सोमवार, 24 मार्च 2014

एंकर कैरियर के सामने कठिनाई और चुनौतियां है ढेरो







आज कोई भी कोर्स कॅरियर की गारंटी नहीं दे सकता है, लेकिन फिर भी कुछ ऐसे कोर्स होते हैं जिसे करने के बाद स्टूडेंट्स को नौकरी मिल जाती है। मास मीडिया को इसके अंतर्गत रखा जा सकता है। इन दिनों हर युवा जर्नलिस्ट बनना चाहता है, लेकिन सभी अपने सपने को साकार नहीं कर सकते हैं। प्रमुख कारण यह है कि इस क्षेत्र में सफल होने के लिए जिस तरह की योग्यता, क्षमता और धर्य की जरूरत पडती है, उस तरह की योग्यता सबके पास नहीं होती है। परिणाम यह होता है कि कोर्स करने के बावजूद उसे रोजगार नहीं मिल पाता है। इसके विपरीत जिसके पास जज्बा, जुनून और धर्य होता है, आगे बढने के लिए हमेशा तत्पर रहता है, हमेशा कुछ नया करने की जिज्ञासा और न्यूज सेंस होता है, उसे इस क्षेत्र में आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता है। अच्छी सैलरी के साथ ही विशेष सुविधा मीडिया को अन्यक्षेत्रों की अपेक्षा एक अलग आकर्षण और मजबूती प्रदान करता है और भीड से अलग भी रखता है। बहुत पहले की बात नहीं है जब साहित्य में डिग्री व उच्च श्रेणी की संवाद-क्षमता रखने वाले लोगों को पत्रकारिता व इससे जुडे क्षेत्रों के लिए उपयुक्तमाना जाता था, परंतु मानव-जीवन में तकनीक के बढते हस्तक्षेप ने इस क्षेत्र में ऐसे ट्रेंड प्रोफेशनल्स की जरुरत पैदा कर दी है, जो सभी प्रकार की ऑडियंस तक शीघ्र एवं प्रभावशाली ढंग से संदेश पहुंचा सके। इस प्रोफेशन में आने के बाद युवा आम से खास हो जाते हैं और उनकी जिम्मेदारी काफी अधिक बढ जाती है, जो उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाती है।


बदलता समाज बदलती मीडिया
किसी की प्रासंगिकता तभी तक बनी रहती है, जब तक खुद को समय और परिस्थितियों के अनुरूप बदलता रहता है। आज सभी चीजें तेजी से परिवर्तित हो रही हैं, सामाजिक सरोकार भी बदल रहे हैं। इस बदलाव ने मीडिया क्षेत्र को भी पूरी तरह से बदल दिया है। आज जब ब्लॉग्स का प्रचलन बहुत बढ गया है, कहा जाने लगा है कि कोई भी आसानी से पत्रकार बन सकता है परंतु जमीनी हकीकत यह है कि इसमें सफलता के लिए कठिन मेहनत और एक विशिष्ट नजरिया जरूरी है। टीवी पर फ्लैश होती न्यूज और उसके साथ दर्शकों की तीव्र-मंद होती सांसें या रोज सुबह ताजा खबरों की तलाश में अखबार का बेसब्री से इंतजार करते लोग, स्पष्ट करते हैं कि समाचारपत्र आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं। जरूरत है, तो इसकी विश्वसनीयता बनाए रखने की।

किसके लिए है यह कॅरियर
इस सवाल के जवाब के लिए आपको विवेचनात्मक आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। यहां रूटीन वर्क से हटकर काम होता है। इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए कोई भी समय निर्धारित नहीं होता है। आपको हमेशा नई न्यूज की तलाश में भटकना पडता है। आपमें शब्दों को प्रयोग करने की रचनात्मकता होनी चाहिए तथा जटिलतम विषयों को सरलतम रूप में अधिकाधिक लोगों तक संप्रेषित करने की योग्यता होनी चाहिए। कठिन परिश्रम व धैर्य का होना इस क्षेत्र में बहुत जरूरी है, क्योंकि इस क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल करने में समय लगता है। सफल होने के लिए जरूरी है कि आप हर काम को अलग ढंग से करें और लोगों की सोच और उनकी रुचि को समझते हुए सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते न्यूज परोसने की कोशिश करें। अगर आप इस कला में परफैक्ट बनते हैं, तो आपकी चमक और धमक औरों के मुकाबले काफी बेहतर होगी और आपको आम से खास होने में भी अधिक समय नहीं लगेगा।

कोर्स और योग्यता
अगर आप मास कम्युनिकेशन की किसी शाखा में प्रवेश लेते हैं, तो आपको इससे जुडे लगभग सभी पहलुओं की कवरेज करनी होगी। मसलन, रेडियो, टेलीविजन, प्रिंट ऐंड वेब मीडिया, जर्नलिज्म, एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन, इवेंट मैनेजमेंट, मीडिया लॉ, कम्युनिकेशन स्किल, फोटो जर्नलिज्म आदि। मास कम्युनिकेशन का प्रशिक्षण देने वाले संस्थान तो बहुत हैं, लेकिन अच्छे संस्थानों की सूची में उन्हीं को शामिल किया जा सकता है जिनके पास कई अनुभवी मीडिया पर्सनैलिटी फैकल्टी के रूप में उपलब्ध होती हैं। शॉर्ट टर्म डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी आप कर सकते हैं। मास मीडिया के किसी भी क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन करने के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है। पत्रकारिता एवं जनसंचार में परास्नातक तथा पीजी डिप्लोमा करने के लिए किसी भी स्ट्रीम से स्नातक होना अनिवार्य है। कई विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होते हैं। इस समय जर्नलिज्म के सभी कोर्स काफी हॉट हैं। आप इनमें से किसी भी कोर्स में अपनी रुचि के अनुरूप एडमिशन ले सकते हैं।

सफल प्रोफेशनल बनने के टिप्स
अगर आपकी लेखन शैली अच्छी है, आपकी वाक्य संरचना में टूटन नहीं है और शब्दों का चयन, अर्थ को पूरी तरह प्रस्तुत करने में सक्षम हैं तो मीडिया फील्ड में काफी आसानी हो जाती है। मीडिया फील्ड में तो बिना कम्प्यूटर की जानकारी के अब प्रवेश भी जल्द संभव नहीं है। अगर आप इस क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं तो निम्न चीजों पर अवश्य ध्यान दें -
- बोलचाल की भाषा में ही लिखें, साथ ही भाषा को समृद्ध बनाने का प्रयास करें।
- प्रतिदिन कम से कम दो राष्ट्रीय स्तर के समाचारपत्रों को पढने की आदत डालें।
- न्यूज चैनल पर प्रसारित होने वाले टॉक शो, विशेषज्ञ परिचर्चा देखें।
- सामयिक विषयों पर तार्किक चर्चा आपकी विश्लेषण क्षमता बढाएगी।
- क्षेत्रीय भाषा पर पकड बनाने के साथ लेखन में उसका नियमित इस्तेमाल करें।
- अखबारों में प्रयोग होने वाली भाषा पर पकड बनाएं।

चुनौतियों में छिपा अवसर
भारतीय संदर्भ में जनसंचार इस समय सबसे तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र माना जा रहा है। देश में बडी संख्या में टीवी और रेडियो चैनल्स हैं, वहीं सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में अखबार और पत्रिकाएं निकल रही हैं। इसके अलावा गवर्नमेंट सेक्टर में भी इसके प्रोफेशनल्स के लिए काफी नौकरियां हैं। विदेश में भी इस फील्ड के जानकारों की अच्छी डिमांड है। सीएनबीसी, बीबीसी, डिज्नी एंटरटेनमेंट, एबीसी जैसी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इस फील्ड में विभिन्न स्तरों पर जॉब्स दे रही हैं। इस क्षेत्र में विशेषत: न्यूज बिजनेस में आपकी प्रतिबद्धता तथा लगन सदैव दांव पर लगी रहती है। इस क्षेत्र में कई बार आपके सामने ऐसे अवसर आएंगे, जब आपको अपने काम के लिए व्यक्तिगत पारिवारिक क्षणों की भी कुर्बानी देनी पडेगी। किसी विशेष खबर के लिए एक पत्रकार को दिन-रात काम करना पड सकता है। पत्रकारिता का क्षेत्र जॉब-सैटिसफैक्शन, नाम व प्रसिद्धि देने वाला होता है, लेकिन इसमें मौजूद बेशुमार चुनौतियां एवं संघर्ष लोगों के आत्मबल को प्रभावित कर सकते हैं। जो विद्यार्थी पत्रकारिता के क्षेत्र में आना चाहते हैं, वे ये बात भलीभांति समझ लें कि उन्हें विद्यार्थी के रूप में तो वर्ष में एक या फिर दो बार ही परीक्षा का सामना करना पडता है, लेकिन एक पत्रकार के लिए हर दिन परीक्षा का दिन है। अगर आप इस मानसिकता से काम करेंगे, तो आपका कॅरियर बेहतरीन हो सकता है।

मीडिया के हॉट सेक्टर
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
अगर आवाज में दम है। उच्चारण शुद्ध है और विपरीत परिस्थितियों में भी सौ फीसदी देने की क्षमता है, तो आपके लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बेस्ट है। इसके अंतर्गत टीवी और रेडियो आते हैं। इन दिनों एफएम रेडियो का विस्तार गांव तक हो चुका है और सभी के बीच काफी पॉपुलर भी है। आज जानेमाने आरजे और एंकर को सभी जानते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षो से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का क्रेज बढ रहा है। उसे देखते हुए बडी संख्या में युवा इस क्षेत्र से जुडना चाहते हैं। यह माध्यम प्रिंट मीडिया से भिन्न है। अगर आप न्यूज चैनल से जुडना चाहते हैं, तो खबरों की समझ के साथ-साथ कैमरे के सामने बोलते समय कॉन्फिडेंस के अलावा ऑन-स्पॉट रिपोर्टिग की योग्यता अत्यंत आवश्यक है।

रेडियो में भी कॅरियर
अगर आरजे बनना चाहते हैं, तो करेंट अफेयर्स का ज्ञान बहुत जरूरी है, क्योंकि सफल आरजे वही होता है, जो तात्कालिक घटना व दृश्यों को जोडकर कुछ नया सृजन करता है और दर्शकों को मनोरंजन के साथ ज्ञान भी बांटता है। इस समय इसमें काफी संख्या में युवा आ रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि एफएम रेडियो की पहुंच अब गांव तक हो चुकी है। इसके अतिरिक्त मोबाइल में भी एफएम रेडियो की सुविधा दी जा रही है। रेडियो के विस्तार के कारण इस क्षेत्र में काफी संख्या में ट्रेंड प्रोफेशनल की जरूरत है। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले समय में इसमें काफी संख्या में प्रोफेशनल की जरूरत पडेगी। अगर आप रेडियो में कॅरियर तलाशना चाहते हैं, तो आपके लिए इस क्षेत्र में बेहतर कॅरियर स्कोप हो सकता है। मार्केट की जरूरत को समझते हुए कई संस्थान इससे संबंधित कोर्स भी करा रहे हैं। आप कोर्स करके कॅरियर को ऊंचाई दे सकते हैं।

प्रिंट मीडिया
रचनात्मकता की दरकार रखने वाला यह क्षेत्र है। यहां आपको काम के दौरान मनमाफिक प्रयोग केखूब अवसर मिलते हैं। आप चाहें तो दुनिया के बडे से बडे मुद्दे को अपनी लेखनी के दम पर परदर्शिता का रंग दे सकते हैं, लोगों के दिलों में विचारों की आंधी तक ला सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बढते क्रेज के बाद भी प्रिंट मीडिया लोगों की प्रथम विश्वसनीयता बना हुआ है। एक अनुमान के अनुसार मीडिया सेक्टर में सर्वाधिक लोग इसी फील्ड में काम कर रहे हैं। इसमें कॅरियर के अनेक विकल्प मौजूद हैं। जो युवा इस क्षेत्र से जुडना चाहते हैं वे ये समझ लें कि इस क्षेत्र में तरह-तरह की चुनौतियां पल-पल उनके सामने आएंगी। जिन लोगों के अंदर खबरों को सूंघने और उन्हें डेवलप करने की क्षमता, न्यूज सेंस, भाषा पर पकड है और जो देश-विदेश में घटित हो रहे घटनाक्रम पर बारीक नजर रखते हैं, यह फील्ड उनके लिए ही बनी है। आज काफी संख्या में स्टूडेंट्स इससे संबंधित कोर्सेज को करके बेहतर कॅरियर का निर्माण कर रहे हैं। अगर आपकी रुचि इस क्षेत्र में है और लेखनी प्रभावी है, तो आपके लिए प्रिंट मीडिया बेहतर है।

वेब पत्रकारिता
यह नया और सबसे तेजी से बढता हुआ कॅरियर बनता जा रहा है। इंटरनेट के माध्यम से की गई पत्रकारिता वेब जर्नलिज्म कहलाती है। यह बहुत हद तक इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता से मेल खाती है, लेकिन इसकी व्यापकता और पुराने अंकों को कभी भी देख सकने की सुविधा इसे कुछ बेहतर बना देती है। आज नेट का उपयोग करने वाला कोई भी व्यक्ति किसी भी देश के अखबारों, पत्रिकाओं आदि को पढ सकता है। वेब जर्नलिज्म, इंटरनेट के प्रति लोगों के रुझान को बढाने का काम कर रहा है। आप चाहें, तो इसमें भी कॅरियर बना सकते हैं।

पब्लिक रिलेशन
समय के अनुरूप माध्यम भी बदलते जा रहे हैं। आज से कुछ समय पहले तक कंपनीज अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रेस रिलीज का इस्तेमाल करती थीं, जिसकी मदद से वे अपनी कंपनी की पॉलिसीज समेत कई दूसरी अहम सूचनाएं ग्राहकों तक पहुंचाती थीं। पर आज प्रेस रिलीज के बदले में पब्लिक रिलेशन आ गया है। आज कंपनी की ब्रांडिंग से लेकर, पॉलिसीज, सूचनाएं आदि पहुंचाने का काम पीआर ने ले लिया है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी जरूरत अब हर कंपनियों को हो रही है और यह क्षेत्र युवाओं में तेजी से अपनी पैठ भी बना रही है। यही कारण है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए देश के कई संस्थान संबंधित कोर्स करा रहे हैं। और कोर्स के दौरान बकायदा इन्हें ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। कम्युनिकेशन स्किल्स बेहतर करने के लिए कोर्स भी कराए जाते हैं। इस समय यह युवाओं के लिए काफी हॉट सेक्टर बन गया है। आज कंपनी की इमेज मेकओवर, कोऑर्डिनेशन,क्रिएटिव इनपुट्स में इनका काफी योगदान है। आप अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप कोर्स का चयन कर सकते हैं।


प्रमुख संस्थान
- आईआईएमसी, नई दिल्ली
- दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
- माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय
- जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली।
- जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन
- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ

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