच करा लें।
मप्र के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने विधायक श्री दिलीप सिंह गुर्जर द्वारा पूछे गये प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा नहीं, बल्कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उक्त ऋण के लिए वितरित ऋण का लघु कृषकों से 5 प्रतिशत तथा बड़े कृषकों से 10 प्रतिशत राशि शेयर लिकिंग व्यवस्था के तहत अंशपूँजी के रूप में ली जाती है। उन्होंने बताया कि अंशपूँजी की राशि पर ब्याज देय नहीं होता है। सहकारी संस्थाओं का उद्देश्य सदस्यों की भागीदारी से संस्था का संचालन करने का होने तथा सहकारी संस्थाओं की अंशपूँजी का आधार सशक्त करने के लिए सदस्यों से अंशपूँजी प्राप्त करना आवश्यक है।
मप्र के आदिम-जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह ने विधायक श्री विश्वास सारंग द्वारा पूछे गये प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अनुसूचित जातिध्जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिये जो योजनाएँ संचालित हैं उनमें निशुल्क आवासीय सुविधा, शिष्यवृत्ति, छात्रवृत्ति, आगमन भत्ता, छात्रगृह योजना, उन्नयन योजना, उच्च शिक्षा हेतु विदेश अध्ययन, जिला-स्तरीयध्विकासखण्ड उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्रों की स्थापना, पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों में अंग्रेजी कोचिंग शामिल है। उन्होंने बताया कि भोपाल संभाग में जिला भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा एवं राजगढ़ अंतर्गत अनुसूचित जनजाति
वर्ग के 38 छात्रावास एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 141 छात्रावास तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 24 आश्रम एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 21 आश्रम संचालित हैं।
इसके बाद प्रश्नकाल समाप्त हुआ। प्रश्नकाल में चार सदस्य गैरहाजिर रहे।
आसंदी से स्पीकर ईश्वरदास रोहाणी ने सदस्यों से अपनी-अपनी शून्यकाल की सूचनाएं पढ़े जाने को कहा। शून्यकाल में कांग्रेस सदस्य रामनिवास रावत जहरीली शराब से दो आदिवासियों की मौत संबंधी अपनी ध्यानाकर्षण की सूचना पर स्पीकर से चर्चा की मांग करते हुए गर्भगृह में आये, वे काफी समय तक गर्भगृह में रहे। स्पीकर ने श्री रावत के व्यवहार की निंदा की। सत्ता पक्ष के लोगों ने भी रामनिवास रावत के व्यवहार की निंदा की। स्पीकर के आश्वासन निर्देश के बाद श्री रावत वापस अपने आसन पर गये। शून्यकाल में चौधरी राकेश सिंह और पारस दादा ने भोपाल में पत्रकार पर हुये हमले का मामला उठाया। नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह ने स्पीकर से शून्यकाल के दौरान अपनी मांग रखी कि कल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाये हैं। जो ध्यानाकर्षण उनके द्वारा दिया गया है उसका ले लें। प्रतिपक्ष के लोग इस मामले में शोरगुल करने लगे। नेताप्रतिपक्ष ने कहा कि सदन चल रहा है। और चूंकि मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है इसलिए वे अपना वक्तव्य दे दें। इस पर आसंदी ने कहा कि वे ध्यानाकर्षण दिखवा लेंगे। आसंदी के आश्वासन के बाद सदस्य अपने अपने आसन पर गये।
कांग्रेस सदस्य नर्मदाप्रसाद प्रजापति ने नियम 267 क के अधीन भोपाल जिले में पदस्थ आयुर्वेद चिकित्सकों की गलत नियुक्ति, कांग्रेस सदस्य बृजेन्द्र सिंह राठौर ने भोपाल जिले में पदस्थ आयुर्वेद चिकित्सकों की गलत नियुक्ति, भाजपा सदस्य उमा देवी खटीक ने दमोह जिले के हटा स्थित अस्पताल में कर्मियों की कमी होने, कांग्रेस सदस्य दिलीप सिंह गुर्जन ने नागदा खाचरोद के ग्रामों में नल जल योजना में पंपों की बिजली काटी जाने, भाजपा सदस्य अंतरसिंह आर्य ने आदिम जाति कल्याण विभाग में फर्जी जाति प्रमाण पत्र वाले कर्मियों पर कार्रवाई न होने, कांग्रेस सदस्य रामनिवास रावत द्वारा टेटरा गोरस मार्ग के पुल का निर्माण न किये जाने तथा सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने चित्रकूट क्षेत्र में अंधराखोह बांध के पूर्ण निर्माण से सिंचाई रकवा बढ़ने संबंधी शून्यकाल की सूचनाएं प्रस्तुत की। भाजपा सदस्य विश्वास सारंग ने भी शून्यकाल में अपनी सूचना पढ़ी।
इसके बाद वित्तमंत्री राघवजी, पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई ने भारसाधन मंत्री की हैसियत से तथा हरिशंकर खटीक, राज्यमंत्री आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण व नानाभाउ मोहोड़ स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री ने पत्रों को पटल पर रखा।
इसके बाद आसंदी से स्पीकर ईश्वरदास रोहाणी ने सदन की सहमति से नियम 138 तीन को शिथिल करके आज की दैनिक कार्यसूची में उल्लेखित आठ ध्यानाकर्षण सूचनाएं लिये जाने संबंधी सदन में घोषणा की गई। तदानुसार कांग्रेस सदस्य नर्मदा प्रसाद प्रजापति, चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी, अजय सिंह, डॉ. गोविन्द सिंह, रामनिवास रावत, केपी सिंह तथा सुनील जायसवाल ने नरसिंह पुर जिले के गोटेगांव निवासी दो व्यक्तियों की हत्या किये जाने की ओर गृहमंत्री का ध्यानाकर्षित किया। गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने इस पर अपना वक्तव्य दिया। नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर इस घटना के बाद प्रश्नचिन्ह लग गया है। गृहमंत्री इस घटना की सीबीआई से जांच करायें। गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने इस पर कहा कि हमारी पुलिस सक्षम है। किसी अन्य जांच की जरूरत नहीं है। नेताप्रतिपक्ष और कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने गृहमत्रंी पर आरोप लगाया कि वे आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं। नेताप्रतिपक्ष ने कहा कि गृहमंत्री इस घटना की सीबीआई जांच कराये क्योकि इसमें भाजपा के नेता प्रहलाद पटेल और पूर्व विधायक जालम सिंह पटेल के पुत्र शामिल हैं। गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि वे किसी को संरक्षण नहीं दे रहे है और सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करेंगे। नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व मुख्य प्रतिपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यगण द्वारा गृहमंत्री के उत्तर से असंतुष्ट होकर सदन से बर्हिगमन किया।
कांग्रेस सदस्य डॉ. गोविन्द सिंह, रामनिवास रावत तथा यादवेन्द्र सिंह द्वारा भिण्ड जिले की सेवा सहकारी समिति मछण्ड के प्रबंधक द्वारा अनियमितता किये जाने की ओर सहकारिता मंत्री का ध्यानाकर्षित किया। सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने इस पर अपना वक्तव्य दिया।
एक अन्य ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सदस्य सुरेश चौधरी ने मुरैना जिले के नागरिकों पर असत्य प्रकरण दर्ज किये जाने का मामला उठाया। इस पर गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने अपना वक्तव्य दिया। विधानसभा की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद 2.37 बजे पुनः आरंभ हुई। भाजपा सदस्य ब्रजमोहन धूत ने देवास जिले की खातेगांव मंडी में गेहूं की खरीदी फ्लेट कांटे से न किये जाने की ओर खाद्य मंत्री पारस चन्द्र जैन का ध्यानाकर्षित किया। इस पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण राज्यमंत्री पारसजैन ने अपना वक्तव्य दिया।
कांग्रेस सदस्य आरिफ अकील, डॉ. गोविन्द सिंह, रामनिवास रावत और नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह ने भोपाल में पदस्थ उपपंजीयक द्वारा अनियमितता किये जाने का मामला अपनी ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से उठाया। इस पर सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने अपना उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले की ज्वांइट रजिस्टार जांच कर रहे हैं। 45 दिन के भीतर यह जांच पूरी करा ली जाएगी।
भाजपा सदस्य हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू ने जबलपुर की पुरूषार्थ गृह निर्माण समिति के पदाधिकारियों द्वारा अनियमितता किये जाने का मुद्दा ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए उठाया। इस पर सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने अपना वक्तव्य दिया। श्री बिसेन ने अपने उत्तर में बताया कि भोपाल से उच्च अधिकारियों की टीम भेजकर इस मामले की जांच करा ली जाएगी। जहां तक परिसमापन का सवाल है तो इसलिए नहीं हो सकता है क्योंकि अभी संस्था का काम खत्म नहीं हुआ है।
कांग्रेस सदस्य राजर्वधन सिंह प्रेमसिंह दत्तीगांव ने धार जिले की ग्राम पंचायत भरावदा के सरपंच द्वारा अनियमितता किये जाने का मामला अपनी ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से उठाया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने इस पर अपना वक्तव्य दिया।
इसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य विधानसभा में अपनी और अपनी धर्मपत्नि श्रीमती साधना सिंह चौहान की चल-अचल संपत्ति का विवरण पटल पर प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ध्यानाकर्षण की कार्यवाही पूर्ण होने के तुरंत बाद अपना और अपने परिवार की मार्च 2012 तक की स्थिति में चल-अचल संपत्ति का विवरण रखा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चल-अचल संपत्ति प्रस्तुत किये गये विवरण के अनुसार इस प्रकार है- स्वयं की एलआईसी वार्षिक प्रीमियम रूपये 36617, दोनों पुत्रों की एलआईसी वार्षिक प्रीमियम लगभग रूपये 10610, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट रूपये 60000, सोना जेवरात 64 ग्राम, रिवाल्वर एक, घरेलू सामान लगभग रूपये 200000, श्रीमती साधना सिंह को एडवान्स रूपये 2190000, नगद एवं बैंको में जमा राशि स्वयं एवं दोनों पुत्रों के नाम लगभग रूपये 1070000, कृषि भूमि ग्राम जैत 4.79 एकड़, कृषि भूमि ग्राम बैंस, विदिशा 1.29 हैक्टर, आवासीय मकान 180,1 मुखर्जी नगर, विदिशा एक, विधायक परिसर रिविएरा टाउन में एक मकान बैंक ऋण पर लगभग 3100000, बकाया ऋण रूपये 2100000।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा अपनी पत्नि साधना सिंह चौहान का पटल पर रखे गये संपत्ति विवरण के अनुसार मोटरकार, एम्बेसडर मॉडल 2000 एक, स्वयं की एलआईसी वार्षिक प्रीमियम रूपये 6287, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट रूपये 20000, सोना जेवरात 470 ग्राम, नगद एवं बैंकों में जमा राशि एवं अग्रिम इत्यादि लगभग रूपये 400000, ग्राम शेरपुरा, विदिशा में प्लाट 0.052 हैक्टर, कृषि भूमि ग्राम बैंस विदिशा इस जमीन पर दोनों वेयर हाउस बने है लगभग 5.519 हैक्टर, फ्लेट, ई-3,163, अरेरा कालोनी, भोपाल एक, विदिशा स्थित वेयर हाउस स्टेट बैंक से प्राप्त ऋण पर लगभग 7200000, सर्वधर्म कालोनी में प्लाट हेतु जमा अग्रिम लगभग रूपये 41000, ग्रीन हाउस दो नं. बैंक से प्राप्त ऋण पर लगभग रूपये 620000।
श्रीमती ललिता यादव सभापति ने गैरसरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। केदारनाथ शुक्ला सभापति ने प्राक्कन समिति, ओमप्रकाश वीरेन्द्र कुमार सकलेचा ने सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति, गिरिजा शंकर शर्मा सभापति ने प्रश्न एवं संदर्भ समिति का प्रतिवेदन पटल पर रखा।
आसंदी से सात समितियों के निर्वाचन की घोषणा की गई।
मप्र विधानसभा की लोक लेखा समिति का निर्वाचन
स्पीकर श्री रोहाणी ने सदन को बताया कि लोक लेखा समिति के लिए नाम वापसी के पश्चात केवल 11 नाम शेष हैं। चूंकि इस समिति के लिए 11 सदस्य ही निर्वाचित किये जाते हैं। अतः वित्तीय वर्ष 2012-13 की अवधि में सेवा करने के लिए 11 सदस्यों को लोक लेखा समिति के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। समिति में कमल पटेल, जुगुल किशोर, प्रेमनारायण ठाकुर, बाला बच्चन, बृजेन्द्र सिंह, मानवेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, यशपाल सिंह सिसोदिया, राकेश शुक्ला, शैलेन्द्र कुमार जैन और ज्ञान सिंह को सदस्य तथा बृजेन्द्र सिंह राठौर सदस्य को इस समिति का सभापति नियुक्त किया गया।
मप्र विधानसभा की प्राक्कलन समिति का निर्वाचन
स्पीकर श्री रोहाणी ने सदन को बताया कि प्राक्कलन समिति के लिए नाम वापसी के पश्चात केवल 11 नाम शेष हैं। चूंकि इस समिति के लिए 11 सदस्य ही निर्वाचित किये जाते हैं। अतः वित्तीय वर्ष 2012-13 की अवधि में सेवा करने के लिए 11 सदस्यों को प्राक्कलन समिति के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। समिति में ओमप्रकाश सकलेचा, दीपक जोशी, पारसदादा सकलेचा, ब्रजराज सिंह, डॉ. भानुराणा, इंजी. लड्डूराम कोरी, विश्वेश्वर भगत, शरद जैन एडवोकेट, सुदर्शन गुप्ता, सुरेश चौधरी और हितेन्द्र सिंह सोलंकी को सदस्य तथा ओमप्रकाश सकलेचा सदस्य को इस समिति का सभापति नियुक्त किया गया।
मप्र विधानसभा की सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति का निर्वाचन
स्पीकर श्री रोहाणी ने सदन को बताया कि सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति के लिए नाम वापसी के पश्चात केवल 11 नाम शेष हैं। चूंकि इस समिति के लिए 11 सदस्य ही निर्वाचित किये जाते हैं। अतः वित्तीय वर्ष 2012-13 की अवधि में सेवा करने के लिए 11 सदस्यों को सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। समिति में कमलेश जाटव, गिरिजाशंकर शर्मा, गिरीश गौतम, गोविन्द सिंह राजपूत, जसवंत सिंह हाड़ा, श्रीमती नीता पटेरिया, ताराचंद बावरिया, यादवेन्द्र सिंह, विश्वामित्र पाठक, श्रीमती साधना स्थापक और संजय शाह मकड़ाई को सदस्य तथा गिरीश गौतम सदस्य को इस समिति का सभापति नियुक्त किया गया।
मप्र विधानसभा की एससी, एसटी, ओबीसी समिति का निर्वाचन
स्पीकर श्री रोहाणी ने सदन को बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समिति के लिए नाम वापसी के पश्चात केवल 15 नाम शेष हैं। चूंकि इस समिति के लिए 15 सदस्य ही निर्वाचित किये जाते हैं। अतः वित्तीय वर्ष 2012-13 की अवधि में सेवा करने के लिए 15 सदस्यों को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समिति के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। समिति में कुंवर सिंह टेकाम चंपालाल देवड़ा, दिलीप सिंह गुर्जर, इंजी. प्रदीप लारिया, प्रहलाद भारती, बिसाहूलाल सिंह, भगत सिंह नेताम, मनीराम धाकड़, रामखेलावन पटेल, रामचरित्र, रामदयाल अहिरवार, रामलाल अहिरवार, रामलल्लू वैश्य, लाखन सिंह यादव को सदस्य तथा सुदामा सिंह सदस्य को इस समिति का सभापति नियुक्त किया गया।
स्पीकर द्वारा सदन की सहमति से यह घोषणा की गई कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2012, मध्यप्रदेश स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर संशोधन विधेयक 2012, मंध्यप्रदेश विलासिता, मनोरंजन, आमोद एवं विज्ञापन कर संशोधन विधेयक 2012, मध्यप्रदेश वृत्तिकर संशोधन विधेयक 2012 तथा बंदी मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक 2012 की महत्ता, उपादेयता एवं पारण की तत्परता को देखते हुए अध्यक्ष के स्थायी आदेश की कंडिका 24 तथा मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्यसंचालन संबंधी नियमावली के नियम 65 में विद्यमान अपेक्षाओं को शिथिल कर आज की कार्यसूची में सम्मिलित विधेयकों को आज ही पुरःस्थापन एवं विचार में लिये जाने की अनुज्ञा प्रदान की है। इस पर कांग्रेस विधायक दल के उपनेता चौधरी राकेश सिंह ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया कि कल यह कहा गया था कि यह नियम का शिथिलीकरण अपवाद माना जाएगा। अतः इस संबंध में आसंदी सरकार को हिदायत दे। आसंदी से व्यवस्था दी गई कि अपवाद आज भी है। साथ ही वे सरकार को हिदायत देते हैं कि अगले सत्रों से समय पर विधेयक पेश करें तथा मुझे नियमों को शिथिल करने की आवश्वयकता न पड़े। यह समय पर बिल क्यों नहीं आ सकते हैं। डेढ़ महीने का सत्र है जो काम आज हो रहा है वह एक सप्ताह पहले भी हो सकता था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा भारसाधक संसदीय कार्यमंत्री गोपाल भार्गव ने आसंदी के निर्देश को स्वीकार कर व्यवस्था का पालन करने अध्यक्ष को आश्वस्त किया।
इसके बाद 9 शासकीय विधि विषयक कार्य के तहत सदन में प्रस्तुत मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक-2012 पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि अब ग्राम पंचायतों में सचिव के पद को यथावत रखते हुए सहायक सचिव भी नियुक्त किये जायेंगे। उनके बीच स्पष्ट कार्य विभाजन भी किया जायेगा। वर्ष में चार बार होने वाली ग्राम सभाओं में सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये बैठक की वीडियो रिकार्डिंग कराई जायेगी। वीडियो रिकार्डिंग की सीडी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कार्यालय में जमा कराई जायेगी। जो ग्राम पंचायतें सभाएँ नहीं करेंगी, उनके सचिव, सरपंच के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। ग्राम पंचायतों का सोशल अॉडिट होगा, जिससे उनकी पारदर्शी व मुकम्मल व्यवस्था कायम होगी, जो पंचायत राज व्यवस्था को कायम रखने में मील का पत्थर साबित होगी।
श्री भार्गव ने बताया कि सहायक सचिव की नियुक्ति का निर्णय इसलिये लिया गया है कि अभी पंचायत सचिव के पास कई कार्य होते हैं, जिससे उसे अपने कर्त्तव्य के निर्वहन में कठिनाई होती है। इसी बात को ध्यान में रखकर उसकी सहायता के लिये सहायक सचिवों की नियुक्ति का प्रावधान किया जा रहा है। सहायक सचिव के लिये उसी ग्राम की मतदाता सूची में दर्ज शिक्षित, कम्प्यूटर डिप्लोमाधारी युवक को प्राथमिकता दी जायेगी। कम्प्यूटर डिप्लोमाधारी होने पर उसे अतिरिक्त रूप से 10 नम्बर दिये जायेंगे। यदि उस ग्राम पंचायत में ऐसा व्यक्ति उपलब्ध नहीं है तो समीप की ग्राम पंचायत से शिक्षित योग्य युवक को मौका दिया जायेगा। उनके उत्तर के बाद सदन ने संशोधन विधेयक को ध्वनि-मत से पारित कर दिया। इस विधेयक पर हुई चर्चा में कांग्रेस सदस्य ब्रजेन्द्र सिंह राठौर, भाजपा सदस्य प्रेमनारायण ठाकुर, निर्दलीय सदस्य पारसदादा और कांग्रेस सदस्य रामनिवास रावत ने भाग लिया।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा तथा राज्यमंत्री परिवहन नारायण सिंह कुशवाह ने अपना एवं अपने परिवार की संपत्ति का विवरण पटल पर रखा।
विधानसभा में प्रस्तुत मध्यप्रदेश विलासिता, मनोरंजन, आमोद एवं विज्ञापन कर (संशोधन) विधेयक-2012 पर हुई चर्चा के उत्तर में राज्य के वित्तमंत्री राघवजी ने सदन को बताया कि पूर्व के अधिनियम 2011 में संशोधन के लिये यह विधेयक लाया गया है। विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि मैरिज हॉल में सम्मिलित लॉन, गार्डन, कोई भवन या किसी भवन का वह हिस्सा जहाँ 100 से अधिक व्यक्तियों को किसी भी प्रसंग, जिसमें शामिल हैं सेमिनार या कन्वेंशन या बेंक्वेट या बैठक या प्रदर्शनी-सह-विक्रय के लिये स्थान उपलब्ध कराया जाता है, पर उक्त कर लगेगा। इसके साथ ही 10 लाख तक का टर्न ओव्हर करने वाले होटल मालिक या स्वामी पर कोई कर नहीं लगेगा। पूर्व में यह सीमा 5 लाख रुपये थी। वित्त मंत्री ने सिनेमाघरों में टिकटों पर दिये जाने वाले मनोरंजन कर की छूट की सीमा को बढ़ाने की घोषणा भी की। अब 50 रुपये तक की टिकटों पर कोई मनोरंजन शुल्क नहीं लगेगा। पूर्व में 30 रुपये तक के सिनेमा टिकट पर कोई मनोरंजन कर नहीं लगता था। उनके उत्तर के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनि-मत से पारित कर दिया। इस शासकीय विधेयक पर हुई चर्चा में कांग्रेस सदस्य डॉ. गोविन्द सिंह और निर्दलीय सदस्य पारसदादा ने भाग लिया।
वित्त मंत्री श्री राघवजी ने मध्यप्रदेश स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर (संशोधन) विधेयक पर सदन में हुई चर्चा के उत्तर में बताया कि इस विधेयक के जरिये प्रवेश कर की दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है, जो सामग्री पूर्व में प्रवेश कर से मुक्त थी वह अब भी रहेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सामग्री पूर्णत प्रवेश कर से मुक्त रहेगी। इसमें केरोसिन भी शामिल रहेगा। जो अन्य सामग्री प्रवेश कर मुक्त रहेगी, उनमें घी, सोना-चाँदी के बर्तन व जेवरात, प्लेटिनम धातु, पम्पिंग सेट, बेबी फूड, ट्रेक्टर ट्राली एवं सिलाई मशीन व उसके पार्ट, सभी प्रकार की धातु की कॉस्टिंग्स आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कोयला पर प्रवेश कर तीन प्रतिशत, तम्बाखू पर 25 प्रतिशत, सिगरेट पर 10 प्रतिशत, एलपीजी पर 6.47 प्रतिशत कर लगेगा। विधेयक की अनुसूची 1 व 2 के अलावा जो सामग्री शेष बची है उन पर 2 प्रतिशत प्रवेश कर लगेगा। वित्त मंत्री ने सदस्यों की माँग पर अगरबत्ती एवं धूप बत्ती के निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री को प्रवेश कर से मुक्त रखने की घोषणा सदन में की। उन्होंने स्कीम्ड मिल्क पाउडर पर भी प्रवेश कर को समाप्त करने की घोषणा की। वित्त मंत्री के उत्तर के बाद सदन ने संशोधन विधेयक को ध्वनि-मत से पारित कर दिया। मध्यप्रदेश स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश कर पर संशोधन विधेयक 2012 पर हुये विचार में मुख्य प्रतिपक्ष दल कांग्रेस के उपनेता चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी, भाजपा सदस्य गिरिजा शंकर शर्मा, यशपाल सिंह सिसोदिया और रावदेशराज सिंह यादव ने भाग लिया।
मध्यप्रदेश वृत्ति कर (संशोधन) विधेयक-2012 पर हुई चर्चा के बाद सदन को बताया कि अभी ऐसे व्यक्ति जिनका वार्षिक वेतन या मजदूरी एक लाख 20 हजार रुपये से अधिक नहीं है, उन्हें वृत्ति कर से छूट मिली हुई है। संशोधन विधेयक में वृत्ति कर की इस छूट को 1.20 लाख से बढ़ाकर एक लाख 50 हजार रुपये करने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह अभी 5 लाख रुपये तक का वार्षिक टर्न ओव्हर करने वाले व्यापारियों को मध्यप्रदेश वेट अधिनियम 2002 के तहत वृत्ति कर से छूट थी। वार्षिक टर्न ओव्हर की इस सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। सदस्यों की माँग पर उन्होंने वृत्ति कर से छूट देने के मामले में अगले वर्ष और विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष 2008 के अपने घोषणा-पत्र के अनुसार वृत्ति कर का युक्तियुक्तकरण किया है। वित्त मंत्री के जवाब के बाद सदन ने संशोधन विधेयक को सर्व-सम्मति से पारित कर दिया। मध्यप्रदेश वृत्तिकर संशोधन विधेयक 2012 पर हुई चर्चा में कांग्रेस सदस्य रामनिवास रावत, भाजपा सदस्य जसवंत सिंह हाड़ा और निर्दलीय सदस्य पारसदादा ने भाग लिया।
बंदी (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक-2012 पर हुई चर्चा के उत्तर में जेलमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि अन्य राज्यों की पैरोल व्यवस्था का परीक्षण करने के बाद मध्यप्रदेश में बंदियों के लिये अधिकतम पैरोल की अवधि 42 दिन करने का निर्णय लिया गया है। अभी यह अवधि 21 दिन थी। जेल में बंदियों के पुनर्वास एवं सुधार के लिये चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के तहत अब पैरोल वर्ष में 2 बार के स्थान पर 3 बार दिया जायेगा। यह अवधि 14-14 दिन की होगी। इसके अलावा तीनों बार बंदी को आने-जाने के लिये 2-2 दिन अतिरिक्त रूप से दिये जायेंगे। इससे बंदी जेलों में उसके द्वारा सीखे गये शैक्षणिक व व्यावसायिक कार्य से अपने परिवार व समाज को परिचित करा सकेगा। साथ ही परिवार की आजीविका-कृषि, व्यापार, कुटीर एवं लघु उद्योग आदि में परिवार को मार्गदर्शन भी दे सकेगा। बंदियों को आपात पैरोल की अवधि 15 दिन यथावत रहेगी। जेल मंत्री देवड़ा ने सदन में बताया कि लोग अपराधी से नहीं, अपराधों से घृणा करें। लोग सजा काटने के बाद समाज में समरस हों इसलिए बंदियों की पैरोल अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ कमियां हैं जिनको दूर करेंगे और शीघ्र ही मध्यप्रदेश के समस्त जेलों में डॉक्टर होेंगे। जहां सुधार करना हैं वहां करेंगे। बंदी मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक 2012 पर हुई चर्चा में कांग्रेस सदस्य राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, भाजपा यशपाल सिंह सिसोदिया और प्रेमनारायण ठाकुर ने भाग लिया। चर्चा के बाद सदन में उक्त विधयेक सर्वानुमति से मंजूर हुआ।
इसके बाद आसंदी से मप्र विधानसभा के उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ने अपरान्ह 6.22 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार 30 मार्च 2012 के पूर्वान्ह 10.30 बजे तक के लिए स्थगित की। आज की कार्यवाही निर्धारित समय से एक घंटा 22 मिनिट अधिक चली।

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