मंगलवार, 6 मार्च 2012

पानी पर मीडिया विमर्श ./ शौध



छठा राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन

Source: 
 विकास संवाद
विकास और जन सरोकार के मुद्दों पर नयी उर्जा, उत्साह और इस यात्रा को एक दिशा देने के लिए हम हर साल एक तीन दिनी सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं और इस बार सम्मेलन 23-25 मार्च 2012 को पचमढ़ी में आयोजित हो रहा है। मीडिया फार राइट्स की ओर से होने वाला यह मीडिया सम्मेलन धीरे-धीरे मीडिया के लोगों के बीच साल में एक बार मिलने का एक साझा मंच होता जा रहा है। मीडिया फार राइट्स की ओर से होने वाले मीडिया विमर्श का आयोजन विकास संवाद नाम से होता है।

विकास संवाद प्रक्रिया के तहत मीडिया के मित्र वर्तमान और नेपथ्य, बाखबरी और बेखबरी के बीच मुद्दों को पहचाननें, उनके बारे में जानकारियां इकट्ठा करने, विश्लेषण करने के साथ ही मुद्दों में लेखन की भूमिका तय करने का काम करते हैं। विकास संवाद का यह छठा राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन है। इसके पहले शुरुआती सालों की कुछ अनौपचारिक चर्चाओं के बाद महेश्वर में मीडिया के मानक, लोग और उसके बाद छतरपुर में सूखे में समाज और मीडिया विषयों पर मुद्दा आधारित सार्थक बातचीत के साथ जमीनी स्तर पर मुद्दों को देखने-समझने का काम विकास संवाद के मीडिया विमर्श के मील के पत्थर बन चुके हैं।

विकास संवाद के प्रक्रिया में शामिल होने के लिए कृपया इस मेल पर संपर्क करें। (vikassamvad@gmail.com)

विकास संवाद
राकेश मालवीय

09977958934.0755-4252789

निमंत्रण: गंगा चौपाल का आयोजन

सृजन से विसर्जन तक गंगा हमारे लिए पूजनीय है। चाहे हम उसके किनारे रहते हों या न हों, परंतु हमारे जीवन, हमारी संस्कृति, हमारे पर्यावरण, हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे विज्ञान सहित पूरे सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है माँ गंगा। लेकिन आज इस आज समाज के कारण ही वह उथल-पुथल के भयानक दौर से गुजर रही है। वैज्ञानिक अस्त्रों से लैस होकर हम उसका प्रवाह रोक रहे हैं, भौतिकवादी सुखों के लालच में हम गंगा को प्रदूषित कर रहे हैं। आज भी करोड़ों लोगों की आस्था की प्रतीक गंगा, कुछेक लोगों के लिए सिर्फ एक संसाधन होकर रह गई हैं। शोषण का एक प्रतीक। लेकिन सवाल उसके अस्तित्व का नहीं है, सवाल है, क्या गंगा के बिना हम पल भर भी जी पाएंगे। इन सभी विषयों पर बहुत चर्चा होती है।

नदी न्याय जनसुनवाई

Source: 
 तरुण भारत संघ
18 नवम्बर, 2011 को रणनीति बैठक होगी। 9 से 11:00 बजे तक नदी न्याय की जनसुनवाई में भागीदारों से बातचीत 11:00 से 4:00 बजे तक जनसुनवाई और 4:00 बजे से जनसुनवाई में भागीदारों के साथ रणनीति बैठक का कार्यक्रम है।

नदियों को भ्रष्टाचार ने नालों में बदल दिया है। भ्रष्टाचार के नालों को सदाचार द्वारा नदियों में बदलने की मुहिम शुरू करने हेतु रणनीति बैठक 18 नवम्बर, 2011 को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में आयोजित हो रही है।

यमुना अभियान: मथुरा में 27 को संत समागम की तैयारी

Source: 
 वृन्दावन टुडे, 25 अप्रैल 2011
यमुना प्रदूषण के खिलाफ उठ रही आवाज लगातार सशक्त हो रही है। यमुना प्रदूषण मुक्ति सत्याग्रह में विश्व सनातन धर्म रक्षक दल के आंदोलन को यहां 27 अप्रैल को होने वाला संत समागम नई धार देगा। उधर दिल्ली में जंतर-मंतर पर संत-किसानों के धरने से दबाव में केन्द्रीय कमेटी की बैठक सोमवार को होने की संभावना है।

यमुना प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन की राह पर चल रहे ब्रजवासियों का जोश इस मसले पर और बढ़ता जा रहा है। पिछले डेढ़ दशक से यमुना प्रदूषण मुक्ति के लिए सत्याग्रह कर रहे विश्व सनातन धर्म रक्षक दल आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 27 अप्रैल को यहां गांधी पार्क में संत समागम होने जा रहा है।
इस खबर के स्रोत का लिंक: 
 http://www.hindi.vrindavantoday.org

लोक-भारती संगठन की गोमती यात्रा (27 मार्च से 3 अप्रैल 2011 तक)

Author: 
 लोक भारती

गोमती का संकट-


गोमती का जन्म नागाधिराज हिमालय की तलहटी में पीलीभीत से 30 किमी. पूर्व तथा पूरनपुर (पुराणपुर) से 12 किमी. उत्तर माधौटाण्डा के निकट फुलहर झील (गोमतताल) से हुआ है। गोमती अपने उद्गम स्थल से पावन गंगा मिलन तक 960 किमी. की यात्रा में 22735 वर्ग किमी. जलग्रहण क्षेत्र का वर्षा-जल संजोकर वाराणसी-गाजीपुर के मध्य मार्कण्डेश्वर महादेव के पास गंगा मैया की गोद में समा जाती है। गोमती तो अपनी पूर्ण वत्सलता के साथ हमारी प्यास बुझाती, खेतों को पानी व धरती को हरियाली देती तथा मानवता की फुलवारी को भरपूर सींचती है।

लेकिन हमने क्या किया?


हमने अपने मल-मूत्र (सीवर), गन्ना व अन्य फैक्ट्रियों, अस्पतालों का जहरीला, बदबूदार पानी उसमें प्रवाहित किया, प्लास्टिक, पॉलीथीन, पूजन सामग्री अवशेष डालकर गोमती

"निमंत्रण" विकास संवाद का पांचवा मीडिया विमर्श

Source: 
 विकास संवाद का पांचवा मीडिया विमर्श

12, 13 और 14 मार्च 2011


सूखे में समाज, विकास संवाद का पांचवा मीडिया विमर्श

बदलावकारी संवाद और सघन हस्तक्षेप के जरिये विकास संवाद कोशिश करता है कि मीडिया लोगों, व्यवस्था और समाज के मूल सवालों को मूल कारणों के परिप्रेक्ष्य में देखें और बहस का हिस्सा बने। मीडिया यानी सूचना और विश्लेषण का व्यापक माध्यम; जिस पर इस समाज को विश्वास करना चाहिये। परन्तु आज वह खुद सवालों के दायरे में है। पिछले 6 वर्षों में हमने विकास संवाद में यह प्रयास किया है कि मौजूद और नैपथ्य में छिपे हुये मुद्दों को पहचानें, उनके बारे में जानकारियां इकट्ठा करें; उनका विश्लेषण करें और मीडिया लेखन के रूपों में ढालें।

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