बुधवार, 7 अगस्त 2013

नौसेना ने 50 समुद्री दस्युओं को दबोचा




India News

नौसेना ने 50 समुद्री दस्युओं को दबोचा
मुंबई। भारतीय सुरक्षा बलों ने रविवार को देश के दक्षिण-पश्चिमी लक्षद्वीप तट के पास एक जहाज को अगवा करने की कोशिश कर रहे चार दर्जन से अधिक समुद्री दस्युओं को दबोच लिया। इनकी संख्या कुल 50 बताई गई है, इनमें 28 संदिग्ध सोमाली दस्यु हैं।
पिछले दस दिन में संयुक्त अभियान दल की यह दूसरी ब़डी सफलता है। संयुकत दल ने यूनान का झंडा लेग एक मालवाहक जहाज पर हमले की जलदस्युओं की साजिश को विफल करते हुए पेट्रले 11 को रोक लिया। यह पेट्रले 14 की श्रेणी का ही जहाज है, जिसका इस्तेमाल भी समुद्री दस्यु प्रमुख जहाज के रूप में कर रहे थे। नौसेना ने इसे अरब सागर में नेस्तानाबूद कर दिया है।
नौसेना प्रवक्ता कैप्टन एम नांबियार ने कहा कि नौसैनिक जहाज आईएनएस तीर और तटरक्षक पोत आईसीजीएस समर ने समुद्री दस्युओं के प्रमुख जहाज प्रेटले 11 को गोलीबारी के बाद भारतीय जलक्षेत्र में रोका और उन्हें समर्पण कर लिया मजबूर कर दिया। नौसेना अधिकारियों के मुताबिक कुल 52 लोगों को पक़डा गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान रविवार सायं तब शुरू हुआ जब नौसेना इस बात का पता चला कि यूनान के एमवी चिवास पर कवरती द्वीप से करीब एक हजार किलोमीटर दूर दो जलदस्यु पोतों के हमले करने की जानकारी मिली। नौसेना की पश्चिमी कमान ने जानकारी मिलने के बाद आईएनएस तीर और आईसीजीएस समर को मौके पर पहुंचने और जलदस्युओं तथा उनके प्रमुख जहाज को पक़डने का निर्देश दिया।
आईएनएस तीर और आईसीजीए समर पहले से ही समुद्री लूटपाट रोधी अभियान में लगे हुए हैं। नौसेना और दटरक्षक सेना के मिलेजुले इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने थाईलैंड के एक अगवा समुद्री नाव को भी लुटेरों के चंगुल से छु़डाया है। इनमें से कुछ नावों को पिछले चार से छह महीनों के बीच सोमालिया के तट क्षेत्र से अगवा किया गया था। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि हिरासत में लिए गए लोगों को मुंबई ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाल कर दिया जाएगा।
विज्ञप्ति के मुताबिक ग्रीस के एक जहाज ने नौसेना से यह कहते हुए मदद मांगी थी कि कुछ दस्यु जहाज पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद नौसेना और तटरक्षक बल ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों ने पिछले हफ्ते भी इसी तरह की एक कार्रवाई में कुछ लुटेरों को गिरफ्तार किया था।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें