बुधवार, 1 फ़रवरी 2012

टेलीविजन लाईव / REPORTING/ LIVE REPORTING TECHNOLOGY

Live Reporting
लाइव रिर्पोटिंग




लाइव रिर्पोटिंग तकनीक- लाइव रिर्पोटिंग का फार्मेट टीवी पत्रकारिता में उपयोग किया जाता है। इसके उद्देश्य निम्नलिखित हैं-



1. समाचार को अपडेट करना
2. खबरों की विश्वसनीयता बढ़ाना
3. प्रोडक्शन में लगने वाले समय को कम करना
4. चैनल की टीआरपी बढ़ाना
5. मूल तथ्यों को दर्शकों के सामने पेश करना
         लाइव रिर्पाटिंग तकनीक में जिस जगह से प्रसारण करना होता है वहां आउट साइड या आउट स्टेशन ब्राडकास्ट वैन को ले जाया जाता है, इस वैन में लगे उपकरणों को चलाने के लिए एक हाई पावर जनरेटर होता है, इसके अलावा दो या तीन मानीटर, स्वीचर और मिक्सर लगे होते हैं। रिर्पोटिंग करते वक्त वैन से कैमरा कनेक्ट होता है। यह कैमरा जिन द्रश्यों को कवर करता है उन्हें हम सीधे अपनी टीवी स्क्रीन पर देखते हैं। ओवी वैन में लगे उपकरणों को चलाने के लिए एक आपरेटर या इंजीनियर मौजूद रहता है।
           लाइव प्रसारण मं यदि हम किसी क्रिकेट मैच की बात करें तो जहां मैच खेला जा रहा है उस स्टेडियम में न्यूनतम 16 से 21 कैमरे लगाए जाते हैं। ये सभी कैमरे अलग-अलग जगह पर स्थित होकर सभी द्रश्यों को कवर करते हैं। एक अन्य कैमरा स्टंप के पीछे लगा रहता है जिसका काम स्लोमोशन में रीप्ले करना होता है। सभी कैमरे ओवी वैन में रखे एक वीडियो मिक्सर से जुड़े रहते हैं। किसी मैच के प्रसारण में ग्राफिक्स एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिन्हें कम्प्यूटर के द्वारा बनाया और प्रसारित किया जाता है। इस कार्य के लिए एक विशेष साफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है। जैसे कि ईसपीएन और स्टार स्पोर्ट्स जैसे चैनल नामादगी  साफ्टवेयर का उपयोग करते हैं। इस कार्य में 3 से 4 मशीन लगाई जाती हैं, जिसमें एक लेपटाप होता है, जिसके द्वारा स्कोर का ट्रेक चलाया जाता है। यह लेपटाप एमएस-एसक्यूएल सर्वर से टीसीपी या इंटरनेट प्रोटोकाल द्वारा जुड़ा रहता है बाकी दूसरे कम्प्यूटर एक एडी-एचओसी मशीन की तरह कार्य करते हैं। यह चारों कम्यूटर लेन या वेन के द्वारा आपस में कनेक्ट होते हैं। इस तरह के प्रसारण में कुल मिलाकर दो मशीनों का उपयोग होता है। एक एडी-एचओसी जो सर्वर की तरह कार्य करती है और दूसरी स्कोर-टिकर मशीन-दोनो ही विंडो 2000 पर आधारित वर्क स्टेशन हैं। मशीन द्वारा तैयार किए गए ग्राफिक्स को भी वीडियो मिक्सर भेज दिया जाता है। लाइव मैच प्रसारण में ध्वनि के लिए एक आडियो मिक्सर होता है जिसमें कैमरा या माइक के सभी सोर्स जुड़े रहते हैं। इस पूरे प्रबंधन के लिए डायरेक्टर टीम के दूसरे सदस्यों के साथ एक वायरलेस टाकबेक सिस्टम द्वारा आपस में कनेक्ट रहते हैं। विजुअल, ग्राफिक्स और साउंड तीनों ही ओवी वेन में लगे वीडियो मिक्सर और आडियो मिक्सर द्वारा एडिट होने के पश्चात सेटेलाइट पर भेज दिए जाते हैं। जहां से वापिस इन सिंगनल को अर्थ स्टेशन पर भेजा जाता है। यहां मैच के बीच में विज्ञापन और चैनल का लोगो मिक्स करने का कार्य किया जाता है, तद्उपरान्त सिंगनल को पुनः सेटेलाइट पर भेज कर प्रसारित कर दिए जाते हैं।

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