बुधवार, 1 फ़रवरी 2012

टीवी / पीस टू कैमरा




पीस टू कैमरा


         किसी खबर की समीक्षा या सारांश जब रिपोर्टर द्वारा दिया जाता है तो उसे पीस टू कैमरा कहते हैं। टेलीविज़न समाचार रिपोर्टिंग के लिए दरकार तकनीकी कौशलों मेंए पीस टू कैमरा या स्टैंड.अपर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है। यद्यपि यह तकनीक पुराने फैशन की हो चुकी है और अनेक अनुभवी रिपोर्टर मानते हैं कि इसे अपनाने से वे सफल नहीं होंगे, फिर भी यह तकनीक या तरीक़ा लाज़मी तौर पर वीडियो पर दृश्यात्मक समाचार है, जो कि किसी भी विवरण को प्रभावी और सरल ढंग से बताने का एक निश्चित तरीका माना गया है।

 देखने से पता चल जाता है कि रिपोर्टर मौके पर मौजूद था या है, इसको अपनाया जाना या अमल करना सबसे आसान है इसे तेजी से और कम समय में काम में लाया जा सकता है या किसी भी पूर्वनियोजित मुश्किल व्यवस्था का विकल्प भी आसानी से  बनाया जा सकता है। इसकी मिशाल चाँद पर पहुँचने वाले व्यक्ति से की जा सकती है। यानी नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर कदम रखने के बाद पहला काम यही किया था कि सामने पड़ी धूल मिट्टी को जमा कर लिया था क्योंकि यह संभावना थी कि शायद उसे जल्दी वापस लौटना पड़े तो कम से कम चांद की मिट्टी का नमुना पृथ्वीवासियों को मिल जाएगा। बाद में इस नमूने का जगह.जगह प्रदर्शन किया गया। इसकी प्रस्तुति सादा और आसान तरीके से की जाती है। रिपोर्टर बोल.चाल की भाषा में आलेख तैयार कर कैमरे के सामने बोल देता है। 
 पीस टू कैमरा निम्न उद्देश्यो से किया जाता है-
1 समाचार की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए
2 दृश्यों की कमी होने पर उस जगह को पीटूसी के माध्यम से दिखाया  जाता है।
3 खबर का संक्षेप में ब्यौरा देने के लिए
4 अधिकांश पीस टू कैमरा स्टोरी रिपोर्टर द्वारा खड़े होकर की जाती हैंए इसीलिए इसे स्टैंड   अपर का नाम भी दिया जाता है।
5 पीस टू कैमरा रिकार्ड करते समय बैकग्राउंड में लोकेशन दिखाई  जाती हैए जिससे दर्शकों को उस जगह का अंदाजा लग जाता है जहां से प्रसारण किया जा रहा है।
6  घटनाए खबर और दृश्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए
7  रिपोर्टर को हाईलाइट करने के लिए
8  चैनल के  दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए
9  समाचार को बड़ा करने के लिए
10 एक्सक्लुसिव समाचार देने के लिए

पीटूसी की विशेषताएँ
1  पीटूसी में सरल भाषा और छोटे वाक्यों का प्रयोग किया जाता है।
2  इसके शुरूआत में कोई बहुप्रचलित मुहावराए लोकोंक्ति का प्रयोग  अच्छा माना जाता है।
3  रिपोर्टर की बेश.भूषा बैकग्राउंड के हिसाब से चयन की जाती है।
4  कैमरे के ठीक नीचे आलेख को लिखकर टांग दिया जाता है, ताकि  रिपोर्टर जब उसे देखकर पढ़े तो दर्शकों को ऐसा लगे कि वो उनकी तरफ देखकर बोल रहा है।
5  पीटूसी किसी ऐसी जगह पर खड़े होकर किया जाता है कि जहां  शोरगुल या अवरोध की संभावना कम हो।
6  पीटूसी केवल बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों में दिया जाता है।
7  इससे रिपोर्टर की ख्याति बनती है, अतः बिना हिचकिचाए तारतम्यता में पीटूसी किया जाना चाहिए।
8  लाइव टेलीकास्ट में दिया जाने वाला पीटूसी तथ्यों को बिना  तोड़े.मरोड़े दिया जाता है।

Updated on 15/06/2010

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें