सोमवार, 31 अक्तूबर 2011

दस अखबारों में हिन्दी के 5, अंग्रेजी का एक भी नहीं

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देश के शीर्ष 10 अखबार

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देश के शीर्ष दस अखबारों के पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर हिन्दी के अखबार हैं. इंडियन रीडरशिप सर्वे के अनुसार देश के दस बड़े अखबारों में पांच हिन्दी भाषा के अखबार हैं जिसमें दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान और राजस्थान पत्रिका शामिल है. हालांकि आईआरएस के आंकड़े बताते हैं कि हिन्दुस्तान और राजस्थान पत्रिका को छोड़कर शीर्ष के सभी अखबारों के पाठकों की संख्या में कमी आयी है. आश्चर्यजनक रूप से देश के शीर्ष दस अखबारों में अंग्रेजी का एक भी अखबार अभी भी अपनी जगह नहीं बना पाया है.
इंडियन रीडरशिप सर्वे के पहले दौर के सर्वे का डाटा रिलीज हो गया है. पहले दौर के सर्वे के बाद जो आंकड़े निकलकर सामने आये हैं उसमें दैनिक जागरण लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है. हिन्दी के अखबार दैनिक जागरण की कुल पाठक संख्या 5.45 करोड़ बतायी गयी है. हालांकि पिछले साल आईआरएस (इंडियन रीडरशिप सर्वे) के मुकाबले दैनिक जागरण के पाठकों की संख्या में 21 लाख की गिरावट आयी है फिर भी वह देश का नंबर अखबार बना हुआ है.
दूसरे नंबर है दैनिक भास्कर. दैनिक भास्कर की पाठक संख्या में भी 2.8 लाख की गिरावट दर्ज हुई है लेकिन 3.19 करोड़ पाठकों के साथ वह देश का दूसरा सबसे बड़ा अखबार बना हुआ है. दैनिक भास्कर डीबी कार्प का उद्यम है.
तीसरे नंबर पर भी हिन्दी का एक और अखबार है - अमर उजाला. आईआरएस के पहले राउण्ड के आंकड़ें बताते हैं कि अमर उजाला के पाठकों की संख्या में भी 7 लाख की कमी आयी है. आईआरएस के पहले राउण्ड में अमर उजाला के पाठकों की संख्या 2.87 करोड़ बतायी गयी है.जबकि इसी कालावधि में पिछले साल जारी आंकड़ों के हिसाब से अमर उजाला के पास 2.94 करोड़ पाठक थे.
इंडियन रीडरशिप सर्वे-2009
चौथे नंबर पर भी हिन्दी का ही एक और अखबार दैनिक हिन्दुस्तान है. हिन्दुस्तान हिन्दुस्तान टाईम्स समूह का अखबार है. हिन्दुस्तान हिन्दी का अकेला ऐसा अखबार है जिसके पाठकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है. आईआरएस - 2009 के पहले दौर में जब सभी अखबारों के पाठकों की संख्या में कमी आ रही है तब भी हिन्दुस्तान ने बढ़त जारी रखी है. आईआरएस के आंकड़े बताते हैं कि ताजा दौर के सर्वे में हिन्दुस्तान के पाठकों की संख्या में 1.36 लाख की बढ़ोत्तरी हुई है और उसकी कुल पाठक संख्या 2.67 करोड़ पहुंच गयी है.
पांचवे नंबर पर आश्चर्यनजक रूप से एक मराठी दैनिक ने अपना दावा ठोंक दिया है. डेली थंती को छठे नंबर पर धकेलते हुए पांचवे स्थान पर मराठी दैनिक लोकमत काबिज हो गया है. लोकमत के पाठकों की संख्या में 7.19 लाख की बढ़ोत्तरी हुई है और उसके कुल पाठकों की संख्या 2.06 करोड़ पहुंच गयी है. मराठी दैनिक लोकमत पहले भी पांचवे स्थान पर रह चुका है.
  • देश के लगभग सभी बड़े अखबार के पाठकों की संख्या में गिरावट दर्ज हो रही है
  • अंग्रेजी का सबसे बड़ा अखबार देश के शीर्ष दस अखबारों में शामिल नहीं है
  • हिन्दुस्तान टाईम्स समूह का अखबार हिन्दुस्तान अकेला अखबार जिसके पाठकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है
  • राजस्थान पत्रिका के पाठकों की संख्या में भी आंशिक बढ़ोत्तरी
  • तमिल दैनिक डेली थंथी को लगातार दूसरी बार नुकसान
जबकि पांचवे नंबर से खिसकर छठे नंबर पर पहुंचे तमिल अखबार डेली थंथी के पाठकों की संख्या 2.04 करोड़ पर पहुंच गयी है. उसके पाठकों की संख्या में 1.19 करोड़ की कमी आयी है. पिछले लगातार तीन दौर के सर्वे में डेली थंथी को पाठकों की संख्या का नुकसान उठाना पड़ा है. और उसके पाठकों की संख्या 2.08 करोड़ से गिरकर 2.04 करोड़ पर आ गयी है.
सातवें नंबर भी एक तमिल दैनिक दिनकरन है. दिनकरण के पाठकों की संख्या में भी 1.92 करोड़ का नुकसान हुआ है और उसके कुल पाठकों की संख्या ताजा सर्वे के अनुसार 1.7 करोड़ से घटकर 1.68 करोड़ हो गयी है.
आठवें स्थान पर पश्चिम बंगाल का बांग्ला दैनिक आनंद बाजार पत्रिका है. आनंद बाजार पत्रिका के पाठकों की संख्या 1.55 करोड़ है. ताजा दौर के सर्वे बताते हैं कि आनंद बाजार पत्रिका को भी 1.76 लाख पाठकों का नुकसान हुआ है.
नौंवे स्थान पर हिन्दी अखबार राजस्थान पत्रिका है. राजस्थान पत्रिका के कुल 1.4 करोड़ पाठक हैं. अन्य अखबारों की तुलना में राजस्थान पत्रिका के पाठकों की संख्या में 52,000 की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है, जबकि इसके पहले के दौर के सर्वे में राजस्थान पत्रिका को 3.42 लाख पाठकों का नुकसान हुआ था. पिछले दौर के आईआरएस सर्वे में राजस्थान पत्रिका ईनाडु से पीछे था. इस दौर के सर्वे में वह ईनाडु को पीछे धकेल नौवें नंबर पर आ गया है.
तमिल दैनिक इनाडु दसवें नंबर पर है. ईनाडु के पाठकों की संख्या 1.39 करोड़ है. उसे 4.2 लाख पाठकों का नुकसान हुआ है. यह दूसरा दौर है जब लगातार ईनाडु के पाठकों में कमी आ रही है. पिछले दो दौर के सर्वे में ईनाडु को लगभग 7 लाख पाठकों का नुकसान हुआ है.
अंग्रेजी के शीर्ष दस
भारत के शीर्ष दस अखबारों में अंग्रेजी का एक भी अखबार शामिल नहीं है. अंग्रेजी के सबसे बड़े अखबार टाईम्स आफ इंडिया के पाठकों की संख्या 1.33 करोड़ है, जबकि दूसरे नंबर के अंग्रेजी के सबसे बड़े अखबार हिन्दुस्तान टाईम्स के पाठकों की संख्या 63.4 लाख है. हिन्दू तीसरे नंबर पर है और उसके पाठकों की संख्या 53.73 लाख है. 28.18 लाख पाठकों के साथ द टेलीग्राफ चौथे नंबर पर है. 27.68 लाख पाठकों के साथ डेक्कन क्रानिकल पांचवे नंबर पर है. छठे नंबर पर टाईम्स समूह के व्यावसायिक अखबार द इकोनामिक टाईम्स को जगह मिली है. उसके कुल पाठकों की संख्या 19.17 लाख है. मुंबई से निकलनेवाला टैबलाइड मिड डे सातवें नंबर पर है. मिड-डे के पाठकों की संख्या 15.83 लाख है. आठवें नंबर पर द न्यू इंडियन एक्सप्रेस है जिसके पाठकों की संख्या 15.66 लाख है. मुंबई मिरर के पाठकों की संख्या 15.57 लाख है और वह नौवें नंबर पर है जबकि दसवें नंबर पर डीएनए है और उसके पाठकों की कुल संख्या 14.89 लाख है.

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