बुधवार, 1 फ़रवरी 2012

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Studio Command
स्टूडियो निर्देश
स्टूडियो निर्देश
किसी भी स्टूडियो में डायरेक्टर या प्रोड्यूसर और फ्लोर मैनेजर के बीच में एक कांच की दीवार होती है। इस दीवार के दोनों ओर बैठे व्यक्ति एक दूसरे को देख तो सकते हैं लेकिन सुन नहीं सकते। कई बार दूरी अधिक होने के कारण देखने में भी कठिनाई होती है। इसीलिए फ्लोर मैनेजर कैमरे के सामने हाथ से इशारा कर डायरेक्टर से कम्युनिकेशन करता है। सामान्यतः स्टूडियो में उपयोग होने वाला टाकबैक सिस्टम प्रोड्यूसरए डायरेक्टर और फ्लोर पर कार्य करने वाले लोगों को आपस में जोड़ता है। डायरेक्टर द्वारा दिए गए निर्देश फ्लोर मैनेजर तक इसी सिस्टम द्वारा पहुंचते हैंए लेकिन कैमरे के सामने बैठे एंकर को निर्देशित करने का काम फ्लोर मैनेजर द्वारा किया जाता है। जब रिकार्डिंग शुरू होने वाली होेती है उस दौरान फ्लोर मैनेजर एंकर को इशारा कर तैयार रहने का निर्देश देता है।
               समाचार प्रसारण के समय सबसे पहले आवाज को चेक किया जाता है। वाचक लेपल माइक लगाने तथा कुर्सी पर ठीक तरह से बैठ जाने के बाद कैमरे मे देखकर कुछ बोलता है ताकि उसके स्वर के स्तर को देखा और संयोजित किया जा सके। यह कार्य ठीक होने पर फ्लोर मैनेजर अपने हेड फोन पर प्रस्तुतकर्ता का निर्देश सुन कर जोर से बोलकर कहता है। अब स्टूडियो के अन्दर सब लोग चुप हो जायेंगे और  हर तरह का संचार संकेत भाषा में होगा। समाचार शुरू करने के लिये फ्लोर मैनेजर कैमरे और वाचक के बीच सीधी रेखा से जरा हट कर या नीचे बैठकर प्रस्तुतकर्ता से मिलने वाले निर्देशों को संकेत द्वारा वाचक तक संप्रेषित करता है।

1 क्यू-  किसी भी कार्यक्रम को शुरू करने के लिए यह पहला संकेत होता है। इसमें हाथ को उपर से नीचे की ओर लाया जाता है। वाचक यह संकेत मिलते ही लगभग तीन सेकेंड बाद बोलना शुरू कर देता है।
2 होल्ड-  इस कमांड का उपयोग विशेषतः समाचार के पैकेज फार्मेट में किया जाता है। समाचार वाचक जब खबर का इंट्रो पढ़ लेता है उस समय वाचक को रोकने के लिए होल्ड कमांड दे कर वाइस ओवर और दृश्यों को चलाया जाता है।
3 क्यू - समाचार वाचक को होल्ड कमांड के बाद पुनः क्यू कमांड दी जाती है ताकि वह दूसरे समाचार का इंट्रो पढ़ सके। होल्ड कमांड के दौरान वाचक अगले समाचार को पढ़ने का अभ्यास करने के साथ.साथ मेकअप और ड्रेसअप को ठीक करने का कार्य करता है।
4 धीरे पढ़ना-  कई बार समाचार कम होने और समय ज्यादा होने की स्थिति में प्रोड्यूसर वाचक को धीरे पढ़ने का निर्देश देता है। इस निर्देश को फ्लोर मैनेजर अपने दोनों हाथों को  धीरे.धीरे एक दूसरे के करीब लाता है। यह कमांड मिलने के बाद वाचक समाचार पढ़ने की गति को धीरे.धीरे कम कर देता है।
5 तेज पढ़ना-  समय की कमी या विज्ञापन कम होने पर प्रोड्यूसर यह कमांड देता है। इस निर्देश में फ्लोर मैनेजर दोनो हथेलियों को एक दूसरे के ऊपर रखकर हाथों को तेजी से ऊपर उठाता है। यह निर्देश मिलने के बाद वाचक अपनी समाचार पढ़ने की गति को धीरे.धीरे तेज करता है और पढ़ते समय बिराम देर से लेता है।
6 समाप्ति - समाचार समाप्त करने का संकेत फ्लोर मैनेजर अपने हाथ को गोल घुमाकर देता है। यह कमाण्ड मिलने के बाद  वाचक अपनी आवाज को धीरे.धीरे कम करते हुए समाचार की हेड लाइन पढ़कर सुना देता है।
7 गलाघोंटू-  यह कमाण्ड उस समय दी जाती है जब समाचार समाप्त होने में पांच से दस सेकंड बचे हों। यह निर्देश देने के लिए फ्लोर मैनेजर अपने मुंह पर हाथ रखकरए गले को काटने का या दोनों हाथों का क्रास बनाकर वाचक को इशारा करता है। इस दौरान कंट्रोल पैनल पर बैठा प्रोड्यूसर फ्लोर पर उपस्थित सभी तकनीकी लोगों को कट माइक की कमांड देता है ताकि एंकर के पास लगे लेपल माइक और कंट्रोल रूम के बीच का संपर्क बंद कर दिया जाएए तत्पश्चात् एंकर चुपचाप अपनी जगह पर अगला निर्देश मिलने तक बैठा रहता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि प्रोड्यूसर को समाचार संकेत ध्वनि या क्रेडिट कैप्शन प्रसारित करने का समय मिल जाए।

स्टूडियो में वाचक द्वारा बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियाँ
1  स्टूडियो में अपना स्थान ग्रहण कर लेपल माइक लगा लें।
2  कुर्सी पर इस तरह सीधे बैठें कि पैरों की एड़ियां और पंजे पूरी तरह जमीन पर हों।
3  बैठते समय कोहनियां शरीर के पास और हाथ सामने टेबिल पर हो।
4  बुलेटिन सामने टेबिल पर रखकर देख लें कि आटो क्यू पर उसकी इमेंज ठीक आ रही है या नहीं।
5  अपने ध्यान को आस.पास हो रही हलचल या किसी गतिविधि से अलग कर लें।
6  कम से कम चार.पांच बार गहरी सांस ले ताकि समाचार पढ़ते समय सांस न फूले।
7  ओठों को पानी पीकर या जीभ फेरकर गीला कर लें।
8  अपने आप को षांत और तत्पर दिखाने का प्रयत्न करें।
9  फ्लोर मैनेजर या कैमरामैन से कुछ बात कर लें ताकि आपके और उनके बीच के सामने का दृश्य स्थापित हो जाय।
10 टेलीप्राम्पटर पर न्यूज पढ़ते समय अपनी आंख को स्थिर रखें ताकि दर्शकों को ऐसा न लगे कि आप उनकी तरफ देखकर बार.बार अपनी आंखों को हिला.डुला रहे हैं।
11 समाचार के बीच में कंट्रोल रूम से मिलने वाले निर्देश को ध्यान पूर्वक सुनेंए लेकिन निर्देशों को सुनने के चक्कर में विचलित न हो।
12 कई बार तकनीकी खराबी या जल्दबाजी के चलते ब्रेक के दौरान एंकर को स्क्रीन पर दिखा दिया जाता है अतः एंकर जब तक स्टूडियो में है तब तक उसे सचेत रहना चाहिए।
13 उच्चारण या भाषागत गलत बोलने पर एंकर को दर्शकों से क्षमा मांगकर पुनः गलत हुए शब्द को पढ़ना चाहिए।

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