सोमवार, 15 जुलाई 2013

क्या भारतीय मीडिया संस्कृति विरोधी है ? सच्चाई जानिये




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क्या आप जानते हैं हम मीडिया को बिकाऊ क्यूँ कहते हैं क्या आप जानते हैं हमारा मीडिया पश्चिमीकरण का समर्थन और भारतीयता का विरोध क्यों करता हैक्या आप जानते हैं टीआरपी के लिए कुछ भी करने वाले मीडिया ने हमेशा श्री राजीव दीक्षित की उपेक्षा क्यों की है ?
आइये जानते हैं भारत के सारे चैनलों और मीडिया की सच्चाई के बारे में ::
सन् 2005 में एक फ़्रांसिसी पत्रकार भारत दौरे पर आया उसका नाम 'फ़्रैन्कोईस' था, उसने भारत में हिंदुत्व के ऊपर हो रहे अत्याचारों के बारे में अध्ययन किया और उसने फिर बहुत हद तक इस कार्य के लिए मीडिया को जिम्मेवार ठहराया। फिर उसने पता करना शुरू किया तो वह आश्चर्य चकित रह गया कि भारत में चलने वाले न्यूज़ चैनल, अखबार वास्तव में भारत के है ही नहींफिर मैंने एक लम्बा अध्ययन किया उसमें निम्नलिखित जानकारी निकलकर आई जो मै आज सार्वजानिक कर रहा हूँ ::
विभिन्न मीडिया समूह और उनका आर्थिक श्रोत :
1. द हिन्दू जोशुआ सोसाईटी, बर्न, स्विट्जरलैंड, इसके संपादक एन॰ राम, इनकी पत्नी ईसाई में बदल चुकी हैं।
2. एनडीटीवीगोस्पेल ऑफ़ चैरिटी, स्पेन, यूरोप
3. सीएनएन, आईबीएन 7, सीएनबीसी…100 % आर्थिक सहयोग साउथर्न बैपिटिस्ट चर्च द्वारा
4. द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, नवभारत, टाइम्स नाउबेनेट एंड कोल्मान द्वारा संचालित, 80% फंड वर्ल्ड क्रिस्चियन काउंसिल द्वारा, बचा हुआ 20% एक अंग्रेज़ और इटैलियन द्वारा दिया जाता है। इटैलियन व्यक्ति का नाम रोबेर्ट माइन्दो है जो यूपीए अध्यक्षा सोनिया गाँधी का निकट सम्बन्धी है।
5. हिन्दुस्तान टाइम्स, दैनिक हिन्दुस्तानमालिक बिरला ग्रुप लेकिन टाइम्स ग्रुप के साथ जोड़ दिया गया है।
6. इंडियन एक्सप्रेसइसे दो भागों में बाँट दिया गया है, दि इंडियन एक्सप्रेस और न्यू इंडियन एक्सप्रेस(साउथर्न एडिसन) - Acts Ministries has major stake in the Indian express and later is still with the Indian Counterpart.
7. दैनिक जागरण ग्रुपइसके एक प्रबंधक समाजवादी पार्टी से राज्यसभा में सांसद हैअब आगे कुछ कहने की ज़रूरत नही आप जानते हैं.
8. दैनिक सहारा.... इसके प्रबंधन सहारा समूह देखती है। इसके निदेशक सुब्रोतो राय भी समाजवादी पार्टी के बहुत मुरीद हैं।
9. आंध्र ज्योति..... हैदराबाद की एक मुस्लिम पार्टी एम्आईएम् (MIM ये वही पार्टी है जो हाइडेराबॅड मे दंगे करते रहते है ) ने इसे कांग्रेस के एक मंत्री के साथ कुछ साल पहले खरीद लिया।
10. दि स्टेट्स मैनकम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया द्वारा संचालित
11. इंडिया टीवी … Independent News Services Private Ltd. received investment from Fuse+ Media, an entity of ComVentures, a venture capital firm based in Palo Alto, California, United States with over $1.5 billion of assets under management. Further investments have valued Independent News Service at Rs. 800 crores.
12. इंडिया न्यूज़ प्रबन्धक कार्तिकेय शर्मा (जेसिका लाल हत्या के आरोपी मनु शर्मा का भाई), जिनके पिता विनोद शर्मा हरयाणा से काँग्रेस विधायक हैं।
13 स्टार टीवी ग्रुपसेन्ट पीटर पोंतिफिसिअल चर्च, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया।
स्टार न्यूज़ (एबीपी न्यूज़) सदा से ही भारत में हिंदू विरोधी रहा है, दरअसल भारत में स्टार न्यूज़ Media Content and Communications Services India Pvt Ltd. नाम की एक कंपनी चलाती है, जिसके मुख्य संपादक शाजी जमान हैं जो शुरू से ही हिंदू विरोधी रहे हैं
[ये सभी लोग कांग्रेस और वामपंथियो के चमचे है]
स्टार न्यूज़ आदर्श की बड़ी बड़ी बातें करता है लेकिन एक न्यूज़ एंकर 'शायमा सहर' के यौन शोषण पर एकदम खामोश है।
इस तरह से एक लंबी लिस्ट है जिससे ये पता चलता है की भारत की मीडिया भारतीय बिलकुल भी नहीं है और जब इनकी फंडिंग विदेश से होती है है तो भला भारत के बारे में कैसे सोच सकते हैं। अपने को पाक साफ़ बताने वाली मीडिया के भ्रष्टाचार की चर्चा करना यहाँ पर पूर्णतया उचित ही होगा। बरखा दत्त जैसे लोग जो की भ्रष्टाचार का रिकार्ड कायम किये हैं, उनके भ्रष्टाचार की चर्चा दूर दूर तक है, इसके अलावा आप लोगों को शायद न मालूम हो पर आपको बता दूँ कि ये 100% सही बात है की NDTV की एंकर बरखा दत्त ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया है।
प्रभु चावला जो की खुद रिलायंस के मामले में सुप्रीम कोर्ट में फैसला फिक्स कराते हुए पकड़े गए उनके सुपुत्र आलोक चावला, अमर उजाला के बरेली संस्करण में घोटाला करते हुए पकडे गए।
दैनिक जागरण ग्रुप ने अवैध तरीके से एक ही रजिस्ट्रेशन नम्बर पर बिहार में कई जगह पर गलत ढंग से स्थानीय संस्करण प्रकाशित किया जो की कई साल बाद में पकड़ में आया और इन अवैध संस्करणों से सरकार को 200 करोड़ का घाटा हुआ।
दैनिक हिन्दुस्तान ने भी जागरण के नक्शे कदम पर चलते हुए यही काम किया उसने भी 200 करोड़ रुपये का नुकसान सरकार को पहुंचाया इसके लिए हिन्दुस्तान के मुख्य संपादक शशि शेखर के ऊपर मुक़दमा भी दर्ज हुआ है। शायद यही कारण है की भारत की मीडिया भी कालेधन, लोकपाल जैसे मुद्दों पर सरकार के साथ ही भाग लेती है।
सभी लोगों से अनुरोध है की इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो के पास पहुंचाएँ ताकि दूसरो को नंगा करने वाले मीडिया की भी सच्चाई का पता लग सके।

1 टिप्पणी:

  1. बबल जी ! बहुत शोधपरक आलेख। अन्धों की आँखें खोलने वाला आलेख। मैं इसे फेसबुक में चस्पा कर रहा हूँ।

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