गुरुवार, 15 अगस्त 2013

जर्नलिज्म शब्द की उत्पति , पत्रकारिता का अर्थ







पत्र पत्रिकाएं समाज का आईना होती है। समाज में घटित घटनाओ का  वर्णन इन माध्यमो द्वारा किसी न किसी रूप में हमारे सामने अवश्य होता है। समाचारो पत्रों में तो इन घटनाओ की सम्पूर्ण जानकारी हमें मिल जाती है । सस्ता व आसान माध्यम समाचार पत्र घर बैठे ही हमें देश विदेश की जानकारी उपलब्ध करवा देता है। पत्रकार द्वारा घटना का वर्णन पत्रकारिता कहलाता है। जर्नलिज्म शब्द इसका अंग्रेजी रूपांतरण है जिसकी उत्पति जर्नल शब्द से हुई है जिसका अर्थ होता है दैनिक ।  इसलिए दिनभर के क्रियाकलापो तथा गतिविधयों की जानकारी का माध्यम बनने के कारण ही इसे जर्नलिज्म का नाम दिया गया है। एक दैनिक पत्र में सम्पूर्ण संसार का विवरण दिया होता है। घटना की जानकारी से लेकर उसको समाचार पत्र तक पहुंचाने का कार्य पत्रकार द्वारा होता है, वहीं समाचारो की कांट  छांट  ,उचित शीर्षक आदि से समाचार संपादकों द्वारा पढने योग्य बनाया जाता है। इस तरह के क्रियाकलापो को पत्रकारिता नाम दिया गया है।

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साक्षात्कार के दौरान जरूरी 6 बातें

किसी भी साक्षात्कार में आपके सामान्य ज्ञान के साथ साथ आपके आत्मविश्वास को भी परखा जाता है. इसलिए साक्षात्कार के लिए हमेशा नियमित तयारी रखे. यह कार्य आप सामान्य ज्ञान की मासिक पत्रिकाओ व विषय से सम्बंधित पुस्तकों के नियमित अध्यन द्वारा कर सकते है. आत्मविश्वास बनायें रखे और सवालों को ध्यान से सुनें अगर प्रश्न समझ में न आये तो विनम्रता से सवाल दोहराने का निवेदन कर सकते है. ज्यादा स्मार्ट या चालक बनाने का प्रयास कदापि न करें. समझदारी इसमें है की आप अपनी योग्यता से साक्षात्कार को अपने मुताबित मोड़ सकें. और ऐसा संभव है.
१.       हिम्मत: हिम्मत बनाये रखे. सवाल पे सवाल दागे जायेंगे पर डरे नहीं ये सब आपकी योग्यता का परीक्षण मात्र है.
२.      सहजता और स्पष्टता: सवाल के जवाब में ज्यादा जल्दबाजी न दिखाएँ. पुरे साक्षात्कार पेनल से सामंजस्य बनाते हुए बड़ी सहजता और स्पष्टता से सवालों के जवाब दे. अगर उतर देने में कोई गलती हो जाये तो गलती स्वीकार करें.
३.      भाव और निगाह: कुर्सी पर सावधान मुद्रा में बैठे, हाथ मेज पर रखे, सवाल पूछने वाले सदस्य की और ध्यान करके उतर दे. आपकी जबान के साथ आपके भाव और ऑंखें भी आपके जवाबों का समर्थन करे.
४.     भाषा: जिस भाषा में आपकी अच्छी पकड़ है जवाब उसी भाषा में दिया जाना चाहिए. अगर आपके हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओँ पर पकड़ है तो ध्यान रहे की प्रश्न की भाषा के अनुरूप उसी भाषा में जवाब दें.
५.     सकारात्मक: मन से सारी बेकार की धारणाएं निकाल दे. प्रतिसप्र्धा जरूर है पर आप चयनित नहीं होंगे ये गलत धारणा है अपने आपको किसी से कम न समझे.
६.      विवेक: कई बार आपके मन में एक सवाल के कई जवाब घूमते है ऐसी अवस्था में विवेक से काम लें और प्रश्न का सबसे करीबी जवाब दे. 


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