शुक्रवार, 28 दिसंबर 2012

बलात्कार की शिकार हुई लड़की की मौत

 शनिवार, 29 दिसंबर, 2012 को 08:18 IST तक के समाचार

सिंगापुर अस्पताल
लड़की का इलाज सिंगापुर के माउंट एलिज़ाबेथ अस्पताल में चल रहा था
दिल्ली में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई लड़की ज़िंदगी की जंग हार गई है. हालत बिगड़ने के बाद उसे गुरुवार को सिंगापुर भर्ती कराया गया था जहाँ अब से कुछ देर पहले डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
महिला के शरीर को भारत लाने के लिए एक विमान शनिवार दोपहर सिंगापुर पहुँचेगा.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 23 वर्षीय छात्रा की मौत पर दुख व्यक्त किया.
अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदमों पर विचार कर रही है. साथ ही मौजूदा कानूनों की समीक्षा भी की जा रही है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक दल और दूसरे लोग अपने स्वार्थ को दरकिनार करते हुए इस ओर काम करेंगे कि भारत में महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए.
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा, “आखिर क्या है हमारे समाज में कि इस तरह की घिनौनी घटना देश की राजधानी में हुई.”
उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.
"लड़की की मौत स्थानीय समयानुसार चार बजकर पैंतालिस मिनट पर हुई और उस समय परिवारवाले उसके साथ थे."
अस्पताल का बयान
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सिंगापुर में बीबीसी संवाददाता पुनीत सिंह ने बताया है कि अस्पताल ने एक बयान जारी कर कहा है कि लड़की की मौत स्थानीय समयानुसार चार बजकर पैंतालिस मिनट पर हुई और उस समय परिवारवाले उसके साथ थे.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी ये जानकारी नहीं दी गई है कि लड़की का शव भारत कब लाया जाएगा.
सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन ने पत्रकारों को बताया: “पीड़िता की मौत उसे लगी चोटों की वजह से हुई. उसके परिवार वाले सदमे में हैं. लेकिन वो ये भी समझते हैं कि उनकी बेटी का अच्छे-से-अच्छा इलाज हुआ लेकिन उसकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका.”
उन्होंने बताया कि पीड़ित महिला का परिवार दिल्ली का रहने वाला है.
बलात्कार की घटना के बाद दिल्ली में इलाज के दौरान ये लड़की अपने होश में थी और परिवारवालों से बात भी कर रही थी. मुश्किल हालात में भी अपने दिलेरी से उसने लोगों का दिल जीता लेकिन जिंदगी और मौत की जंग में नहीं जीत पाई.
सिंगापुर
टीसीए राघवन ने कहा कि पीड़ित लड़की को लगी चोटें बेहद गंभीर थीं जिसके कारण उसकी मौत हुई
क्लिक करें फाँसी की सज़ा पर सवाल
लड़की का इलाज सिंगापुर के माउंट एलिज़ाबेथ अस्पताल में चल रहा था.
16 दिसंबर की रात को इस लड़की से चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बुरी तरह पीटा गया था.
उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था. दिल्ली में इलाज के दौरान लड़की की हालत लगातार गंभीर बनी रही थी और उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था. डॉक्टर उसकी आंतों को पहले ही निकाल चुके थे.

गुस्सा और नाराज़गी

बलात्कार की इस घटना को लेकर दिल्ली समेत भारत भर में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन चल रहे हैं और लोगों में भारी नाराज़गी है. प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झड़प के दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत भी हो गई थी.
बलात्कार के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो पुलिस अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं.
इस लड़की को बलात्कार की घटना में दो बार अपना बयान रिकॉर्ड कराना पड़ा था जिसे लेकर भी आलोचना हुई है. पहली बार 21 दिसंबर को एसडीएम के सामने उसका बयान रिकॉर्ड किया गया था. लेकिन मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने 24 दिसंबर को दोबारा उसका बयान रिकॉर्ड कराया गया.
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के इस आरोप के बाद दोबारा बयान रिकॉर्ड कराया गया था कि पुलिस ने पीड़ित का बयान रिकॉर्ड होने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई थी.
इस घटना को लेकर जहाँ लोगों में ज़बरदस्त गुस्सा है वहीं बलात्कार की इस वारदात ने समाज के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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