गुरुवार, 8 अगस्त 2013

घुसपैठ के पीछे चीन की मंशा क्या है?

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IBNKhabar चैट

मृत्युंजय कुमार झा मृत्युंजय कुमार झा
एक्जीक्यूटिव एडिटर (IBN7)
Jul 24, 2013 | Live

बार-बार घुसपैठ के पीछे चीन की मंशा क्या है?


चीन ने एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसपैठ की है। आखिर क्यों बार-बार चीन कर रहा है ऐसी हिमाकत? क्या है चीन का घुसपैठ के पीछे इरादा? क्या भारत को उकसा रहा है चीन? क्या सरकार को होना चाहिए सख्त? ये और ऐसे कई अन्य सवाल आप सीधे पूछ सकते हैं आईबीएन-7 के एक्जीक्यूटिव एडिटर एमके झा से आईबीएनखबर डॉट काम पर लाइव चैट में बुधवार शाम 5 बजे। अपने सवाल भेजें।
  • क्या चीन की घुसपैठ के खिलाफ भारत को भी आक्रामक रवैया अख्तियार करना चाहिए? Asked by: anita
  • भारत को चीन को जवाब उसी की भाषा में देना चाहिए..
  • पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और अब भूटान सभी पड़ोसी देशों से भारत के रिश्ते बिगड़ गए हैं, क्या इसीलिए चीन मौके का फायदा उठा रहा है? Asked by: अमित कुमार
  • बांगलादेश और भूटान से रिश्ते सही हैं..लेकिन भारत को big brother attitude से निकना होगा।...इन देशों मों चीन की मौजूदगी चीन के सामरिक और strategic फायदे के लिए हैं..भारत को इन मुद्दों पर सोचना चाहिए
  • चीन बार-बार ऐसी हिमाकत क्यों कर रहा है। इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? Asked by: रोहित सिंह
  • मैं इसे psychological pressure मानता हूं..बार बार provacations कर वो चुनौती दे रहा है साथ ही लड़ाई भी नहीं कर रहा..साफ छुपते भी नहीं सामने आते भी नहीं..भारत को भी यही करना चाहिए
  • मृत्युंजय जी आपको नहीं लगता कि चीन भारत पर हमला करके यूपीए सरकार की नाकामी को दुनिया के सामने पेश कर रहा है? इससे तो दुनिया के और भी देश भारत को कुछ नहीं समझेंगे? Asked by: SOURAV SINGH
  • यह हमला नहीं है..इसे आप चोरी और सीना जोरी कह सकते हैं। भारत सरकार को इस मुद्दे को जोर शोर से उठाना चाहिए..चीन को confront करना चाहिए।
  • क्या पाक और चीन के बीच कोई ऐसी साठगांठ है कि दोनों एक साथ भारत के खिलाफ हमला बोल सकते हैं Asked by: Shivendra pratap singh
  • इस बात की आशंका नहीं है..आज तक पाकिस्तान से जो भी लड़ाई लड़ी गई है..चीन ने कभी सीधे तौर पर पाकिस्तान का साथ नहीं दिया है।
  • क्या पाक बॉर्डर पर ज्यादा फोकस करने से चीनी बॉर्डर पर निगरानी के मामले में भारत सरकार और सेना पिछड़ गई हैं? Asked by: नीतिश भदौरिया
  • चीन को भारत का जो हिस्सा चाहिए था वो उसने 1962 की लड़ाई में उसने कब्जा कर लिया था..अब और कोई लड़ाई की आशंका नहीं है।.जहां तक सवाल है पाकिस्तान का..वहां पर ज्यादा चौकसी हौनी ही चाहिए। आपकी बात सही है भारत की सेना चीन के मुकाबले कम है लेकिन भारत की अपनी मजबूरियां हैं।
  • चीन का ये कैसा चरित्र है कि उसकी किसी से नहीं पटती सिवाय पाकिस्तान के? Asked by: माधव बंसल
  • 1948 से ही चीन की यही नीति रही है। माओ से लेकर नीतियां वहीं हैं..हां चेहरे बदल जाते हैं। पाकिस्तान अपनी जरुरतों के लिए चीन का मोहताज है जबकि चीन को पाकिस्तान की जमीन अपनी strategic फायदे के लिए चाहिए।
  • चीन के बार-बार हमारी सीमा में घुस आने के बावजूद हमारी सरकार चुप क्यों है। क्या डिप्लोमैटिक कदमों के नाम पर चुप्पी ओड़ लेना सही है। Asked by: Mukesh Pawar
  • पहली दुसरी बार जब इस तरह की घुसपैठ हुई थी तब तक को यह माना जा सकता था कि गलतियां हो गई होंगी..लेकिन बार बार होना महज संयोग नहीं है..भारत को इस पर कड़ा एतराज जताना चाहिए..चुप्प रहना या सह लोना कमजोरी की निशानी है।
  • भारत से युद्ध में उलझना चीन के लिए भी आसान नहीं होगा और उसे बड़ा बाजार खोना पड़ेगा और वो जापान से पिछड़ भी जाएगा। क्या वो ये बात नहीं समझ रहा? Asked by: Farhan Khan
  • चीन इस बात को भली भांति समझता है लेकिन उसे इस बात का भी घंमड है कि एशिया में उसे Giant कहा जाता है..उसकी नीति है कि सीमा पर भारत पर psychological दबाव बनाए रखो।
  • जब चीन के साथ हमारी कोई सर्वमान्य सीमा ही नहीं है तो फिर घुसपैठ के सवाल कैसे खड़े किए जा रहे हैं? Asked by: मनीष
  • सही बात है..लाईन आफ कंट्रोल को लेकर ही दोनों तरफ अलग अलग नक्शे हैं..जाहिर है घुसपैठ का सवाल उठेगा ही।
  • क्या भारतीय सेना की ओर से भी ऐसी कोई कार्यवाही की जाती है जिसे वहां की मीडिया में घुसपैठ बताकर मुद्दा बनाया जाता हो? Asked by: रणबीर
  • भारत और चीन की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। Lne of actual control को लेकर भी दोनों देशों के बीच काफी मतभेद हैं। जब भी भारत की तरफ से सीमा उल्लघंन का मुद्दा उटाया जाता है..चीन की ओर से भी उल्टा आरोप लगाया जाता है।
  • भारत और चीन सीमा विवाद सुलझाने के मामले में कितना आगे बढ़े हैं खासकर 62 के युद्ध के बाद। Asked by: समीर जैन
  • सीमा विवाद पर कोई खास बात नहीं बढ़ी है लेकिन एक बात तय हुई है कि विवाद को बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है और इसके लिए दोनों देशों की तरफ से विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं ..अब तक 17 राउंड की बैठक हो चुकी है। आज भी दोनों देशों के विशेष डेलिगेशन की बातचीत हुई है।
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